दिल्ली सीआरपीएफ स्कूल विस्फोट मामला: पुलिस ने 50 से अधिक लोगों से की पूछताछ, पिछले महीने हुआ था धमाका
दिल्ली के रोहिणी में स्कूल के पास विस्फोट के मामले में पुलिस ने उन पचास से ज्यादा लोगों से पूछताछ की है, जिन्हें विस्फोट से पहले घटनास्थल पर देखा गया था। पुलिस ने किसी को भी मामले में संदिग्ध नहीं माना है।
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दिल्ली पुलिस ने पिछले महीने रोहिणी में सीआरपीएफ स्कूल के पास हुए विस्फोट से पहले वहां मौजूद 50 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि इनमें एक स्थानीय निवासी भी शामिल है, जिसने विस्फोट से कुछ मिनट पहले वहां सिगरेट का टुकड़ा फेंका था। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि क्या सिगरेट के टुकड़े की वजह से ही विस्फोट हुआ, क्योंकि हमें अभी तक विस्फोटक का सही से पता नहीं है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) और फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) से रिपोर्ट का इंतजार है।
सीसीटीवी फुटेज में स्कूल के पास देखे गए थे करीब 50 लोग
अधिकारी ने यह भी कहा कि इस बात की भी पुष्टि नहीं हुई है कि विस्फोट के बाद मौके पर पाया गया सफेद पाउडर औद्योगिक कचरा था या नहीं। विस्फोट की जांच में अभी तक कोई महत्वपूर्ण जानकारी नहीं मिली है। अधिकारी के मुताबिक, विस्फोट के दस पहले सीसीटीवी फुटेज में स्कूल के पास पचास से अधिक लोग देखे गए थे। लेकिन इनमें से किसी को भी संदिग्ध नहीं माना गया है।
पुलिस ने प्रशांत विहार के निवासी से की पूछताछ
सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक, आखिरी समय पर एक आदमी वहां पर अपने कुत्ते के साथ चलता हुआ दिखाई दिया था। उसे सिगरेट पीते हुए देखा गया, जिसके बाद उसने सिगरेट का टुकड़ा फेंका और वहां से चला गया था। कुछ मिनटों के बाद वहां पर विस्फोट हुआ। यह व्यक्ति प्रशांत विहार का निवासी है और पुलिस ने उससे पूछताछ की है। लेकिन पुलिस को उस पर विस्फोट में शामिल होने का शक नहीं है।
विस्फोट से क्षतिग्रस्त हुई थी स्कूल की दीवार, वाहनों को भी नुकसान
20 अक्तूबर को रोहिणी के प्रशांत विहार क्षेत्र हुए इस शक्तिशाली विस्फोट ने स्कूल की दीवार को क्षतिग्रस्त कर दिया था। हालांकि, विस्फोट में कोई घायल नहीं हुआ। लेकिन इसके कारण आसपास की दुकानों की होर्डिंग्स और कुछ वाहनों की खिड़कियों को नुकसान पहुंचा था। पुलिस का मानना है कि यह विस्फोट एक आईईडी की वजह से हुआ, जिसे अधिकारियों को संदेश देने के लिए लगाया गया था। पुलिस को शक है कि विस्फोट एक भूरे रंग के पैकेट में लिपटा हुआ था। इसे हाइड्रोजन पेरोक्साइड, बोरैट और नाइट्रेट के मिश्रण से बनाया गया था। जिसका वजन दो किलोग्राम से अधिक था।
आतंकवाद के कोण को खारिज नहीं किया जा सकता: पुलिस
जांच में शामिल एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि मौके पर देखे गए लोगों के बारे में कई तरह की धारणाएं हैं। लेकिन हम अभी भी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचे हैं, क्योंकि हमें यह पता नहीं चला है कि किस तरह का विस्फोटक था। अधिकारी ने कहा कि अभी तक दस दिन के सीसीटीवी फुटेज की पूरी जांच की गई, जिसमें पचास से अधिक लोग देखे गए थे। सभी की पुष्टि की गई है और कोई भी संदिग्ध नहीं पाया गया। पुलिस ने मामले में आतंकवाद के कोण की संभावना को भी खारिज नहीं किया है। विस्फोट के बाद दिल्ली पुलिस की फोरेंसिक टीम और एनएसजी के विशेषज्ञों ने मौके से नमूने एकत्र किए घटना के एक दिन बाद पुणे से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की एक टीम भी मौके पर गई और नमूने एकत्र किए।
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