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चेन्नई से दोस्त का शव लेकर पहुंचा मिजोरम, फिर पुरस्कार राशि को कोरोना से लड़ने में दान किया

Fri, 01 May 2020 01:25 PM IST
अनवर अंसारी पीटीआई, आइजोल
पीटीआई, आइजोल Published by: अनवर अंसारी Updated Fri, 01 May 2020 01:25 PM IST
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Man travels 3000 km body of friend to Mizoram after his death in Chennai, Then donated prize money fight Coronavirus
coronavirus - फोटो : PTI

चेन्नई से अपने दोस्त के शव को मिजोरम लाने के लिए एक शख्स ने करीब 3,000 किलोमीटर का सफर तय किया और अब पुरस्कार के तौर पर मिली राशि को उसने कोविड-19 वैश्विक महामारी से जंग के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष (सीएमआरएफ) में दान कर दिया है।

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मिजोरम के सुदूर दक्षिणी कोने में स्थित लॉन्गतलई जिले के हमांगबु गांव के निवासी, 23 वर्षीय रफायल एवीएल मलछनहिमा ने 5,000 रुपये गुरुवार को मुख्यमंत्री राहत कोष में दान कर दिए। मिजोरम के मुख्यमंत्री जोरामथंगा ने युवा के नेक कार्यों के लिए उसकी सराहना एक नायक के तौर पर की।
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उन्होंने ट्वीट किया, 'मानवता में भरोसा एक बार फिर बहाल हुआ है। अपने दोस्त के शव को 3,000 किलोमीटर से अधिक दूरी तक साथ लाने के नि:स्वार्थ एवं वीरतापूर्ण कार्य के बाद, रफायल एवीएल मलछनहिमा ने सरकार द्वारा निर्धारित पृथक केंद्र से मुख्यमंत्री राहत कोष में 5,000 रुपये दान किए।'
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मलछनहिमा ने कहा कि उन्होंने छोटे से तरीके से अपना योगदान दिया है क्योंकि वह अपने राज्य में लोगों के सामने आ रही दिक्कतों को जानते हैं। मलछनहिमा ने कहा, 'मैं जानता हूं कि फिलहाल मेरा राज्य उस संकट का सामना कर रहा है जिसने लोगों के लिए बहुत दिक्कतें खड़ी कर दी हैं। मेरे पास बहुत सीमित संसाधन है और मैं अपने राज्य के लिए बहुत कम कर सकता हूं। मैंने कोरोना वायरस के खिलाफ जंग के लिए 5,000 रुपये दान किए हैं।'

दसवीं कक्षा तक पढ़ाई पूरी करने वाले मलछनहिमा अपने परिवार के गुजर-बसर के लिए चेन्नई के एक होटल में काम करते हैं। मलछनहिमा फिलहाल आइजोल में राज्य सरकार के एक केंद्र में पृथक-वास में हैं।


उन्होंने कहा, 'मैं यहां अच्छा वक्त बिता रहा हूं। सरकार जो कुछ दे सकती है हमें दे रही है। मैं उनकी ओर से की जा रही देखभाल से खुश हूं।' उन्होंने दूसरों से भी मुख्यमंत्री राहत कोष में दान देने की अपील की है, चाहे राशि कितनी भी मामूली हो।

डिलिवरी करने वाले एक लड़के किमा राल्टे की भी मुख्यमंत्री ने तारीफ की है जिसने अपनी बचत से 100 रुपये राहत कोष में दान किए हैं।

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