नोटबंदी: ममता ने मोदी सरकार पर बोला हमला, कहा वापस लें ये 'काला' फैसला
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पांच सौ और हजार के नोटों को बंद करने के केंद्र के फैसले के खिलाफ अपनी मुहिम तेज कर दी है। उन्होंने शनिवार को एक बार फिर इस मुद्दे पर मोदी सरकार पर हमला बोला।
उन्होंने कहा कि केंद्र का यह ‘काला’ राजनीतिक फैसला आम लोगों के खिलाफ है। इसलिए इसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए। ममता ने इस मुद्दे पर एक कविता भी लिखी है। उन्होंने यहां अपने एक ट्वीट में कहा कि इस जनविरोधी काले राजनीतिक फैसले को वापस लें।
देशभर के बाजार डूब रहे हैं, लोगों की खरीदने की क्षमता ढह रही है और उनको तकलीफ हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे पहले भी इस फैसले को वापस लेने की मांग कर चुकी हैं। लेकिन युवा वर्ग से लेकर बूढ़ों तक समाज के हर तबके की दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए वे एक बार फिर केंद्र से इसकी अपील करती हैं।
This anti-people, anti-poor Govt has no moral right to continue in power. This is a dictatorship: WB CM Mamata Banerjee on demonetisation pic.twitter.com/xAPXal400n
— ANI (@ANI_news) November 12, 2016
'सरकार के फैसले से हवालाकारोबारियों को हो रहा फायदा'
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि यह फैसला एक बड़ा काला घोटाला साबित हुआ है। इससे आम लोगों की दिक्कतें बढ़ी हैं लेकिन मनी लांड्रिंग करने वालों को फायदा हुआ है। ममता ने इससे पहले कल तमाम विपक्षी राजनीतिक दलों से केंद्र की कथित गरीब-विरोधी सरकार के खिलाफ लामबंद होने की अपील की थी।
उन्होंने कहा था कि आइए हम इस राजनीतिक और आर्थिक तानाशाही के खिलाफ मिलकर आवाज उठाएं। ममता ने प्रधानमंत्री का मखौल उड़ाते हुए कहा कि देश के लोगों को गरीब बनाकर मोदी जी जापान चले गए हैं।
ध्यान रहे कि तृणमूल कांग्रेस ने संसद के शीतकालीन अधिवेशन के पहले दिन 16 नवंबर को राज्यसभा में इस मुद्दे पर बहस का नोटिस दिया है। लोकसभा में तृणमूल के नेता सुदीप बनर्जी ने कहा कि पार्टी इस मुद्दे पर उस दिन संसद में कार्य स्थगन प्रस्ताव भी पेश करेगी।