{"_id":"5d80edef8ebc3e017941e96d","slug":"mamata-banerjee-to-discuss-issues-related-to-west-bengal-in-the-meeting-with-pm-modi","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रधानमंत्री से मुलाकात में पश्चिम बंगाल से जुड़े मुद्दों पर करेंगे बात: ममता बनर्जी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
प्रधानमंत्री से मुलाकात में पश्चिम बंगाल से जुड़े मुद्दों पर करेंगे बात: ममता बनर्जी
Tue, 17 Sep 2019 08:28 PM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: Trainee Trainee
Updated Tue, 17 Sep 2019 08:28 PM IST
विज्ञापन
ममता बनर्जी और पीएम मोदी (फाइल फोटो)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से होने वाली मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताते हुए कहा कि वह इस दौरान राज्य से जुड़े कई मुद्दों को उनके सामने उठाएंगी, जिसमें राज्य को मिलने वाला कोष का मुद्दा अहम है।
मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी के लिए रवाना होने से पहले हवाईअड्डे पर संवाददाताओं से बातचीत में बनर्जी ने कहा कि वह राज्य के नाम में परिवर्तन, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के विलय जैसे मुद्दों को उठाएंगी।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी की उनकी यात्रा नियमित कामकाज का हिस्सा है। दोनों नेताओं के बीच मुलाकात को लेकर बने माहौल के बीच उनकी यह टिप्पणी आई है। हाल के आम चुनाव से ही उनके रिश्ते अच्छे नहीं है।
विज्ञापन
राज्य सचिवालय के सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री की मुलाकात बुधवार शाम साढ़े चार बजे होनी है। तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ने कहा, मैं अमूमन दिल्ली नहीं जाती हूं। मैं कहीं भी इसलिए नहीं जाती हूं, क्योंकि यहां पर मेरे उपर कुछ जिम्मेदारियां हैं। हमें कुछ प्रशासनिक कारणों से नई दिल्ली जाना पड़ रहा है, क्योंकि यह राजधानी है और वहीं पर संसद है, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री वहीं रहते हैं। इसलिए हमें वहां जाने की जरूरत है। यह नियमित काम का हिस्सा है।
बनर्जी ने कहा, इस बार मैं उस पैसे के बारे में बात करने जा रही हूं जो पश्चिम बंगाल को मिलना चाहिए। मैं पश्चिम बंगाल का नाम बदलने जैसे मुद्दे भी उठाऊंगी।
उन्होंने कहा, संकट से जूझ रहे एयर इंडिया, बीएसएनएल और रेलवे का मुद्दा, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का विलय जैसे मुद्दों को उठाएंगी। इन लोगों (इन संगठनों के कर्मचारी) की सुनवाई जब कहीं नहीं हुई तो वे हमारे पास आए।
केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल का नाम बांग्ला करने के राज्य सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी देने से इनकार कर दिया था। केंद्र ने कहा था कि इस कदम के लिए संविधान संशोधन की आवश्यकता है। इसके बाद बनर्जी ने जुलाई में प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मुद्दे को उठाया था और उनसे मामले में शीघ्रता बरतने की अपील की थी।
विज्ञापन
मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी के लिए रवाना होने से पहले हवाईअड्डे पर संवाददाताओं से बातचीत में बनर्जी ने कहा कि वह राज्य के नाम में परिवर्तन, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के विलय जैसे मुद्दों को उठाएंगी।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी की उनकी यात्रा नियमित कामकाज का हिस्सा है। दोनों नेताओं के बीच मुलाकात को लेकर बने माहौल के बीच उनकी यह टिप्पणी आई है। हाल के आम चुनाव से ही उनके रिश्ते अच्छे नहीं है।
विज्ञापन
राज्य सचिवालय के सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री की मुलाकात बुधवार शाम साढ़े चार बजे होनी है। तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ने कहा, मैं अमूमन दिल्ली नहीं जाती हूं। मैं कहीं भी इसलिए नहीं जाती हूं, क्योंकि यहां पर मेरे उपर कुछ जिम्मेदारियां हैं। हमें कुछ प्रशासनिक कारणों से नई दिल्ली जाना पड़ रहा है, क्योंकि यह राजधानी है और वहीं पर संसद है, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री वहीं रहते हैं। इसलिए हमें वहां जाने की जरूरत है। यह नियमित काम का हिस्सा है।
बनर्जी ने कहा, इस बार मैं उस पैसे के बारे में बात करने जा रही हूं जो पश्चिम बंगाल को मिलना चाहिए। मैं पश्चिम बंगाल का नाम बदलने जैसे मुद्दे भी उठाऊंगी।
उन्होंने कहा, संकट से जूझ रहे एयर इंडिया, बीएसएनएल और रेलवे का मुद्दा, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का विलय जैसे मुद्दों को उठाएंगी। इन लोगों (इन संगठनों के कर्मचारी) की सुनवाई जब कहीं नहीं हुई तो वे हमारे पास आए।
केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल का नाम बांग्ला करने के राज्य सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी देने से इनकार कर दिया था। केंद्र ने कहा था कि इस कदम के लिए संविधान संशोधन की आवश्यकता है। इसके बाद बनर्जी ने जुलाई में प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मुद्दे को उठाया था और उनसे मामले में शीघ्रता बरतने की अपील की थी।