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शिलॉन्ग में होगी राजीव कुमार से पूछताछ, पढ़िए क्या हुआ सुप्रीम कोर्ट में आज

Tue, 05 Feb 2019 11:57 AM IST
अजय सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अजय सिंह Updated Tue, 05 Feb 2019 11:57 AM IST
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Mamata banerjee cbi police commissioner rajeev kumar protest clash with centre sc
कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार
सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को सीबीआई और पश्चिम बंगाल पुलिस को कमिश्नर से पूछताछ से शुरू हुए विवाद को लेकर सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 20 फरवरी को तय की है। कोर्ट ने कोलकाता पुलिस के मुखिया को जांच के लिए पेश होने को कहा है। दोनों ही पक्षों ने तटस्थ जगह को पेशी के लिए निर्धारित करने को कहा था जिसके बाद कोर्ट ने मेघालय के शिलॉन्ग को पेशी के लिए चुना है। 
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पुलिस ने गलत कॉल डेटा दिया?

अटॉर्नी जनरल ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा गठित एसआईटी का नेतृत्व कोलकाता के पुलिस आयुक्त राजीव कुमार कर रहे थे। इसने सबूतों के साथ छेड़छाड़ की और मामले की सही तरीके से जांच नहीं की। उन्होनें कहा कि बंगाल में संवैधानिक संस्थानों की हालत खराब है। वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि जांच भटकाने के लिए एसआईटी ने सीबीआई को गलत कॉल्स डेटा मुहैया कराया था। 
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वहीं बंगाल सरकार की तरफ से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि सीबीआई कोलकाता पुलिस कमिश्नर को परेशान करना चाहती है। उन्होंने कहा कि सीबीआई अफसरों को परेशान कर रही है। उन्होनें आरोप लगाया कि सीबीआई ने अपना नंबर बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि इतनी जल्दी क्या है? पांच साल तक कोई एफआईआर नहीं हुई, राजीव कुमार के खिलाफ सबूत नष्ट करने का मामला नहीं दर्ज किया गया।
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सीबीआई के हलफनामे की मानें तो एसआईटी की जांच में मिले लैपटॉप, मोबाइल और अन्य सबूत पश्चिम बंगाल पुलिस ने शारदा घोटाले के मुख्य आरोपी को सौंपे। पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के निर्देशों पर काम कर रही थी। हालांकि कोर्ट ने पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार को जांच में सहयोग करने को कहा। अवमानना मामले की सुनवाई बाद में होगी।

कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव, डीजीपी, कोलकाता पुलिस आयुक्त को सीबीआई द्वारा उनके खिलाफ दायर अवमानना याचिकाओं पर जवाब दायर करने को कहा है।

पेश होने में राजीव कुमार को क्या समस्या?: कोर्ट

मुख्य न्यायधीश रंजन गोगोई ने तल्ख लहजे में पूछा कि आखिर राजीव कुमार को सीबीआई के सामने पेश होने में क्या समस्या है? वह पेश क्यों नहीं हो रहे हैं? उन्होंने ममता सरकार से भी पूछा कि क्या आपको हमारी जांच से कोई परेशानी है? 

बता दें कि केंद्रीय एजेंसी ने राजीव कुमार पर जांच में सहयोग नहीं करने का आरोप लगाते हुए कोर्ट का रूख किया था। सीबीआई ने कहा कि कोलकाता पुलिस के मुखिया ने सबूतों के साथ छेड़छाड़ की और लगातार समन भेजने के बावजूद भी सहयोग नहीं करने की बात कही थी। कोर्ट ने कहा कि सीबीआई अपने आरोपों को साबित करने के लिए सबूत पेश करें, फिर हम ऐसी कार्रवाई करेंगे वह जीवनभर पछताएंगे।

क्या है चिटफंड घोटाला

पश्चिम बंगाल से जुड़े शारदा ग्रुप ने 2013 में गलत तरीके से निवेशकों से पैसे जुटाए और उन्हें वापस नहीं किया। शारदा ग्रुप पर करीब 10 लाख निवेशकों से 2500 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी करने का अनुमान है।

वहीं रोजवैली के अध्यक्ष गौतम कुंडु पर आरोप है कि उन्होंने चिटफंड योजनाओं के जरिये छोटे निवेशकों के साथ करीब 17,000 करोड़ रुपये की ठगी की है। माना जाता है कि इन दोनों कंपनियों के तार सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस से भी जुड़े हुए हैं। 
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