West Bengal: ममता बनर्जी को 92, अमित शाह को 93 नंबर, बंगाल TET रिजल्ट के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप
बंगाल टीईटी परीक्षा मेरिट लिस्ट में ममता बनर्जी, अमित शाह, सुवेंदु अधिकारी जैसे नेताओं के नाम भी शामिल हैं। वहीं परिणाम सामने आने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों के हाथ-पांव फुल गए हैं।
विस्तार
पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के द्वारा आयोजित टीईटी परीक्षा परिणाम देखने के बाद अभ्यर्थियों के साथ-साथ शिक्षा विभाग के कई अधिकारी भी हैरान रह गए। दरअसल, इस बार जो परिणाम आया है उसमें कई बड़े राजनेताओं के भी नाम शामिल हैं। इन सभी नेताओं के नंबर भी जारी किए गए हैं। मेरिट लिस्ट में ममता बनर्जी, अमित शाह, सुवेंदु अधिकारी जैसे नेताओं के नाम भी शामिल हैं। वहीं परिणाम सामने आने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों के हाथ-पांव फुल गए हैं। आनन-फानन में जांच के आदेश दिए गए हैं। बोर्ड के अध्यक्ष गौतम पॉल का नाम भी मेरिट लिस्ट में शामिल है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने पर इसकी पूरी जानकारी दी जाएगी। आपको बता दें कि मेरिट लिस्ट में पार्थ चटर्जी के साथ-साथ पुष्पा का भी नाम शामिल है।
सभी नेताओं के नंबर भी हुए जारी
ममता बनर्जी ने 92 अंक हासिल किए जबकि सुवेंदु अधिकारी ने 100 अंक हासिल कर लिए। अमित शाह का रोल नंबर 075020639 अंकित है और उन्होंने 93 नंबर प्राप्त किए हैं। दिलीप घोष और सुजान चक्रवर्ती दोनों ने 92 अंक हासिल किए। राज्य में भर्ती घोटाले की जांच तेज होने के साथ ही सोमवार को पश्चिम बंगाल के प्रमुख नेताओं के नामों की एक मेरिट सूची से हड़कंप मच गया। सबसे हैरानी की बात यह कि इस लिस्ट में अमित शाह का नाम भी शामिल है।
हाईकोर्ट पहुंचा मामला
वहीं वकीलों के एक समूह ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति अभिजीत गंगोपाध्याय के समक्ष असामान्य नामों का मुद्दा उठाया और अदालत से यह पता लगाने का आग्रह किया कि क्या ये नाम परीक्षा में बैठने वाले उम्मीदवारों से संबंधित हैं या नहीं। वकीलों के अनुसार, नाम पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड (डब्ल्यूबीबीपीई) द्वारा आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) 2014 की मेरिट सूची का हिस्सा थे, जिसे हाल ही में जारी किया गया है।
शिक्षा विभाग ने दी सफाई
बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष गौतम पाल ने कहा कि सूची में तीन ऐसे उम्मीदवार हैं जिनका नाम गौतम पाल है और ये सभी असली उम्मीदवार हैं। बोर्ड के अध्यक्ष ने कहा कि यह विवाद राज्य को बदनाम करने के लिए एक राजनीतिक मकसद से खड़ा किया गया है। वहीं अभ्यर्थियों का कहना है 2014 टीईटी क्वालीफायर की सूची में कई भ्रमित करने वाली चीजें थीं। सोमवार को कुछ अभ्यर्थी भ्रम की स्थिति दूर करने के लिए बोर्ड ऑफिस भी पहुंचे।