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साकेत कोर्ट ने मलविंदर और शिविंदर को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेजा
Fri, 11 Oct 2019 12:55 PM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Sneha Baluni
Updated Fri, 11 Oct 2019 12:55 PM IST
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मलविंदर-शिविंदर सिंह
- फोटो : ANI
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रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर्स मलविंदर सिंह और शिविंदर सिंह के अलावा अन्य तीन आरोपियों सुनील गोधवानी, कवि अरोड़ा और अनिल सक्सेना को शुक्रवार को पुलिस दिल्ली ने साकेत अदालत में पेश किया। जहां से अदालत ने सभी आरोपियों को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
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Delhi's Saket Court sends Ranbaxy's former promoters Malvinder Singh -Shivinder Singh & three others - Sunil Godhwani, Kavi Arora and Anil Saxena, to police remand for 4 days. pic.twitter.com/wwaXcA6J9n
— ANI (@ANI) October 11, 2019विज्ञापन
वहीं दूसरी ओर शुक्रवार को रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर मलविंदर सिंह ने दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटाखटाया। उन्होंने अपने खिलाफ दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की है। उनका कहना है कि यह उसके अधिकार क्षेत्र से बाहर है। उनकी इस याचिका पर अदालत ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है।
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गुरुवार को पुलिस ने रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर मालविंदर सिंह को देर रात गिरफ्तार कर लिया था। मलविंदर सिंह को आर्थिक अपराध शाखा की टीम ने गुरुवार देर रात पंजाब से पकड़ा। इससे पहले दिल्ली पुलिस शिविंदर सिंह को धोखाधड़ी और ठगी के आरोप में गिरफ्तार कर चुकी है।
बता दें कि मालविंदर की गिरफ्तारी से पहले फोर्टिस के पूर्व प्रमोटर शिविंदर सिंह समेत चार लोगों को दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने गिरफ्तार किया। दिल्ली पुलिस ने रेलिगेयर एंटरप्राइजेज लिमिटेड द्वारा मिली शिकायत के आधार पर इनको गिरफ्तार किया। रेलिगेयर का आरोप है कि इन तीनों लोगों ने कंपनी से मिले फंड में हेराफेरी करते हुए उसे बिना जानकारी के डायवर्ट किया।
ईडी ने मारा था छापा
इससे पहले अगस्त में प्रवर्तन निदेशालय ने सिंह बधुओं, रेलिगेयर एंटरप्राइजेज लिमिटेड (आरईएल) के पूर्व चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) सुनिल गोधवानी, आरईएल के कार्यकारी अधिकारी एन के घोषाल, हेमंत ढींगरा से जुड़े सात ठिकानों पर छापेमारी की गई।एजेंसी की ओर से प्रवर्तन मामला जांच रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज करने के बाद यह कार्रवाई की गई है। ईसीआईआर पुलिस प्राथमिकी के समान होती है। पिछले साल दिसंबर में दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की आपराधिक धाराओं में ईसीआईआर दर्ज की गई थी।