Makar Sankranti: उत्तरायण में मोदी, राम मंदिर और ईडी की पतंग की जबरदस्त डिमांड, महंगी है पर मांग में कमी नहीं
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विस्तार
देश में मकर संक्रांति में पतंग उड़ाने की पुरानी परंपरा रही है। कई राज्यों में यह त्योहार धूमधाम से मनाया जाता है। लेकिन इस बार उत्तरायण का पर्व भी राममय दिखाई दे रहा है। क्योंकि भगवान श्रीराम के फोटो वाली पतंग की भारी डिमांड बाजारों में है। इसके अलावा पीएम मोदी की फोटो वाली पतंग की मांग भी तेज है। बाजार में दोनों टाइप की पतंगें खूब बिक रही हैं।
गुजरात, मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, यूपी और महाराष्ट्र के कई शहरों में उत्तरायण के दिन पतंग महोत्सव का आयोजन होता है। इस दौरान लोगों का उत्साह देखते ही बनता है। इस बार राम मंदिर उद्घाटन के पहले उत्तरायण का पर्व आ रहा है। इसलिए राम मंदिर वाली पतंग की ज्यादा मांग है। इंदौर, जयपुर, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई, पुणे, जयपुर और रायपुर बड़ी तादाद में पतंग विक्रेता हैं। इन शहरों से देश के कई हिस्सों में पतंग भेजी जाती हैं।
अमर उजाला से चर्चा में सूरत के एक पतंग विक्रेता ने बताया कि पतंग की डिमांड इस कदर है कि 1 जनवरी को एक लाख का माल दुकान में भरवाया था, जो 10 दस जनवरी तक खत्म हो गया है। सूरत और अहमदाबाद से पूरे गुजरात में पतंग सप्लाई हो रही है। इसके अलावा विदेश में हमारे सुरती मांझे की काफी डिमांड होती है। अन्य राज्यों के लोग यहां आकर खरीदारी करते हैं। लेकिन अमेरिका, लंदन, साउथ अफ्रीका और दुबई हम कूरियर के जरिए मांझा भेजते हैं।
इंदौर के एक पतंग विक्रेता का कहना है कि इस साल अयोध्या के राम मंदिर, पीएम नरेंद्र मोदी और साल 2024 वाली पतंगों की डिमांड है। सबसे ज्यादा डिमांड पीएम मोदी पतंग की मांग हो रही है। इसके बाद अयोध्या के राम मंदिर और वर्ष 2024 की पतंगें लोग मांग रहे हैं। पतंग के थोक विक्रेताओं के अनुसार राम मंदिर और मोदी मिशन पतंग की एडवांस बुकिंग तक हुई है। राज्यों में भाजपा द्वारा 5 से 6 हजार तक पतंगों का एडवांस ऑर्डर दिया गया है। पीएम मोदी के चाहने वाले एक पतंग खरीदने के लिए 200 रुपये तक भी खर्च कर रहे हैं।
झारखंड में ईडी पतंग की डिमांड
इन दिनों ईडी की कार्रवाई को लेकर झारखंड बेहद चर्चा में है। ऐसे में पब्लिक की डिमांड पर पतंग के थोक विक्रेताओं ने ईडी के लोगो वाली पतंग बनवाई है। ईडी पतंग की डिमांड रांची में जबरदस्त है। रांची के कर्बला चौक में पतंग के थोक कारोबारी कहते हैं कि राज्य में इस बार संक्रांति के अवसर पर पतंग बाजार में ईडी, सीबीआई, एनआईए जैसे पतंगों की काफी डिमांड है। बाजार में ईडी पतंग आ चुका है वहीं सीबीआई और एनआईए पतंग जल्द ही बाजार में पहुंच जाएगी।
इसलिए पतंग की कीमतों में आई उछाल
इस बार बेमौसम बारिश होने के कारण पतंग की कीमतों में 15 से 30 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। पतंग के विक्रेताओं का कहना है कि पतंग में बांस की जो डंडियां लगती है, वे भीगी हुई आ रही थीं। इससे चिपकाने के लिए कुछ अलग रसायनों का इस्तेमाल करना पड़ा है। इसी वजह से पतंगों के दाम बढ़ गए हैं।
दरअसल, मकर संक्रांति को पूरे भारत में अलग-अलग नामों से जाना जाता है। मकर संक्रांति को गुजरात में उत्तरायण, पूर्वी उत्तर प्रदेश में खिचड़ी, असम में माघ बिहू और दक्षिण भारत में पोंगल और एमपी-राजस्थान और छत्तीसगढ़ में संक्रांति के रूप में मनाया जाना जाता है। इस साल मकर संक्रांति 15 जनवरी को मनाई जाएगी। यह दिन सूर्य के धनु से मकर राशि में संक्रमण का प्रतीक है। भारत में लोग इस खगोलीय घटना को बड़े उत्साह के साथ मनाते हैं।