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Mahua Moitra: महुआ मोइत्रा पर आचार समिति की रिपोर्ट में क्या-क्या? जिनके चलते टीएमसी सांसद की सदस्यता रद्द हुई
Fri, 08 Dec 2023 04:37 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Fri, 08 Dec 2023 04:37 PM IST
सार
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा को संसद सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया है। आचार समिति की रिपोर्ट में गंभीर रूप से गलत आचरण के लिए महुआ मोइत्रा को दंड देने की मांग की गई थी।
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Mahua Moitra
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
संसद की आचार समिति ने पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने के मामले में अपनी रिपोर्ट लोकसभा में पेश कर की, जिस पर लोकसभा में चर्चा के बाद महुआ मोइत्रा को संसद सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया है। संसद की आचार की रिपोर्ट में भी पैसे लेकर सवाल पूछने के मामले में टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा को संसद सदस्यता से निष्कासित करने की सिफारिश की गई थी। बता दें कि रिपोर्ट में गंभीर रूप से गलत आचरण के लिए महुआ मोइत्रा को दंड देने की मांग की गई थी। आचार समिति ने महुआ मोइत्रा को लोकसभा की 17वीं लोकसभा की सदस्यता से निष्कासित करने की सिफारिश की गई थी।
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महुआ मोइत्रा पर लगे थे ये आरोप
रिपोर्ट में कहा गया है कि टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने अनैतिक, आपत्तिजनक और गंभीर अपराध किया। रिपोर्ट में सिफारिश की गई थी कि इस मामले में भारत सरकार एक कानूनी और संस्थागत जांच कराएं, जो एक तय समय सीमा में खत्म होनी चाहिए। महुआ मोइत्रा पर आरोप थे कि उन्होंने संसद में सवाल पूछने के बदले कारोबारी दर्शन हीरानंदानी से गिफ्ट लिए थे। जिसमें टीएमसी सांसद ने दर्शन हीरानंदानी से कार और दो करोड़ रुपये की नकदी भी शामिल थी।
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भाजपा सांसद हिना गवित ने दिए ये तर्क
भाजपा सांसद हिना वी. गवित ने लोकसभा में महुआ मोइत्रा मामले पर चर्चा के दौरान कहा कि 'विपक्ष का आरोप है कि आज ही रिपोर्ट पेश हुई और आज ही इस पर चर्चा हो रही है तो मैं बता दूं कि 2005 में उसी दिन रिपोर्ट आई थी और उसी दिन 10 सांसदों को निष्कासित कर दिया गया था। देश में यह पहली ऐसी घटना नहीं हुई है, इससे पहले 1951-52 में तत्कालीन सांसद मुदगल जी को भी पैसे लेने के आरोप में संसद की सदस्यता से निष्कासित किया गया था। कुल 13 सांसद ऐसे ही आरोपों में संसद से निष्कासित किए जा चुके हैं।'
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भाजपा सांसद हिना वी. गवित ने कहा कि 'पिछले दो घंटे में उन्होंने पूरी रिपोर्ट पढ़ी है और पता नहीं विपक्ष के विद्वान सांसद इतने समय में रिपोर्ट कैसे नहीं पढ़ पाए! मैंने जो रिपोर्ट पढ़ी है उसके अनुसार, बिजनेसमैन दर्शन हीरानंदानी की कंपनी का पांच सेक्टर में इंटरेस्ट है, जिनमें टेलीकॉम, शिपिंग, पेट्रोलियम, रियल एस्टेट और पाइप लाइन। टीएमसी सांसद ने अपने संसद कार्यकाल के दौरान कुल 61 सवाल पूछे, जिनमें से 50 सवाल इन्हीं पांच सेक्टर्स पर पूछे थे। 47 बार दुबई से इनका अकाउंट लॉग इन हुआ है। छह बार यूके, यूएस और नेपाल से सवाल अपलोड किए गए हैं और यह बात खुद टीएमसी सांसद ने आचार समिति के सामने स्वीकार की है।' आचार समिति के सामने टीएमसी सांसद को अपनी बात रखने का पूरा मौका दिया गया है। साथ ही दर्शन हीरानंदानी ने खुद हलफनामा देकर आचार समिति को इसकी पूरी जानकारी दी है।
महुआ मोइत्रा ने खुद स्वीकारी लॉग इन पासवर्ड साझा करने की बात
'जब हम सांसद बनते हैं तो हम सभी को नियमों के तहत संसद के लॉग इन और पासवर्ड मिलते हैं। सांसद बनने पर हम जिन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करते हैं, उनमें साफ लिखा होता है कि हम किसी के साथ इन लॉग इन पासवर्ड को साझा नहीं कर सकते जबकि महुआ मोइत्रा ने खुद स्वीकार किया कि उन्होंने लॉग इन पासवर्ड साझा किए। आप नैचुरल जस्टिस की बात करते हैं लेकिन आप खुद नियम तोड़ रहे हैं।'
'ये पक्ष या विपक्ष का सवाल नहीं है बल्कि संसद की मर्यादा का सवाल है। संसदीय आचरण का सवाल है। इस एक घटना के कारण पूरी दुनिया में हमारे सांसदों की छवि खराब हो रही है। इससे ये संदेश जा रहा है कि हमारे सांसद अपने सवाल खुद नहीं पूछते बल्कि कोई और उनके सवाल पूछता है और कोई उन्हें पैसे दे तो वह जोर-जोर से चिल्ला-चिल्लाकर सदन में उनके सवाल पूछते हैं। हम यहां जनप्रतिनिधि के नाते यहां बैठते हैं और यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम जनता से जुड़े सवाल पूछें ना कि किसी निजी निकाय के सवाल।'