सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद केंद्र ने कहा, ताजमहल के ढांचे को कोई खतरा नहीं
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सुप्रीम कोर्ट ने दुनिया के सात अजूबों में शुमार ताजमहल को लेकर केंद्र सरकार की उपेक्षा पर कड़ी फटकार लगाई थी। कोर्ट ने बुधवार को तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि या तो हम ताजमहल को बंद कर देंगे या फिर आप इसे ढहा दें। कोर्ट पिछले 31 सालों से दुनिया की इस धरोहर का संरक्षण कर रही है और समय-समय पर इसके संरक्षण के लिए आदेश देती रही है। लेकिन लगता है कि कोर्ट के आदेश निरर्थक रहे हैं क्योंकि बढ़ते प्रदूषण की वजह से ताज को नुकसान पहुंच रहा है।
कोर्ट की फटकार के बाद केंद्रीय संस्कृति राज्य मंत्री महेश शर्मा का कहना है कि ताज के ढांचे को कोई खतरा नहीं है। उन्होंने कहा, 'मैं हर किसी को आश्वस्त करना चाहता हूं कि ताज महल के ढांचे को कोई खतरा नहीं है और ना ही उसके असली रंग में कोई बदलाव आया है। हम इससे संबंधित हलफनामा सुप्रीम कोर्ट में जमा करवा देंगे।' इससे पहले जून महीने में शर्मा ने कहा था कि वह एक वैज्ञानिक अध्ययन आयोजित किया जाएगा जो यह पता लगाएगा कि ताज महल का वास्तव में रंग क्या है और इसकी रिपोर्ट कोर्ट में दी जाएगी।
बुधवार को दिए अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने ताजमहल की सुरक्षा को लेकर किेए जा रहे उपायों का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार को सुस्त बताया था। कोर्ट ने कहा था कि आप लोग ताजमहल की देखभाल को लेकर गंभीर नहीं है और ना ही आपको इसकी परवाह है। ताज महल के रख-रखाव को लेकर दायर की गई याचिका की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा था कि ताज 'एफिल टॉवर' से भी ज्यादा सुंदर है और यह अधिक सुंदर है और यह देश की विदेशी मुद्रा की समस्या को भी हल कर सकता है।
बता दें कि 16वीं सदी में बने इस संगमरमर के मकबरे की सुंदरता को देखने के लिए सिर्फ देश से ही नहीं बल्कि विदेशों से हर साल हजारों पर्यटक आते हैं। इस मकबरे को प्रेम का प्रतीक माना जाता है। क्योंकि इसे मुगल बादशाह शाहजहां ने अपनी बेगम मुमताज की याद में बनवाया था। तीन दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने ताजमहल में नमाज पढ़ने पर रोक लगा दी थी।
I want to assure everyone that there is no danger to the Taj Mahal's structure and there has been no change in its original colour. We will submit an affidavit in this regard in the Supreme Court: Mahesh Sharma, Union Minister of State for Culture pic.twitter.com/Ku5ykQG97m
— ANI (@ANI) July 12, 2018