{"_id":"5e0e0836beab98ea721897e0","slug":"maharashtra-tableaux-will-not-be-seen-in-republic-day-parade","type":"story","status":"publish","title_hn":"प. बंगाल के बाद महाराष्ट्र-बिहार की झांकी को भी परेड के लिए नहीं मिली हरी झंडी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
प. बंगाल के बाद महाराष्ट्र-बिहार की झांकी को भी परेड के लिए नहीं मिली हरी झंडी
Thu, 02 Jan 2020 10:11 PM IST
अमित मंडल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: अमित मंडल
Updated Thu, 02 Jan 2020 10:11 PM IST
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NCP leader Supriya Sule
- फोटो : ANI
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गणतंत्र दिवस की परेड में इस बार महाराष्ट्र और बिहार की झांकी भी नहीं दिखाई देगी। केंद्र सरकार ने इन्हें परेड के लिए अस्वीकार कर दिया है। इसके साथ ही आरोपों का दौर भी शुरू हो गया है। इनके अलावा प. बंगाल की झांकी का प्रस्ताव भी अस्वीकार कर दिया गया है।
राजद का केंद्र पर निशाना
गणतंत्र दिवस परेड में ‘जल जीवन हरियाली मिशन’ पर आधारित बिहार सरकार की झांकी के प्रस्ताव को केंद्र सरकार ने खारिज कर दिया है। प्रस्ताव के खारिज होने का मतलब है कि राष्ट्रीय राजधानी में राजपथ पर भव्य गणतंत्र दिवस परेड में बिहार का प्रतिनिधित्व नहीं होगा।
दिल्ली स्थित बिहार सूचना केंद्र के सूत्रों ने बिहार की झांकी के प्रस्ताव के खारिज होने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि प्रस्ताव को इस आधार पर स्वीकृति नहीं मिली कि यह राज्यों की झांकियों के चयन के लिए जरूरी मानकों को पूरा नहीं कर सकी।
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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में हरित क्षेत्र और भूजल स्तर को बढ़ावा देने के लिए अक्टूबर 2019 में ‘जल-जीवन-हरियाली मिशन’ की शुरुआत की थी। बिहार ने इसी थीम पर आधारित झांकी का प्रस्ताव दिया था। विपक्षी राजद ने झांकी का प्रस्ताव खारिज होने पर केंद्र की राजग सरकार पर निशाना साधते हुए उस पर बिहार के लोगों का अपमान करने का आरोप लगाया।
शिवसेना-एनसीपी का हमला
वहीं, मराठी रंगमंच के 175 साल पूरे होने के अवसर की थीम पर ही झांकी बनाई गई थी। इसे लेकर शिवसेना और राकांपा ने केंद्र सरकार पर निशाने पर लेते हुए पक्षपात का आरोप लगाया है। बता दें कि पश्चिम बंगाल की झांकी को भी परेड में शामिल नहीं किया गया है जिसे लेकर तृणमूल कांग्रेस भाजपा और केंद्र सरकार पर हमलावर है।
शिवसेना के सांसद संजय राउत ने केंद्र सरकार पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए हमला बोला है। राउत ने कहा कि महाराष्ट्र की झांकी हमेशा से देश का आकर्षण रही है। अगर कांग्रेस के कार्यकाल में ऐसा हुआ होता तो महाराष्ट्र भाजपा हमलावर हो जाती।
राकांपा सांसद सुप्रिया सुले ने भी इसे लेकर केंद्र को घेरा है। सुप्रिया सुले ने आरोप लगाया कि केंद्र ने गणतंत्र दिवस परेड के लिए गैर-भाजपा शासित महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल की झांकियों को अनुमति देने से इनकार कर दिया है। उन्होंने केंद्र सरकार पर पूर्वाग्रह से ग्रस्त होने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों ने स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और उनकी झांकियों को अनुमति नहीं देना लोगों का अपमान जैसा है। सुले ने ट्वीट किया- केंद्र ने गणतंत्र दिवस पर परेड के लिए महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल की झांकियों को अनुमति नहीं दी है। यह देश का त्योहार है और केंद्र से सभी राज्यों को प्रतिनिधित्व देने की उम्मीद है। लेकिन सरकार पक्षपातपूर्ण तरीके से व्यवहार कर रही है और विपक्षी दलों द्वारा शासित राज्यों से सौतेला व्यवहार कर रही है।
बारामती से सांसद सुले ने एक समाचार रिपोर्ट भी साझा की जिसमें दावा किया गया है कि रक्षा मंत्रालय ने गणतंत्र दिवस परेड (26 जनवरी) के लिए पश्चिम बंगाल की झांकी को अस्वीकार कर दिया है।
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राजद का केंद्र पर निशाना
गणतंत्र दिवस परेड में ‘जल जीवन हरियाली मिशन’ पर आधारित बिहार सरकार की झांकी के प्रस्ताव को केंद्र सरकार ने खारिज कर दिया है। प्रस्ताव के खारिज होने का मतलब है कि राष्ट्रीय राजधानी में राजपथ पर भव्य गणतंत्र दिवस परेड में बिहार का प्रतिनिधित्व नहीं होगा।
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दिल्ली स्थित बिहार सूचना केंद्र के सूत्रों ने बिहार की झांकी के प्रस्ताव के खारिज होने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि प्रस्ताव को इस आधार पर स्वीकृति नहीं मिली कि यह राज्यों की झांकियों के चयन के लिए जरूरी मानकों को पूरा नहीं कर सकी।
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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में हरित क्षेत्र और भूजल स्तर को बढ़ावा देने के लिए अक्टूबर 2019 में ‘जल-जीवन-हरियाली मिशन’ की शुरुआत की थी। बिहार ने इसी थीम पर आधारित झांकी का प्रस्ताव दिया था। विपक्षी राजद ने झांकी का प्रस्ताव खारिज होने पर केंद्र की राजग सरकार पर निशाना साधते हुए उस पर बिहार के लोगों का अपमान करने का आरोप लगाया।
शिवसेना-एनसीपी का हमला
वहीं, मराठी रंगमंच के 175 साल पूरे होने के अवसर की थीम पर ही झांकी बनाई गई थी। इसे लेकर शिवसेना और राकांपा ने केंद्र सरकार पर निशाने पर लेते हुए पक्षपात का आरोप लगाया है। बता दें कि पश्चिम बंगाल की झांकी को भी परेड में शामिल नहीं किया गया है जिसे लेकर तृणमूल कांग्रेस भाजपा और केंद्र सरकार पर हमलावर है।
शिवसेना के सांसद संजय राउत ने केंद्र सरकार पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए हमला बोला है। राउत ने कहा कि महाराष्ट्र की झांकी हमेशा से देश का आकर्षण रही है। अगर कांग्रेस के कार्यकाल में ऐसा हुआ होता तो महाराष्ट्र भाजपा हमलावर हो जाती।
राकांपा सांसद सुप्रिया सुले ने भी इसे लेकर केंद्र को घेरा है। सुप्रिया सुले ने आरोप लगाया कि केंद्र ने गणतंत्र दिवस परेड के लिए गैर-भाजपा शासित महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल की झांकियों को अनुमति देने से इनकार कर दिया है। उन्होंने केंद्र सरकार पर पूर्वाग्रह से ग्रस्त होने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों ने स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और उनकी झांकियों को अनुमति नहीं देना लोगों का अपमान जैसा है। सुले ने ट्वीट किया- केंद्र ने गणतंत्र दिवस पर परेड के लिए महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल की झांकियों को अनुमति नहीं दी है। यह देश का त्योहार है और केंद्र से सभी राज्यों को प्रतिनिधित्व देने की उम्मीद है। लेकिन सरकार पक्षपातपूर्ण तरीके से व्यवहार कर रही है और विपक्षी दलों द्वारा शासित राज्यों से सौतेला व्यवहार कर रही है।
बारामती से सांसद सुले ने एक समाचार रिपोर्ट भी साझा की जिसमें दावा किया गया है कि रक्षा मंत्रालय ने गणतंत्र दिवस परेड (26 जनवरी) के लिए पश्चिम बंगाल की झांकी को अस्वीकार कर दिया है।