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Maharashtra: 'युगेंद्र को मतों की फिर से गणना की मांग नहीं करनी चाहिए', जानें सुप्रिया सुले ने ऐसा क्यों कहा
Thu, 26 Dec 2024 05:03 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: पवन पांडेय
Updated Thu, 26 Dec 2024 05:03 PM IST
सार
Baramati Assembly Seat: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर विपक्ष की तरफ से लगाए जा रहे तमाम आरोपों के बीच एनसीपी एसी सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि, मेरा निजी विचार है कि युगेंद्र पवार को मतों की फिर से गणना की मांग नहीं करनी चाहिए।
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सुप्रिया सुले, सांसद, एनसीपी (एसपी)
- फोटो : X / @supriya_sule
विस्तार
महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव खत्म हुए एक महीने से ज्यादा वक्त हो चुका है, लेकिन तमाम दलों की तरफ से चुनाव को लेकर आरोप-प्रत्यारोप लगाने का दौर अभी भी बरकरार है। इस कड़ी में राज्य की बारामती विधानसभा सीट से हारे एनसीपी शरद गुट के उम्मीदवार युगेंद्र पवार ने विधानसभा में फिर से मतों के गिनती की मांग की है। बता दें कि, राज्य के विधानसभा चुनाव के दौरान सबसे हॉट सीट में शुमार बारामती विधानसभा सीट से एनसीपी अध्यक्ष और अजित पवार ने जीत हासिल की थी।
'युगेंद्र पवार को नहीं करनी चाहिए फिर से गिनती की मांग'
वहीं, युगेंद्र पवार के फिर से मतों की गणना करने के आवेदन दिए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए एनसीपी एसपी सांसद सुप्रिया सुले ने कहा, यह मेरा निजी विचार है कि युगेंद्र पवार (बारामती विधानसभा से हारे हुए उम्मीदवार) को मतों की पुनर्गणना की मांग नहीं करनी चाहिए। इसलिए, मैंने उनसे पुनर्गणना के लिए आवेदन वापस लेने को कहा और उन्होंने ऐसा किया है।
ईवीएम विवाद पर सुप्रिया सुले ने कही बड़ी बात
एनसीपी-एसपी सांसद सुप्रिया सुले ने आगे कहा, जब मैं चार बार ईवीएम के माध्यम से निर्वाचित हुई हूं, तो मैं कैसे कह सकती हूं कि इसमें कोई घोटाला है...हालांकि कई लोग कह रहे हैं कि मतदाता सूची पर कई सवाल हैं...इसलिए, मेरा मानना है कि अगर चीजें पारदर्शी तरीके से होती हैं, चाहे वह ईवीएम हो या मतपत्र, तो इसमें क्या समस्या है? अगर लोग बैलेट पेपर से चुनाव करवाना चाहते हैं तो बैलेट पेपर से ही चुनाव करवाएं, इसमें क्या समस्या है?
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बारामती में चाचा-भतीजे में था मुकाबला
बारामती विधानसभा सीट पर चाचा-भतीजे के बीच मुकाबला देखने को मिला था, जिसमें चाचा अजित पवार ने बाजी मारते हुए 10 लाख 899 वोटों से भतीजे युगेंद्र पवार को हराया था। चुनाव में अजित पवार को कुल 18 लाख एक हजार 132 वोट मिले थे, जबिक युगेंद्र पवार को 80 हजार 233 वोट मिले थे।
विधानसभा चुनाव में पार्टियों का प्रदर्शन
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में मुख्य मुकाबला महायुति और महा विकास अघाड़ी के बीच था। जिसमें महायुति ने 288 विधानसभा सीटों में से 230 सीटों पर जीती। इसमें भाजपा ने अकेले 132 सीट, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने 57 और अजित पवार गुट की एनसीपी ने 41 सीटों पर जीत हासिल की। वहीं महा विकास अघाड़ी को मात्र 46 सीटें ही मिली, इसमें उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी ने 20 सीट, कांग्रेस ने 16 और शरद पवार की एनसीपी-एसपी को सिर्फ 10 ही सीटों पर जीत मिली थी।
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'युगेंद्र पवार को नहीं करनी चाहिए फिर से गिनती की मांग'
वहीं, युगेंद्र पवार के फिर से मतों की गणना करने के आवेदन दिए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए एनसीपी एसपी सांसद सुप्रिया सुले ने कहा, यह मेरा निजी विचार है कि युगेंद्र पवार (बारामती विधानसभा से हारे हुए उम्मीदवार) को मतों की पुनर्गणना की मांग नहीं करनी चाहिए। इसलिए, मैंने उनसे पुनर्गणना के लिए आवेदन वापस लेने को कहा और उन्होंने ऐसा किया है।
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ईवीएम विवाद पर सुप्रिया सुले ने कही बड़ी बात
एनसीपी-एसपी सांसद सुप्रिया सुले ने आगे कहा, जब मैं चार बार ईवीएम के माध्यम से निर्वाचित हुई हूं, तो मैं कैसे कह सकती हूं कि इसमें कोई घोटाला है...हालांकि कई लोग कह रहे हैं कि मतदाता सूची पर कई सवाल हैं...इसलिए, मेरा मानना है कि अगर चीजें पारदर्शी तरीके से होती हैं, चाहे वह ईवीएम हो या मतपत्र, तो इसमें क्या समस्या है? अगर लोग बैलेट पेपर से चुनाव करवाना चाहते हैं तो बैलेट पेपर से ही चुनाव करवाएं, इसमें क्या समस्या है?
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बारामती में चाचा-भतीजे में था मुकाबला
बारामती विधानसभा सीट पर चाचा-भतीजे के बीच मुकाबला देखने को मिला था, जिसमें चाचा अजित पवार ने बाजी मारते हुए 10 लाख 899 वोटों से भतीजे युगेंद्र पवार को हराया था। चुनाव में अजित पवार को कुल 18 लाख एक हजार 132 वोट मिले थे, जबिक युगेंद्र पवार को 80 हजार 233 वोट मिले थे।
विधानसभा चुनाव में पार्टियों का प्रदर्शन
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में मुख्य मुकाबला महायुति और महा विकास अघाड़ी के बीच था। जिसमें महायुति ने 288 विधानसभा सीटों में से 230 सीटों पर जीती। इसमें भाजपा ने अकेले 132 सीट, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने 57 और अजित पवार गुट की एनसीपी ने 41 सीटों पर जीत हासिल की। वहीं महा विकास अघाड़ी को मात्र 46 सीटें ही मिली, इसमें उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी ने 20 सीट, कांग्रेस ने 16 और शरद पवार की एनसीपी-एसपी को सिर्फ 10 ही सीटों पर जीत मिली थी।