NCRB: महाराष्ट्र में बीते छह महीनों में 1267 किसानों ने की खुदकुशी, इस जिले के हैं सबसे ज्यादा अन्नदाता
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) का कहना है कि छत्रपति संभाजीनगर खंड में इस वर्ष 430 किसानों की मौत हुई है। इसके बाद नासिक में 137, नागपुर में 130 और पुणे में 13 किसानों की मौत हुई है। हालांकि, कोंकण में किसी भी किसान की मृत्यु नहीं हुई है।
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महाराष्ट्र में पिछले छह महीनों में 1.267 किसानों ने खुदकुशी की है। खासतौर पर अकेले अमरावती के विदर्भ क्षेत्र में 557 किसानों ने खुदकुशी की है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) का कहना है कि छत्रपति संभाजीनगर खंड में 430 किसानों की मौत हुई है। इसके बाद नासिक खंड में 137, नागपुर खंड में 130 और पुणे खंड में 13 किसानों की मौत हुई है। हालांकि, कोंकण खंड में किसी भी किसान की मृत्यु नहीं हुई है।
वर्ष 2022 में कितने किसानों ने दी जान?
एनसीआरबी के अनुसार, वर्ष 2022 में, देश में कुल किसान आत्महत्याओं में से 37.6 प्रतिशत के साथ महाराष्ट्र सबसे आगे रहा था। एनसीआरबी का कहना है कि वर्ष 2022 में कुल 11,290 लोगों में से, कुल मिलाकर 5,207 किसान और खेती किसानी से जुड़े 6,083 मजदूरों ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर दी।
वर्ष 2021 के आंकड़े
उधर, वर्ष 2021 की बात करें तो एनसीआरबी रिपोर्ट के अनुसार इस वर्ष कुल 10,881 लोगों में से, 5,318 किसानों और 5,563 खेती किसानी से जुड़े मजदूरों ने खुदकुशी की थी। एनसीआर की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2021 में देशभर में कुल 1,64,033 लोगों ने खुदकुशी की थी और इसमें से 6.6 फीसदी मामले धरतीपुत्रों की आत्महत्या से जुड़े थे।
वर्ष 2020 के आंकड़े
वर्ष 2020 की बात करें तो महाराष्ट्र में खेती किसानी से जुड़े कुल 10,677 लोगों ने खुदकुशी की थी। इनमें से 5,579 किसानों और 6,098 खेती किसानी से जुड़े मजदूरों ने अपनी जान दी थी। यह देशभर के कुल 1,53,052 लोगों की मौत का सात प्रतिशत था। खास बात यह भी है कि महाराष्ट्र देश में कुल सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के मामले में अग्रणी राज्य है।