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Pune Porsche Case: आरोपी नाबालिग की मां भी गिरफ्तार; जांच के लिए बेटे की जगह अपना ब्लड सैंपल देने का आरोप
Sat, 01 Jun 2024 02:16 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: श्वेता महतो
Updated Sat, 01 Jun 2024 02:16 PM IST
सार
पुलिस में जांच में पता चला है कि आरोपी डॉक्टरों ने ससून अस्पताल में नाबालिग के खून के नमूने को उसकी मां के खून के नमूने से बदल दिया था। साथ ही कार में सवार अन्य दो लोगों के खून के नमूने भी उनके भाई और पिता के खून के नमूनों से बदल दिए गए थे।
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पुणे पोर्श मामला
- फोटो : PTI
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विस्तार
महाराष्ट्र में पुणे पोर्श मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है। नाबालिग आरोपी के पिता और दादा के बाद अब उसकी मां को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुणे पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने इसकी जानकारी दी। दरअसल, इस मामले में नाबालिग के खून के नमूने को उसकी मां के खून के नमूने से बदल दिया गया था। जांच के लिए बेटे की जगह अपना ब्लड सैंपल देने के आरोप में मां को गिरफ्तार किया गया है। खून के नमूने बदलने के आरोप में दो डॉक्टरों की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है। बता दें कि दो दिन पहले पुलिस ने अदालत में बताया कि नाबालिग आरोपी के खून के नमूने को एक महिला के खून के नमूने से बदल दिया गया था। गिरफ्तारी के बाद नाबालिग की मां को जुवेनाइल कोर्ट में पेश किया गया
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क्या था पूरा मामला
पुणे शहर में 18-19 मई की दरम्यानी रात को करीब तीन करोड़ रुपये की पोर्श कार को तेज गति से दौड़ाने के चक्कर में 17 साल के लड़के ने एक बाइक को टक्कर मार दी थी। गाड़ी की टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक अपना संतुलन खोकर काफी दूर तक सड़क पर घिसटते चली गई, जिससे उस पर सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। मौके पर मौजूद लोगों ने हादसे की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद आरोपी नाबालिग को गिरफ्तार कर लिया गया।
इस घटना के 14 घंटे बाद आरोपी नाबालिग को कोर्ट से कुछ शर्तों के साथ जमानत मिल गई थी। कोर्ट ने उसे 15 दिनों तक ट्रैफिक पुलिस के साथ काम करने और सड़क दुर्घटनाओं के प्रभाव-समाधान पर 300 शब्दों का निबंध लिखने का निर्देश दिया था। बाद में विवाद बढ़ा तो कोर्ट ने उसकी जमानत रद्द कर दी थी। इसके बाद उसे 5 जून तक एक निरीक्षण गृह भेज दिया गया था। इसके अलावा इस मामले में अबतक नाबलिग के पिता और दादा को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।
ससून अस्पताल में लिया गया था नाबालिग के खून का नमूना
पुलिस में जांच में पता चला है कि आरोपी डॉक्टरों ने ससून अस्पताल में नाबालिग के खून के नमूने को उसकी मां के खून के नमूने से बदल दिया था। साथ ही कार में सवार अन्य दो लोगों के खून के नमूने भी उनके भाई और पिता के खून के नमूनों से बदल दिए गए थे। मेडिकल एजुकेशन विभाग की तीन सदस्यों की टीम ने इस मामले में एक जांच रिपोर्ट तैयार की है, जिसे सरकार को सौंप दिया गया है। 19 मई को नाबालिग कथित तौर पर तेज गति से पोर्श कार से एक बाइक को टक्कर मार दी थी। इस टक्कर से बाइक सवार एक युवक और युवती की मौत हो गई थी। बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त नाबालिग शराब के नशे में था। हादसे के वक्त कार में चार लोग सवार थे, जिनमें कार का ड्राइवर नाबालिग और उसके दो दोस्त शामिल थे। आरोप है कि हादसे के वक्त नाबालिग ही कार चला रहा था।
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#WATCH | Pune car accident case | Mother of the minor accused brought to Juvenile Court in Pune, Maharashtra.
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She was arrested earlier today. pic.twitter.com/wz5mmw0NEH— ANI (@ANI) June 1, 2024
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क्या था पूरा मामला
पुणे शहर में 18-19 मई की दरम्यानी रात को करीब तीन करोड़ रुपये की पोर्श कार को तेज गति से दौड़ाने के चक्कर में 17 साल के लड़के ने एक बाइक को टक्कर मार दी थी। गाड़ी की टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक अपना संतुलन खोकर काफी दूर तक सड़क पर घिसटते चली गई, जिससे उस पर सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। मौके पर मौजूद लोगों ने हादसे की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद आरोपी नाबालिग को गिरफ्तार कर लिया गया।
इस घटना के 14 घंटे बाद आरोपी नाबालिग को कोर्ट से कुछ शर्तों के साथ जमानत मिल गई थी। कोर्ट ने उसे 15 दिनों तक ट्रैफिक पुलिस के साथ काम करने और सड़क दुर्घटनाओं के प्रभाव-समाधान पर 300 शब्दों का निबंध लिखने का निर्देश दिया था। बाद में विवाद बढ़ा तो कोर्ट ने उसकी जमानत रद्द कर दी थी। इसके बाद उसे 5 जून तक एक निरीक्षण गृह भेज दिया गया था। इसके अलावा इस मामले में अबतक नाबलिग के पिता और दादा को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।
ससून अस्पताल में लिया गया था नाबालिग के खून का नमूना
पुलिस में जांच में पता चला है कि आरोपी डॉक्टरों ने ससून अस्पताल में नाबालिग के खून के नमूने को उसकी मां के खून के नमूने से बदल दिया था। साथ ही कार में सवार अन्य दो लोगों के खून के नमूने भी उनके भाई और पिता के खून के नमूनों से बदल दिए गए थे। मेडिकल एजुकेशन विभाग की तीन सदस्यों की टीम ने इस मामले में एक जांच रिपोर्ट तैयार की है, जिसे सरकार को सौंप दिया गया है। 19 मई को नाबालिग कथित तौर पर तेज गति से पोर्श कार से एक बाइक को टक्कर मार दी थी। इस टक्कर से बाइक सवार एक युवक और युवती की मौत हो गई थी। बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त नाबालिग शराब के नशे में था। हादसे के वक्त कार में चार लोग सवार थे, जिनमें कार का ड्राइवर नाबालिग और उसके दो दोस्त शामिल थे। आरोप है कि हादसे के वक्त नाबालिग ही कार चला रहा था।