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महाराष्ट्र में साल दर साल घट रहा मछलियों का उत्पादन, निर्यात पर भी असर

Sat, 07 Mar 2020 08:24 PM IST
अनवर अंसारी सुरेन्द्र मिश्र, मुंबई
सुरेन्द्र मिश्र, मुंबई Published by: अनवर अंसारी Updated Sat, 07 Mar 2020 08:24 PM IST
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Maharashtra production of fish is decreasing year after year, exports also affect
मछुआरे (सांकेतिक तस्वीर)

महाराष्ट्र में मछलियों का उत्पादन तेजी से घट रहा है। यह कमी केवल खारे पानी वाली मछलियों में नहीं आया है बल्कि मीठे पाने वाली मछलियों का उत्पादन भी गिरा है। राज्य में सात सौ किलोमीटर से लंबा सागरी किनारा है। ऐसे में मछलियों का उत्पादन घटना चिंता का विषय है।

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राज्य की ‘आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट-2019-20’ के अनुसार साल दर साल मछली उत्पादन में कमी आ रही है, जिसका असर उसके निर्यात पर भी दिखाई दे रहा है। राज्य के 720 किलोमीटर सागरी किनारों में 1.12 लाख वर्गकिलोमीटर मछली पकड़ने योग्य है। वर्ष 2018-19 में समुद्र में मछली पकड़ने के लिए कार्यरत 17,238 नौका में से 13,613 मशीन युक्त नौका थी। इसके अलावा राज्य में 4.18 लाख हेक्टेयर क्षेत्र के मीठे पानी में मछली पाई जाती है। 
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साल 2017-18 में समुद्री मछली का उत्पादन 4.75 लाख मैट्रीक टन था। वहीं, 2018-19 में उत्पादन घट कर 4.67 लाख मैट्रीक टन हो गया। 2019-20 (सितंबर तक) में तो समुद्री मछली के उत्पादन में भारी कमी आई और उत्पादन घटकर 1.48 लाख मैट्रीक टन पर आ गया। रिपोर्ट के मुताबिक 2017-18 में मीठे पानी वाली मछली का उत्पादन 1.31 लाख मैट्रीक टन था। वहीं 2018-19 में यह घटकर 1 लाख मैट्रीक टन पर आ गया। 2017-18 (1.81 लाख मै.टन) की तुलना में 2018-19 (1.61 लाख मै.टन) में महाराष्ट्र से मछली का निर्यात कम हुआ।
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प्रदूषण से नष्ट हो रही 32 प्रजातियां

मत्स्य व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि समुद्री प्रदूषण की वजह खारे पानी वाली मछलियों की 32 प्रजातियां खत्म होने के कगार पर हैं। महाराष्ट्र राज्य मच्छीमार (मछुआरा) संघ के अध्यक्ष रामदास संघे ने कहा कि मछली उत्पादन पर पर्यावरण में बदलाव का प्रभाव पड़ा है। महाराष्ट्र के फिसिंग जोन में केमिकल और प्लास्टिक प्रदूषण के चलते मछलियों के ब्रीडिंग पर असर हुआ है। वहीं, विकास के चलते समुद्र में भराव और मैंग्रोव्ज को खत्म करने के चलते मछलियों की ब्रीडिंग के लिए स्थान खत्म हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट से भी खराब है। समुद्री मछली के उत्पादन में 50 फीसदी की कमी आई है।

  बाक्स- (लाख मैट्रिक टन में)      

  प्रकार                         2016-17         2017-18      2018-19      2019 20                     

  समुद्री मछली                4.63              4.75             4.67            1.48

  मीठे नदी की मछली       2.00               1.31            1.00              0.41

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