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Maharashtra: रत्नागिरी में JSW प्लांट के टैंक से निकला जहरीला धुआं, 30 से अधिक छात्र बीमार; कंपनी का साफ इनकार
Thu, 12 Dec 2024 08:20 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: पवन पांडेय
Updated Thu, 12 Dec 2024 08:20 PM IST
सार
महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले में एक प्लांट के स्टोरेज टैंक से जहरीला धुआं निकलने के बाद उसकी चपेट में आने से 30 से ज्यादा बच्चे बीमार हो गए हैं। पुलिस के अनुसार जेएसडब्ल्यू कंपनी के प्लांट से ये धुआं निकला था, हालांकि इस मामले में कंपनी ने साफ इनकार करते हुए कहा कि, प्लांट में कोई भी स्टोरेज टैंक की सुविधा नहीं है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
विस्तार
महाराष्ट्र के तटीय रत्नागिरी जिले में जेएसडब्ल्यू एनर्जी के थर्मल पावर प्लांट में स्टोरेज टैंक से निकलने वाले धुएं के संपर्क में आने से 30 से अधिक स्कूली छात्र प्रभावित हुए। ये जानकारी पुलिस ने गुरुवार को साझा की। हालांकि, इस मामले में गुरुवार शाम को एक बयान में जेएसडब्ल्यू एनर्जी की तरफ से कहा कि, रत्नागिरी में उसके थर्मल प्लांट में कोई गैस स्टोरेज सुविधा नहीं है और मीडिया में आई खबरों के अनुसार वह इस घटना में शामिल नहीं है।
छात्रों ने की थी आंखों में जलन की शिकायत
पुलिस अधिकारी ने बताया कि सभी छात्र जयगढ़ विद्या मंदिर स्कूल के हैं, जो प्लांट के पास है। पुलिस ने बताया कि स्कूल में मौजूद 250 छात्रों में से 30 से अधिक ने टैंक की सफाई प्रक्रिया से निकलने वाले धुएं के संपर्क में आने के बाद आंखों में जलन की शिकायत की। पुलिस ने बताया कि उनमें से कुछ को पास के अस्पताल ले जाया गया।
धुएं एथिल मरकैप्टन से थे- पुलिस
पुलिस अधिकारी ने बताया कि ये धुएं एथिल मरकैप्टन से थे, जो एक रंगहीन, ज्वलनशील और अत्यधिक गंध वाला तरल है जिसका उपयोग प्राकृतिक गैस के लिए गंधक के रूप में और प्लास्टिक, कीटनाशकों और एंटीऑक्सीडेंट के लिए शुरुआती सामग्री के रूप में किया जाता है।
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जेएसडब्ल्यू एनर्जी ने मामले में पेश की अपनी सफाई
वहीं जेएसडब्ल्यू एनर्जी के बयान में कहा गया है, 'जेएसडब्ल्यू एनर्जी में हम अपने कर्मचारियों, समुदाय और पर्यावरण की सुरक्षा और भलाई को प्राथमिकता देते हैं। हम कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हैं और अपने संचालन की लगातार निगरानी करते हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वे उच्चतम मानकों को पूरा करते हैं। सुरक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता अटल है और हम आस-पास के समुदाय के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्रभावित करने वाली किसी भी घटना को रोकने के लिए हर एहतियात बरतते हैं।'
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छात्रों ने की थी आंखों में जलन की शिकायत
पुलिस अधिकारी ने बताया कि सभी छात्र जयगढ़ विद्या मंदिर स्कूल के हैं, जो प्लांट के पास है। पुलिस ने बताया कि स्कूल में मौजूद 250 छात्रों में से 30 से अधिक ने टैंक की सफाई प्रक्रिया से निकलने वाले धुएं के संपर्क में आने के बाद आंखों में जलन की शिकायत की। पुलिस ने बताया कि उनमें से कुछ को पास के अस्पताल ले जाया गया।
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धुएं एथिल मरकैप्टन से थे- पुलिस
पुलिस अधिकारी ने बताया कि ये धुएं एथिल मरकैप्टन से थे, जो एक रंगहीन, ज्वलनशील और अत्यधिक गंध वाला तरल है जिसका उपयोग प्राकृतिक गैस के लिए गंधक के रूप में और प्लास्टिक, कीटनाशकों और एंटीऑक्सीडेंट के लिए शुरुआती सामग्री के रूप में किया जाता है।
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जेएसडब्ल्यू एनर्जी ने मामले में पेश की अपनी सफाई
वहीं जेएसडब्ल्यू एनर्जी के बयान में कहा गया है, 'जेएसडब्ल्यू एनर्जी में हम अपने कर्मचारियों, समुदाय और पर्यावरण की सुरक्षा और भलाई को प्राथमिकता देते हैं। हम कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हैं और अपने संचालन की लगातार निगरानी करते हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वे उच्चतम मानकों को पूरा करते हैं। सुरक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता अटल है और हम आस-पास के समुदाय के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्रभावित करने वाली किसी भी घटना को रोकने के लिए हर एहतियात बरतते हैं।'