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Maharashtra: 'समय पर सब्सिडी मिलना तय नहीं', गडकरी के बयान को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा
Mon, 30 Sep 2024 03:19 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: नितिन गौतम
Updated Mon, 30 Sep 2024 03:19 PM IST
सार
शिवसेना यूबीटी के नेता संजय राउत ने कहा कि 'नितिन गडकरी ने इस मुद्दे पर उचित बयान दिया है। अगर ऐसे समय में जब खजाने में धन की कमी है और सरकार अन्य योजनाओं को निलंबित कर रही है, यह धन का दुरुपयोग और कुप्रबंधन है।'
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केंद्रीय मत्री नितिन गडकरी
- फोटो : X/@nitin_gadkari
विस्तार
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अपने एक बयान में कहा है कि महिलाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए शुरू की गई महाराष्ट्र सरकार की लाडकी बहिन योजना के चलते अन्य क्षेत्रों में सब्सिडी का तय समय पर भुगतान प्रभावित हो सकता है। वहीं नितिन गडकरी के इस बयान पर विपक्ष ने राज्य सरकार को घेर लिया है। विपक्ष ने आरोप लगाया है कि गडकरी के बयान से साफ है कि राज्य की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है और यह चिंता का विषय है।
क्या है लाडकी बहिन योजना
गौरतलब है कि महाराष्ट्र सरकार ने 'मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना' की शुरुआत की है। इस योजना के तहत, राज्य की 21-65 वर्ष की विवाहित, तलाकशुदा और निराश्रित महिलाओं को सरकार प्रति माह 1,500 रुपये देगी। इस योजना के तहत उन परिवारों की महिलाओं को शामिल किया गया है, जिनकी वार्षिक आय ढाई लाख रुपये है। आगामी महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों से पहले शुरू की गई इस योजना से राज्य के खजाने पर सालाना 46,000 करोड़ रुपये का बोझ पड़ने का अनुमान है।
गडकरी ने बयान में कही ये बात
रविवार को महाराष्ट्र के नागपुर में एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा, 'यह अनिश्चित है कि निवेशकों को समय पर उनकी सब्सिडी का भुगतान मिलेगा या नहीं, क्योंकि सरकार को लाडकी बहिन योजना के लिए धन आवंटित करना है।' उन्होंने कहा कि विदर्भ (महाराष्ट्र का क्षेत्र) के उद्यमियों को निवेश के लिए आगे आना चाहिए, क्योंकि सब कुछ सरकार पर नहीं छोड़ा जा सकता। गडकरी ने कहा, "अगर आपको सब्सिडी मिल रही है, तो लीजिए, लेकिन यह भी निश्चित नहीं है कि सब्सिडी कब मिलेगी। लाडकी बहिन योजना शुरू होने के बाद, उन्हें सब्सिडी के लिए आवंटित धन का इस्तेमाल उसी काम के लिए करना होगा।'
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विपक्ष ने सरकार पर लगाए वित्तीय अनुशासन का पालन नहीं करने का आरोप
गडकरी के बयान से विपक्ष को सरकार को घेरने का मौका मिल गया। विपक्षी नेता आरोप लगा रहे हैं कि सरकार ने वित्तीय अनुशासन का पालन ठीक से नहीं किया है, जिससे धन का दुरुपयोग और कुप्रबंधन हो रहा है। शिवसेना यूबीटी के नेता संजय राउत ने कहा कि 'नितिन गडकरी ने इस मुद्दे पर उचित बयान दिया है। अगर ऐसे समय में जब खजाने में धन की कमी है और सरकार अन्य योजनाओं को निलंबित कर रही है, यह धन का दुरुपयोग और कुप्रबंधन है, तो क्या केंद्र सरकार की (राज्य की योजना के संबंध में) कोई जिम्मेदारी है?' एनसीपी (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले ने राज्य की आर्थिक स्थिति पर चिंता व्यक्त की। पुणे में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि 'सरकार और अर्थशास्त्री लगातार कह रहे हैं कि राज्य वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है। चाहे गडकरी हों, मनसे प्रमुख राज ठाकरे और अर्थशास्त्रियों के बयान हों, सरकार में बैठे लोग हों या तटस्थ लोग हों, वे लगातार कह रहे हैं कि राज्य की अर्थव्यवस्था संकट में है।'
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क्या है लाडकी बहिन योजना
गौरतलब है कि महाराष्ट्र सरकार ने 'मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना' की शुरुआत की है। इस योजना के तहत, राज्य की 21-65 वर्ष की विवाहित, तलाकशुदा और निराश्रित महिलाओं को सरकार प्रति माह 1,500 रुपये देगी। इस योजना के तहत उन परिवारों की महिलाओं को शामिल किया गया है, जिनकी वार्षिक आय ढाई लाख रुपये है। आगामी महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों से पहले शुरू की गई इस योजना से राज्य के खजाने पर सालाना 46,000 करोड़ रुपये का बोझ पड़ने का अनुमान है।
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गडकरी ने बयान में कही ये बात
रविवार को महाराष्ट्र के नागपुर में एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा, 'यह अनिश्चित है कि निवेशकों को समय पर उनकी सब्सिडी का भुगतान मिलेगा या नहीं, क्योंकि सरकार को लाडकी बहिन योजना के लिए धन आवंटित करना है।' उन्होंने कहा कि विदर्भ (महाराष्ट्र का क्षेत्र) के उद्यमियों को निवेश के लिए आगे आना चाहिए, क्योंकि सब कुछ सरकार पर नहीं छोड़ा जा सकता। गडकरी ने कहा, "अगर आपको सब्सिडी मिल रही है, तो लीजिए, लेकिन यह भी निश्चित नहीं है कि सब्सिडी कब मिलेगी। लाडकी बहिन योजना शुरू होने के बाद, उन्हें सब्सिडी के लिए आवंटित धन का इस्तेमाल उसी काम के लिए करना होगा।'
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विपक्ष ने सरकार पर लगाए वित्तीय अनुशासन का पालन नहीं करने का आरोप
गडकरी के बयान से विपक्ष को सरकार को घेरने का मौका मिल गया। विपक्षी नेता आरोप लगा रहे हैं कि सरकार ने वित्तीय अनुशासन का पालन ठीक से नहीं किया है, जिससे धन का दुरुपयोग और कुप्रबंधन हो रहा है। शिवसेना यूबीटी के नेता संजय राउत ने कहा कि 'नितिन गडकरी ने इस मुद्दे पर उचित बयान दिया है। अगर ऐसे समय में जब खजाने में धन की कमी है और सरकार अन्य योजनाओं को निलंबित कर रही है, यह धन का दुरुपयोग और कुप्रबंधन है, तो क्या केंद्र सरकार की (राज्य की योजना के संबंध में) कोई जिम्मेदारी है?' एनसीपी (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले ने राज्य की आर्थिक स्थिति पर चिंता व्यक्त की। पुणे में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि 'सरकार और अर्थशास्त्री लगातार कह रहे हैं कि राज्य वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है। चाहे गडकरी हों, मनसे प्रमुख राज ठाकरे और अर्थशास्त्रियों के बयान हों, सरकार में बैठे लोग हों या तटस्थ लोग हों, वे लगातार कह रहे हैं कि राज्य की अर्थव्यवस्था संकट में है।'