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Nashik Conversion: नासिक जबरन धर्मांतरण मामले में निदा खान को राहत नहीं, अदालत बोली- अग्रिम जमानत नहीं मिलेगी

Sat, 02 May 2026 05:38 PM IST
राकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नासिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नासिक Published by: राकेश कुमार Updated Sat, 02 May 2026 05:38 PM IST
सार

कॉर्पोरेट की चमक-धमक के पीछे छिपे धर्मांतरण और उत्पीड़न के काले खेल पर कानून का शिकंजा कस गया है। नासिक कोर्ट के इस कड़े रुख ने स्पष्ट कर दिया है कि आस्था और अस्मिता से खिलवाड़ करने वालों के लिए कोई कानूनी ढाल नहीं होगी। अदालत ने आरोपी निदा खान की अग्रिम जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है। क्या है पूरा मामला? खबर में जानिए...

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maharashtra nashik court refuses bail to tcs employee nida khan in conversion case
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobestock

विस्तार

नासिक की एक विशेष अदालत ने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज की कर्मचारी निदा खान को बड़ा झटका दिया है। अदालत ने कथित यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के प्रयास से जुड़े एक गंभीर मामले में निदा खान की अग्रिम जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है। इस मामले में धार्मिक भावनाओं और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के हनन के गंभीर आरोप शामिल हैं।
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क्या है पूरा मामला?
अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह पूरा मामला निदा खान के ही एक सहकर्मी की शिकायत पर आधारित है। निदा खान पर आरोप है कि उसने अपने सहकर्मी पर यौन उत्पीड़न और इस्लाम धर्म अपनाने के लिए अनुचित दबाव बनाया। शिकायत में कहा गया है कि आरोपी ने अपनी पेशेवर स्थिति का फायदा उठाते हुए पीड़ित को डराने और उसे धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करने की कोशिश की।
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पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और महाराष्ट्र धर्म स्वतंत्रता अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। प्रारंभिक साक्ष्यों और पीड़ित के बयानों को देखते हुए, अदालत ने आरोपी को गिरफ्तारी से संरक्षण देने का कोई ठोस आधार नहीं पाया। अब जब सत्र न्यायालय ने जमानत याचिका खारिज कर दी है, तो नासिक पुलिस के लिए निदा खान को हिरासत में लेने का रास्ता साफ हो गया है। माना जा रहा है कि बचाव पक्ष इस फैसले के खिलाफ अब बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा सकता है।
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