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Maharashtra: लातूर शहर में जमीन के भीतर सुनाई दी रहस्यमयी आवाजें, भूकंप की पुष्टि नहीं, लोग सहमे
Thu, 16 Feb 2023 10:21 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: नितिन गौतम
Updated Thu, 16 Feb 2023 10:21 AM IST
सार
लातूर के किल्लारी गांव और इसके आसपास के इलाकों में साल 1993 में भूकंप आया था, जिसमें करीब 10 हजार लोगों की जान चली गई थी।
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रहस्यमयी आवाज के बाद बाजार बंद हो गए
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
महाराष्ट्र के लातूर शहर में जमीन के भीतर कुछ रहस्यमयी आवाजें सुनाई दी हैं। जिससे लोगों में डर का माहौल है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि किसी भूकंपीय एक्टिविटी की कोई रिपोर्ट नहीं है। जमीन के भीतर रहस्यमयी आवाजें बुधवार को शहर के विवेकानंद चौक इलाके में सुबह करीब साढ़े दस बजे से लेकर पौने ग्यारह बजे तक सुनाई दी। लोगों को लगा कि यह भूकंपीय गतिविधियों की आवाज हो सकती है और भूकंप आ सकता है। इसके बाद जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट कर दिया।
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जिला प्रशासन ने लातूर शहर के साथ ही औराद शहाजनी और आशिव जिलों में भी भूकंपीय गतिविधियों पर नजर रखने वाले केंद्रों से जानकारी ली गई लेकिन कहीं से भी भूकंप आने की आशंका जाहिर नहीं की गई। बता दें कि लातूर के किल्लारी गांव और इसके आसपास के इलाकों में साल 1993 में भूकंप आया था, जिसमें करीब 10 हजार लोगों की जान चली गई थी। 6.2 मैग्नीट्यूड के भूकंप से इलाके के 10 गांव तबाह हो गए थे, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की जान गई थी। आपदा प्रबंधन अधिकारी साकेब उस्मानी ने बताया कि मराठवाड़ा क्षेत्र में समय-समय पर जमीन के भीतर रहस्यमयी आवाजें आती रहती हैं।
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सितंबर 2022 में भी किल्लारी और हासोरी गांव में ऐसी ही आवाजें सुनी गईं थी। जिसके बाद इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ जियो मैग्नेटिज्म के विशेषज्ञों ने भी गांवों का दौरा किया था। हाल ही में चार फरवरी को भी जिले की निलांगा तहसील में नितूर दांगवाड़ी इलाके में ऐसी ही रहस्यमयी आवाजें सुनी गईं थी। खास बात ये है कि लातूर शहर किसी अर्थ प्लेट की सीमा पर स्थित नहीं है। ऐसे में यहां से आने वाली आवाजों को लेकर वैज्ञानिक भी स्पष्ट तौर पर कुछ नहीं कह पाते हैं।
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