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Maharashtra: नागपुर के 150 से ज्यादा किसानों से 113 करोड़ रुपये की ठगी; 18 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
Thu, 31 Aug 2023 09:17 PM IST
शिवेंद्र तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Thu, 31 Aug 2023 09:17 PM IST
सार
Loan Frauds: नागपुर जिले की तीन तहसीलों में 150 से ज्यादा किसानों के साथ कथित तौर पर 113 करोड़ रुपये की ऋण संबंधी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है।
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Fraud
- फोटो : Istock
विस्तार
महाराष्ट्र में नागपुर जिले की तीन तहसीलों में 150 से ज्यादा किसानों के साथ कथित तौर पर 113 करोड़ रुपये की ऋण संबंधी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पुलिस के एक अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि मुख्य आरोपी मौदा का रहने वाला चावल मिल का मालिक है। उसने 2017 में क्षेत्र में सूखे के बाद 151 किसानों को वित्तीय मदद का वादा किया था।
उन्होंने बताया कि मिल मालिक और उसके सहयोगियों ने मौदा, पारशिवनी और रामटेक तहसीलों के इन 151 किसानों के पैन कार्ड और आधार की जानकारी ली और इनके नाम पर बैंक खाते खुलवाए। सदर के किंग्सवे में एक बैंक से प्रत्येक किसान के नाम पर 45 से 50 लाख रुपये तक का ऋण लिया गया। पूरा पैसा मुख्य आरोपी रमन्नाराव बोल्ला की 12 कंपनियों के खातों में जमा कर दिया गया।
उन्होंने बताया कि इनमें से कई किसानों को जब हाल में बैंक से ऋण चुकाने का नोटिस आया, तब इस घोटाले का पर्दाफाश हुआ। उन्होंने कहा कि किसानों को जब नोटिस मिला तो उन्होंने बोल्ला से संपर्क किया। इस दौराप काफी बहसबाजी भी हुई। बोल्ला ने पैसे लौटाने का वादा भी किया, लेकिन जब वह वादे से मुकर गया तो किसानों ने पुलिस से संपर्क किया।
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उन्होंने बताया कि मिल मालिक और उसके सहयोगियों ने मौदा, पारशिवनी और रामटेक तहसीलों के इन 151 किसानों के पैन कार्ड और आधार की जानकारी ली और इनके नाम पर बैंक खाते खुलवाए। सदर के किंग्सवे में एक बैंक से प्रत्येक किसान के नाम पर 45 से 50 लाख रुपये तक का ऋण लिया गया। पूरा पैसा मुख्य आरोपी रमन्नाराव बोल्ला की 12 कंपनियों के खातों में जमा कर दिया गया।
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उन्होंने बताया कि इनमें से कई किसानों को जब हाल में बैंक से ऋण चुकाने का नोटिस आया, तब इस घोटाले का पर्दाफाश हुआ। उन्होंने कहा कि किसानों को जब नोटिस मिला तो उन्होंने बोल्ला से संपर्क किया। इस दौराप काफी बहसबाजी भी हुई। बोल्ला ने पैसे लौटाने का वादा भी किया, लेकिन जब वह वादे से मुकर गया तो किसानों ने पुलिस से संपर्क किया।
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