महाराष्ट्रः बांद्रा में फिर घर जाने के लिए जुटे मजदूर, श्रमिकों पर पुलिस ने भांजी लाठियां
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुंबई में एक बार फिर प्रवासी श्रमिकों की सहनशीलता जवाब दे गई और वे बांद्रा टर्मिनस रेलवे स्टेशन पर हजारों की संख्या में जमा हो गए। इससे सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ गई। सभी मजदूर ट्रेन पकड़कर बिहार जाने के लिए स्टेशन पर इकट्ठा हुए थे। लेकिन उन्हें श्रमिक स्पेशल ट्रेन में जाने से रोक दिया गया। पुलिस ने लाठियां भांजकर भीड़ को तितर-बितर किया।
मंगलवार की सुबह बांद्रा स्टेशन से बिहार के लिए ट्रेन रवाना होने वाली थी। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि प्रवासी श्रमिक ट्रेन पकड़ने के लिए मंगलवार की सुबह 10 बजे ही स्टेशन पर इकट्ठा हो गए थे। इस ट्रेन में उन्हीं लोगों को जाने की अनुमति दी गई जिन्होंने रजिस्ट्रेशन कराया था या पुलिस ने जिन्हें फोन कर बुलाया था। बाकी अन्य लोगों को नहीं जाने दिया गया। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर उन्हें हटा दिया। उन्हें आश्वासन दिया गया कि लॉकडाउन जारी रहने तक उनके खाने-पीने और ठहरने की व्यवस्था की जाएगी।
श्रमिक ट्रेनों में प्रतियात्री 1000 रुपए वसूल रहे हैं दलाल
मुंबई में प्रवासियों के साथ बेहद क्रूर व्यवहार हो रहा है। एक तरफ वे दो महीने से बेरोजगार हैं और दो वक्त खाने के लिए परेशान हैं। इसलिए अपने गांव जाने के लिए पुलिस थाने में रजिस्ट्रेशन कराने के बाद अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर दलालों की चांदी हो गई है। जल्दी घरवापसी के लिए दलाल प्रतियात्री 1000 रुपए वसूल रहे हैं। रेल यात्री परिषद के सुभाष गुप्ता ने इसका खुलासा किया है। इसको लेकर उन्होंने रेलमंत्री को ट्वीट भी किया है।
कानून-व्यवस्था नहीं संभाल पा रही सरकार- अमरजीत मिश्र
मुंबई बीजेपी के महामंत्री अमरजीत मिश्र ने आरोप लगाया है कि महाराष्ट्र सरकार कानून व्यवस्था नहीं संभाल पा रही है। उन्होने कहा कि बांद्रा में पुलिस की लापरवाही, मनमानी व गैरजिम्मेदाराना रवैये की वजह से प्रवासी मजदूरों की भारी भीड जुटी।
उन्होंने कहा कि प्रवासी मजदूरों के अधिकृत यात्रियों की जगह रिश्वत लेकर लोग भेजे जा रहे हैं। मिश्र ने कहा कि पिछ्ले कई दिनों से प्रवासी मजदूर शिकायत कर रहे हैं कि उन्हे पुलिस थाने से फोन आता है। जब वे स्टेशन पहुंचते हैं तो टोकन पाए यात्रियों की जगह पर रिश्वत लेकर पुलिस दूसरों को ट्रेन में बैठा देती है। मिश्र ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।