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महाराष्ट्र: बिना ओबीसी आरक्षण के नहीं होंगे चुनाव, विधानसभा में सर्वसम्मति से विधेयक पारित
Mon, 07 Mar 2022 11:08 PM IST
Amit Mandal
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई।
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई।
Published by: Amit Mandal
Updated Mon, 07 Mar 2022 11:08 PM IST
सार
नए विधेयक में मध्य प्रदेश सरकार की तर्ज पर सूबे में ओबीसी समाज को राजनीतिक आरक्षण देने का प्रस्ताव मंजूर किया गया है।
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महाराष्ट्र विधानसभा (file photo)
- फोटो : ANI
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट द्वारा ओबीसी आरक्षण रद्द किए जाने के बाद इसके समर्थन में सोमवार को महाराष्ट्र विधानसभा में विधेयक पारित किया गया है। इसके माध्यम से यह तय किया गया है कि राज्य में ओबीसी आरक्षण के बिना निकाय चुनाव नहीं होंगे। लेकिन, इससे मुंबई और ठाणे सहित राज्य की कई महानगरपालिका के चुनाव करीब चार से पांच माह के लिए टल जाएंगे।
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आरक्षण देने से संबंधित दो बिल विधानसभा में मंजूर
सोमवार को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को राजनीतिक आरक्षण देने से संबंधित दो बिल विधानसभा में मंजूर किए गए। शहरी विकास मंत्री एकनाथ शिंदे ने मुंबई महानगरपालिका, महानगरपालिका और महाराष्ट्र नगर परिषद, नगर पंचायत व औद्योगिक नगरी संशोधन विधेयक 2022 तथा ग्रामीण विकास मंत्री हसन मुश्रिफ ने महाराष्ट्र ग्राम पंचायत और महाराष्ट्र जिला परिषद व पंचायत समिति संशोधन विधेयक पेश किया। इन दोनों विधेयकों को एकमत से मंजूर कर लिया गया। विपक्षी पार्टी भाजपा ने पहले ही इन विधेयकों को पारित कराने की अपनी सहमति दे दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी को राजनीतिक आरक्षण के लिए ट्रिपल टेस्ट करने की बात कही है। इस विधेयक की मंजूरी से ट्रिपल टेस्ट करने का समय भी मिल जाएगा और बिना ओबीसी आरक्षण के चुनाव नहीं हो पाएगा।
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मध्य प्रदेश की तर्ज पर महाराष्ट्र में भी ओबीसी आरक्षण
नए विधेयक में मध्य प्रदेश सरकार की तर्ज पर सूबे में ओबीसी समाज को राजनीतिक आरक्षण देने का प्रस्ताव मंजूर किया गया है। जिसके तहत राज्य चुनाव आयोग के पास केवल चुनाव कराने का ही अधिकार शेष रह जाएगा। विधानसभा में पारित विधेयक में निहित है कि निकाय चुनावों में प्रभाग संरचना, आरक्षण और चुनाव की तिथि निर्धारित करने का अधिकार राज्य चुनाव आयोग के पास में नही रहेगा। राज्य सरकार ही प्रभाग संरचना और आरक्षण प्रक्रिया तय करेगी जबकि राज्य चुनाव आयोग केवल चुनाव कराएगा।
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अदालत के आदेश के अनुसार कराने होंगे चुनाव- फडणवीस
विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इस विधेयक से ओबीसी के राजनीतिक आरक्षण का रास्ता साफ नहीं हुआ है। इससे केवल कुछ समय के लिए चुनाव टाला जा सकेगा। इस दौरान डेटा एकत्रित कर अदालत में इसे पेश करना पड़ेगा। कोर्ट के आदेश से ही ओबीसी आरक्षण सहित चुनाव कराने होंगे। फडणवीस ने कहा, हम चाहते हैं कि ओबीसी को राजनीतिक आरक्षण मिले। इसलिए भाजपा ने विधेयक का समर्थन किया है।