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महाराष्ट्र: लॉकडाउन में महिला पुलिस कर्मी ने किया शवों का अंतिम संस्कार, मंत्री देशमुख ने की प्रशंसा

Fri, 22 May 2020 01:01 PM IST
अनवर अंसारी पीटीआई, मुंबई
पीटीआई, मुंबई Published by: अनवर अंसारी Updated Fri, 22 May 2020 01:01 PM IST
सार

  • मुंबई में महिला पुलिस कर्मी ने लावारिस लाशों का अंतिम संस्कार किया
  • महाराष्ट्र के गृह मंत्री ने पुलिस कर्मी की प्रशंसा की
  • मुंबई के शाहू नगर पुलिस स्टेशन पर तैनात है महिला पुलिस कर्मी

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Maharashtra Home Minister Anil Deshmukh praised Woman cop for cremating unclaimed bodies amid lockdown
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : amar ujala

विस्तार

महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने चार मृतक व्यक्तियों का अंतिम संस्कार करने के लिए एक महिला पुलिस कर्मी की प्रशंसा की। मुंबई में कोविड-19 लॉकडाउन के कारण इन चारों की लाश लावारिस थी। 

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मंत्री ने गुरुवार रात ट्विटर पर कहा कि पुलिस नायक संध्या शीलवंत ने एक दिन में चार मृतक व्यक्तियों का अंतिम संस्कार किया। उनका कर्तव्य के प्रति समर्पण सराहनीय था। इन चारों शवों को कोई लेना वाला नहीं था। वहीं, उनमें से एक की कोविड-19 जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी और उसके रिश्तेदारों ने शव को लेने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। 
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मध्य मुंबई के शाहू नगर पुलिस स्टेशन पर तैनात शीलवंत का काम इलाके में आकस्मिक मौत के मामलों का पंजीकरण और लावारिस शवों को इकट्ठा करना है। इसके अलावा शीलवंत का काम इन शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजना, मृतक के परिजनों का पता लगाना और लावारिस रहने वाले शवों का निपटान करना भी है। 
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शीलवंत ने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण लागू लॉकडाउन की वजह से बेसहारा लोगों के शव लावारिस पड़े थे और कुछ कोविड-19 रोगियों के परिजन शव से संक्रमित होने से डर रहे थे।

उन्होंने कहा कि ऐसे लावारिस शवों का निपटान करना मेरा कर्तव्य है और मैं ऐसा करने से डरती नहीं हूं। मैं मृतक के रक्त के नमूने एकत्र करती हूं और यहां तक कि मौत के कारण का पता लगाने के लिए उनके आंतरिक अंगो को फोरेंसिक लैब में भी पहुंचाती हूं।

महिला पुलिस कर्मी ने कहा कि महामारी के कारण मुर्दाघर अपनी क्षमता से ज्यादा भर गए हैं और कई मुर्दाघरों के पास शवों को रखने के लिए जगह नहीं है। इस कारण कई शवों का जल्दी से अंतिम संस्कार करना पड़ता है। 

शीलवंत ने कहा कि लॉकडाउन के बाद से, हमने छह मृतक व्यक्तियों का अंतिम संस्कार किया है, जिनके शव लावारिस थे। उन्होंने आगे कहा कि कई बार सामाजिक जिम्मेदारी इस परीक्षा की घड़ी में डर का माहौल पैदा करती है। 


दुर्भाग्यवश, हाल ही में शाहू नगर पुलिस स्टेशन में एक युवा पुलिस अधिकारी की कोविड-19 से मौत हो गई थी, लेकिन इसके बाद भी शीलवंत अपना कर्तव्य निभाने में पीछे नहीं हटी। दो बच्चों की मां, शीलवंत ने कहा कि इस तरह की परिस्थितियों में काम करना मुमकिन नहीं होता, अगर उन्हें उनके पति और सास-ससुर की तरफ से सहयोग नहीं मिलता। 

उन्होंने कहा कि मैं पुलिस स्टेशन में अपने वरिष्ठों और अपने परिवार के समर्थन के कारण काम में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में सक्षम हूं।

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