{"_id":"5eb131eb8ebc3e906a219191","slug":"maharashtra-govt-uddhav-thackeray-announces-major-expenditure-cuts-no-new-development-project-no-recruitment","type":"story","status":"publish","title_hn":"महाराष्ट्र को कोरोना संकट से उबारने के लिए उद्धव सरकार का बड़ा एलान, नई योजनाओं पर लगाई रोक","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
महाराष्ट्र को कोरोना संकट से उबारने के लिए उद्धव सरकार का बड़ा एलान, नई योजनाओं पर लगाई रोक
Tue, 05 May 2020 03:00 PM IST
अनवर अंसारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: अनवर अंसारी
Updated Tue, 05 May 2020 03:00 PM IST
विज्ञापन
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश में कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य महाराष्ट्र है। लॉकडाउन और संक्रमितों की बढ़ती संख्या की वजह से राज्य की अर्थव्यवस्था चरमराने लगी है। इसे ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र को संकट से उबारने के लिए बड़े खर्चों में कमी करने का एलान किया है। इसके अलावा, राज्य सरकार की नई विकास परियोजनाओं और नई भर्तियों पर भी रोक लगा दी गई है।
विज्ञापन
महाराष्ट्र सरकार ने राज्य को कोरोना की मार से उबारने के लिए कुछ योजनाओं का मसौदा तैयार किया है। साथ ही खर्चों में कटौती के लिए कई प्रस्ताव भी दिए गए हैं। सरकार लगातार जारी योजनाओं की समीक्षा कर उनकी प्राथमिकता तय कर रही है।
विज्ञापन
राज्य सरकार इस समीक्षा के बाद निर्णय लेगी कि इन योजनाओं को चलाया जाना है या उन्हें फिलहाल के लिए रद्द कर देना है। जिन योजनाओं पर रोक लगाई जाएगी, उनके विभाग को 31 मई तक राज्य सरकार को इस बारे में जानकारी देनी होगी।
विज्ञापन
औषधि प्रशासन, राहत और पुनर्वास को मिलेगी प्राथमिकता
तैयार किए गए प्रस्ताव में इस बात का जिक्र किया गया है कि हर विभाग को कुल बजटीय भत्ते का केवल 33 फीसदी धन ही दिया जाएगा। प्रस्ताव में कहा गया है कि हर एक कार्यक्रम की समीक्षा की जानी चाहिए और केवल आवश्यक योजनाओं को ही अंतिम रूप दिया जाना चाहिए।
इस प्रस्ताव में कहा गया है कि राज्य में किसी भी नई योजनाओं पर कोई खर्च नहीं किया जाएगा। साथ ही कोई नई योजना प्रस्तावित भी नहीं होगी। साथ ही यह उन योजनाओं पर भी लागू होगा जिसे मार्च 2020 में कैबिनेट ने मंजूरी दी थी।
साथ ही सभी विभागों के खर्चों को लेकर प्राथमिकता तय की गई है। इसके मुताबिक सार्वजनिक स्वास्थ्य, औषधि प्रशासन, राहत और पुनर्वास, खाद्य और नागरिक आपूर्ति को सरकार तरहीज देगी। हालांकि इन खर्चों को कोरोना और उपचार संबंधी परिचालन खर्चों पर ही सीमित रखा जाएगा।
नई भर्तियों पर लगाई गई रोक
प्रस्ताव में कहा गया है कि राज्य को आपातकालीन चिकित्सा उपकरणों से संबंधित खरीद की अनुमति है। इसका अलावा राज्य में किसी नए निर्माण और विकास कार्य की शुरुआत नहीं की जाएगी। जो कार्य वर्तमान में चल रहे है वे जारी रहेंगे।
साथ ही जन स्वास्थ्य और औषधि विभाग को छोड़कर किसी भी अन्य विभाग में कोई भर्ती नहीं की जाएगी। इसके अलावा वित्तीय वर्ष के दौरान किसी भी अधिकारी या कर्मचारी का तबादला नहीं किया जाएगा।