{"_id":"56f4b6914f1c1b074cf14d24","slug":"maharashtra-govt-declares-drought-in-12-000-vidarbha-villages","type":"story","status":"publish","title_hn":"महाराष्ट्र सरकार ने विदर्भ के 12 हजार गांवों में सूखा घोषित किया","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
महाराष्ट्र सरकार ने विदर्भ के 12 हजार गांवों में सूखा घोषित किया
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 25 Mar 2016 09:26 AM IST
विज्ञापन
किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए नियम में किया बदलाव
- फोटो : Reuters
महाराष्ट्र सरकार ने विदर्भ के करीब 12,000 गांवों में सूखा घोषित कर दिया है। सरकार के इस फैसले के बाद उन हजारों किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है जो इस इलाके में कपास, सोयाबीन और धान की फसल उगाने के लिए जाने जाते हैं।
सूखे के बावजूद भी ये लोग राष्ट्रीय आपदा राहत कोष (एनडीआरएफ) के मानक के अंतर्गत नहीं आए थे लेकिन सरकार के इस फैसले के बाद अब उन किसानों को भी राहत मिलने की उम्मीद है। जिन 12,000 गांवों को सूखा ग्रसित घोषित किया गया है कि उनमें से 5,900 गांव अमरावती के अंतर्गत, जबकि अन्य गोंडिया, भंडारा, गडचिरौली, चंद्रपुर, यवतमाल और नागपुर जिलों तक फैले हुए हैं।
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक स्थानीय अधिकारियों के साथ बैठक के बाद इस बात का पता चला था कि इन किसानों को राष्ट्रीय राहत कोष के तरत मुआवजा नहीं दिया जा सकता जिसके बाद सरकार ने नियमों में परिवर्तन करने का फैसला किया था और इस मुद्दे को विधानसभा के सामने भी रखा था। महाराष्ट्र के कृषि मंत्री एकनाथ खड़से ने मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार के साथ बातचीत करने के बाद इसकी घोषणा की।
विज्ञापन
विज्ञापन
सूखे के बावजूद भी ये लोग राष्ट्रीय आपदा राहत कोष (एनडीआरएफ) के मानक के अंतर्गत नहीं आए थे लेकिन सरकार के इस फैसले के बाद अब उन किसानों को भी राहत मिलने की उम्मीद है। जिन 12,000 गांवों को सूखा ग्रसित घोषित किया गया है कि उनमें से 5,900 गांव अमरावती के अंतर्गत, जबकि अन्य गोंडिया, भंडारा, गडचिरौली, चंद्रपुर, यवतमाल और नागपुर जिलों तक फैले हुए हैं।
विज्ञापन
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक स्थानीय अधिकारियों के साथ बैठक के बाद इस बात का पता चला था कि इन किसानों को राष्ट्रीय राहत कोष के तरत मुआवजा नहीं दिया जा सकता जिसके बाद सरकार ने नियमों में परिवर्तन करने का फैसला किया था और इस मुद्दे को विधानसभा के सामने भी रखा था। महाराष्ट्र के कृषि मंत्री एकनाथ खड़से ने मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार के साथ बातचीत करने के बाद इसकी घोषणा की।
विज्ञापन