महाराष्ट्रः राज्यपाल कोश्यारी बोले, मनुष्य वही है, जो दूसरे के काम आए
राज्यपाल कोश्यारी ने कामना की कि आज भले ही डब्बावाले साइकिल से चल रहे हैं लेकिन मैं ईश्वर के चरणों में प्रार्थना करता हूं कि उनके बच्चे भविष्य में कार और हवाई जहाज से चलें...
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ज्ञान और धन बहुत लोगों के पास होता है, लेकिन वे दूसरों को बांट नहीं पाते हैं। मनुष्य वही है जो दूसरों के काम आए। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने सोमवार को राजभवन में श्री साईं श्रद्धा प्रतिष्ठान की तरफ से आयोजित मुंबई के डब्बावालों के सम्मान व साइकिल भेंट कार्यक्रम में यह बातें कही।
राज्यपाल ने कहा कि बहुत लोगों के पास पैसा नहीं होता है। लेकिन वे भी दूसरों की मदद करना चाहते हैं। यह समाज ऐसे ही लोगों से चल रहा है। छोटी-छोटी मदद से भी लोगों को बहुत राहत मिलता है। प्रतिष्ठान के अध्यक्ष व भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य शुभ्रांशु दिक्षित के कामों की सराहना करते हुए कोश्यारी ने कहा कि साईं इन्हें इतनी शक्ति दें कि वे और भी अच्छा काम करें। उन्होंने मुंबई डब्बावाला एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष तलेकर और दशरथ केदार सहित दर्जनभर से अधिक डब्बावालों को साइकिल की चाभी सौंपी।
हवाई-जहाज से चलें डिब्बावाले
मुंबई के सभी डब्बावाले लोगों को भोजन पहुंचाने का पुण्य काम कर रहे हैं। अच्छा काम करने वालों की ईश्वर हमेशा मदद करता है। राज्यपाल कोश्यारी ने कामना की कि आज भले ही डब्बावाले साइकिल से चल रहे हैं लेकिन मैं ईश्वर के चरणों में प्रार्थना करता हूं कि उनके बच्चे भविष्य में कार और हवाई जहाज से चलें। मुंबई डब्बावाला एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष तलेकर और दशरथ केदार सहित दर्जनभर से अधिक डब्बावालों को साइकिल की चाभी सौंपी।
वाराणसी के मूल निवासी हैं दीक्षित
सुभ्रांशु दीक्षित मूलरूप से वाराणसी के निवासी है। उन्होंने लॉकडाउन के दौरान हजारों किलो अनाज बांटा था। सोमवार को राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में दीक्षित ने कहा कि लॉकडाउन में सभी डिब्बावालों की स्थिति खराब हो गई थी। उनकी साइकिल बरसात में भीग गई थी जो चलने लायक नहीं थी। इसलिए हमने तय किया कि हम लोग डब्बावालों को नई साइकिल भेंट करेंगे।