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महाराष्ट्रः लोक न्यास का धन राज्यकोष में ले सकती है सरकार, राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग

Sun, 12 Apr 2020 09:53 AM IST
Rohit Ojha अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Published by: Rohit Ojha Updated Sun, 12 Apr 2020 09:53 AM IST
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Maharashtra Government can take money of public trusts in the state treasury seeking intervention from the governor
उद्धव ठाकरे (फाइल फोटो) - फोटो : Twitter

मुंबई के भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष का आरोप है कि महाराष्ट्र सरकार लोक न्यास (पब्लिक ट्रस्ट) में जमा रकम को राजकोष में समाहित करने की तैयारी कर रही है। उन्होंने राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी से इस पर हस्तक्षेप करने की मांग की है।

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मुंबई भाजपा अध्यक्ष व विधायक मंगल प्रभात लोढ़ा और शहर की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने शनिवार को इस मुद्दे पर राज्यपाल से मुलाकात की थी। लोढ़ा ने कहा है कि राज्य सरकार आर्थिक संकट से जूझ रही है और कदम से अरबों रुपये राज्य के खजाने में जमा हो जाएंगे।
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लोढ़ा का आरोप है कि राज्य सरकार की नजर काफी समय से ऐसे कोषों पर है और वह एक कानून बनाने की तैयारी में है, जिससे न्यासों की रकम को राजकोष में लिया जा सके। राज्यपाल से मिलने गए लोक न्यास, धार्मिक न्यास और सामजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने विश्वास दिलाया कि वर्तमान संकट में सभी ट्रस्ट एवं संस्थाएं जनसेवा के कार्यों में सहयोग कर रही हैं।
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जनसेवा के कार्यों में आएगा व्यवधान
लोढ़ा ने कहा कि हर आपदा के समय प्रधानमंत्री सहायता कोष, मुख्यमंत्री सहायता कोष या अन्य राहत कोष में लोक न्यासों द्वारा सहयोग किया जाता है। इसलिए यदि इनका धन लेने का कानून बना तो आने वाले समय में जनसेवा और जरूरतमंदों की सहायता के काम में व्यवधान आएगा।

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