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Maharashtra: जीबीएस डिसऑर्डर से महाराष्ट्र में जीबीएस से एक मरीजों की मौत, पुणे पहुंची केंद्रीय टीम
Mon, 27 Jan 2025 11:11 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: नितिन गौतम
Updated Mon, 27 Jan 2025 11:11 AM IST
सार
इम्युनोलॉजिकल नर्व डिसऑर्डर गिलियन बैरे सिंड्रोम का प्रकोप सबसे ज्यादा पुणे में देखा जा रहा है, जहां प्रभावितों का आंकड़ा रविवार को 100 के पार पहुंच गया। पुणे में जीबीएस प्रभावितों की संख्या 101 हो गई है, जिनमें से 68 पुरुष और 33 महिलाएं शामिल हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : freepik.com
विस्तार
महाराष्ट्र में जीबीएस यानी गुइलिन बैरे सिंड्रोम बीमारी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अब तक एक मरीजों की मौत हो चुकी है। इसको देखते हुए केंद्र की सात सदस्यीय टीम सोमवार को पुणे पहुंच गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की टीम भी प्रभावित क्षेत्र में पहुंची है।
पुणे में जीबीएस के अब तक 111 मामले सामने आए हैं, जिनमें 17 मरीज वेंटिलेटर पर हैं। अब एक चार्टर्ड अकाउंटेंट और 64 वर्षीय एक महिला मरीज की बीमारी से मौत हुई है। असाध्य रोग की जांच के लिए पुणे पहुंची केंद्रीय टीम में दिल्ली स्थित रोग नियंत्रण केंद्र, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी और बंगलुरू स्थित निम्हांस के न्यूरोलॉजिस्ट, माइक्रोबायोलॉजिस्ट, जन स्वास्थ्य विशेषज्ञ और चिकित्सा अधिकारी शामिल हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अगले 48 घंटे में स्थानीय प्रशासन के साथ बैठक और प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण करने के बाद केंद्रीय टीम बीमारी के अचानक से फैलने के पीछे कारणों का पता लगाएगी।
पुणे में सबसे ज्यादा मरीज
इम्युनोलॉजिकल नर्व डिसऑर्डर गिलियन बैरे सिंड्रोम का प्रकोप सबसे ज्यादा पुणे में देखा जा रहा है, जहां संक्रमितों का आंकड़ा रविवार को 100 के पार पहुंच गया। पुणे में जीबीएस संक्रमितों की संख्या 101 हो गई है, जिनमें से 68 पुरुष और 33 महिलाएं शामिल हैं। इनमें 16 मरीजों की हालत गंभीर है और वे वेंटीलेटर सपोर्ट पर हैं। रैपिड रेस्पॉन्स टीम और पुणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन का स्वास्थ्य विभाग लगातार सर्विलांस कर रहे हैं। खासकर पुणे के सिंघाद रोड पर विशेष निगरानी की जा रही है क्योंकि वहीं पर सबसे ज्यादा मरीज मिले हैं। अभी तक राज्य के 25,578 घरों का सर्वे किया जा चुका है। इनमें से 15,761 घर पुणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के और 3,719 घर चिंचवाड़ म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के तहत आते हैं। 6,098 घर ग्रामीण इलाके के हैं।
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क्या है जीबीएस
गिलियन बैरे सिंड्रोम या जीबीएस एक इम्युनोलॉजिकल नर्व डिसऑर्डर है। इस बीमारी में अचानक से हाथ-पैर सुन्न हो जाते हैं और मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं। इस बीमारी के लक्षणों में कमजोरी, डायरिया आदि शामिल हैं। आमतौर पर बैक्टीरिया और वायरल संक्रमण के चलते जीबीएस की समस्या हो रही है। इससे मरीज की इम्युनिटी भी कमजोर हो जाती है। बच्चे और युवा इस बीमारी से ज्यादा ग्रस्त हो रहे हैं। हालांकि अच्छी बात ये है कि इलाज के बाद मरीज ठीक हो रहे हैं। सरकार ने लोगों से पीने का पानी साफ रखने और पानी उबालकर इस्तेमाल करने की सलाह दी है। साथ ही लोगों को अपने खाने में साफ-सफाई रखने और सब्जियों को अच्छी तरह से उबालकर खाने की सलाह जारी की है।
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पुणे में जीबीएस के अब तक 111 मामले सामने आए हैं, जिनमें 17 मरीज वेंटिलेटर पर हैं। अब एक चार्टर्ड अकाउंटेंट और 64 वर्षीय एक महिला मरीज की बीमारी से मौत हुई है। असाध्य रोग की जांच के लिए पुणे पहुंची केंद्रीय टीम में दिल्ली स्थित रोग नियंत्रण केंद्र, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी और बंगलुरू स्थित निम्हांस के न्यूरोलॉजिस्ट, माइक्रोबायोलॉजिस्ट, जन स्वास्थ्य विशेषज्ञ और चिकित्सा अधिकारी शामिल हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अगले 48 घंटे में स्थानीय प्रशासन के साथ बैठक और प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण करने के बाद केंद्रीय टीम बीमारी के अचानक से फैलने के पीछे कारणों का पता लगाएगी।
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पुणे में सबसे ज्यादा मरीज
इम्युनोलॉजिकल नर्व डिसऑर्डर गिलियन बैरे सिंड्रोम का प्रकोप सबसे ज्यादा पुणे में देखा जा रहा है, जहां संक्रमितों का आंकड़ा रविवार को 100 के पार पहुंच गया। पुणे में जीबीएस संक्रमितों की संख्या 101 हो गई है, जिनमें से 68 पुरुष और 33 महिलाएं शामिल हैं। इनमें 16 मरीजों की हालत गंभीर है और वे वेंटीलेटर सपोर्ट पर हैं। रैपिड रेस्पॉन्स टीम और पुणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन का स्वास्थ्य विभाग लगातार सर्विलांस कर रहे हैं। खासकर पुणे के सिंघाद रोड पर विशेष निगरानी की जा रही है क्योंकि वहीं पर सबसे ज्यादा मरीज मिले हैं। अभी तक राज्य के 25,578 घरों का सर्वे किया जा चुका है। इनमें से 15,761 घर पुणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के और 3,719 घर चिंचवाड़ म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के तहत आते हैं। 6,098 घर ग्रामीण इलाके के हैं।
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क्या है जीबीएस
गिलियन बैरे सिंड्रोम या जीबीएस एक इम्युनोलॉजिकल नर्व डिसऑर्डर है। इस बीमारी में अचानक से हाथ-पैर सुन्न हो जाते हैं और मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं। इस बीमारी के लक्षणों में कमजोरी, डायरिया आदि शामिल हैं। आमतौर पर बैक्टीरिया और वायरल संक्रमण के चलते जीबीएस की समस्या हो रही है। इससे मरीज की इम्युनिटी भी कमजोर हो जाती है। बच्चे और युवा इस बीमारी से ज्यादा ग्रस्त हो रहे हैं। हालांकि अच्छी बात ये है कि इलाज के बाद मरीज ठीक हो रहे हैं। सरकार ने लोगों से पीने का पानी साफ रखने और पानी उबालकर इस्तेमाल करने की सलाह दी है। साथ ही लोगों को अपने खाने में साफ-सफाई रखने और सब्जियों को अच्छी तरह से उबालकर खाने की सलाह जारी की है।