Maharashtra: सरकार ने फसल खरीद केंद्रों को ऑफलाइन मोड में काम करने की दी अनुमति, किसानों ने लगाया था यह आरोप
अधिकारियों ने बताया कि सुबह सात बजे से चना खरीद शुरू होने के बारे में सोशल मीडिया पर एक 'आधिकारिक' संदेश वायरल हुआ था। लेकिन, वहां पहुंचने पर पाया गया कि कई केंद्रों को या तो ऐसा कोई आदेश नहीं मिला है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
महाराष्ट्र की शिंदे सरकार ने सोमवार को अमरावती में फसल खरीद केंद्रों पंजीकरण और अन्य औपचारिकताओं को पूरा करने लिए ऑफलाइन मोड में काम करने की अनुमति दी। दरअसल, बीते चौबीस घंटों के भीतर हजारों किसानों ने गलत संचार और कुप्रबंधन का आरोप लगाया था। इसके बाद सरकार ने यह फैसला लिया है।
अधिकारियों ने बताया कि सुबह सात बजे से चना खरीद शुरू होने के बारे में सोशल मीडिया पर एक 'आधिकारिक' संदेश वायरल हुआ था। लेकिन, वहां पहुंचने पर पाया गया कि कई केंद्रों को या तो ऐसा कोई आदेश नहीं मिला है और उनका प्रबंधन खराब तरीके से किया जाता है।
कुछ खरीद केंद्रों पर तैनात करने पड़े पुलिसकर्मी
अधिकारियों ने बताया कि धमनगांव रेलवे, नंदगांव खंडेश्वर और चंदूर रेलवे तालुकों में स्थित कुछ केंद्रों पर पुलिसकर्मियों को इसलिए तैनात करना पड़ा, ताकि किसानों की परेशानी के कारण किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।
उपमुख्यमंत्री ने ऑफलाइन मोड में प्रक्रिया पूरी करने के दिए निर्देश
इसके बाद दोपहर में उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इन खरीद केंद्रों पर पंजीकरण और अन्य औपचारिकताओं की प्रक्रिया ऑनलाइन मोड में की जाती है, लेकिन किसानों की भीड़ के कारण असाधारण परिस्थितियों में ऑफलाइन मोड के लिए एक निर्देश जारी किया गया है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पत्र, पंजीकरण की कही गई थी बात
एक खरीद केंद्र के बाहर एकत्र हुए किसानों ने बताया कि इस तरह की खरीद की देखरेख भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ लिमिटेड (नेफेड) के द्वारा किया जाता है। सोमवार सुबह सात बजे से ही इसका एक पत्र वायरल हो रहा था, जिसमें अपनी उपज बेचने के इच्छुक किसानों के पंजीकरण के शुरू होने की बात कही गई थी।
फडणवीस के आश्वासन के बावजूद केंद्रों पर रही भीड़
किसानों ने आरोप लगाया कि कुछ खरीद केंद्रों को प्रक्रिया शुरू करने के आदेश नहीं मिले, जबकि अन्य केंद्रों का प्रबंधन खराब तरीके से किया गया। इस बीच, अधिकारियों ने बताया कि इन केंद्रों पर किसानों की संख्या इतनी ज्यादा है कि फडणवीस के ऑफलाइन मोड के आश्वासन के बावजूद दिनभर भीड़ जारी रही।