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महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला: सूखे के बीच 11 विभागों के कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द; स्थिति कितनी गंभीर?
Mon, 28 Sep 2026 09:29 PM IST
शिवम गर्ग
पीटीआई, हिंगोली
पीटीआई, हिंगोली
Published by: शिवम गर्ग
Updated Mon, 28 Sep 2026 09:29 PM IST
सार
महाराष्ट्र में सूखे जैसे हालात के बीच सरकार ने 11 विभागों के कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। अधिकारियों को फसल नुकसान का आकलन करने के लिए फील्ड ड्यूटी पर भेजा गया है।
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सूखे के बीच सरकार का बड़ा फैसला
- फोटो : Amar Ujala Graphics
विस्तार
महाराष्ट्र में सूखे जैसे हालात को देखते हुए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सूखा प्रबंधन से जुड़े 11 विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। उन्हें फील्ड में जाकर फसल नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने सोमवार को हिंगोली जिले के आरती गांव के दौरे के दौरान यह जानकारी दी। मंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र का करीब 75 फीसदी हिस्सा सूखे जैसी स्थिति से प्रभावित है। इनमें सोयाबीन की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान होने की बात सामने आई है।
265 तालुकाओं में घोषित हुआ सूखा
महाराष्ट्र सरकार ने शनिवार को राज्य के 358 में से 265 तालुकाओं को सूखा प्रभावित घोषित किया था। बारिश की कमी को देखते हुए सरकार ने किसानों के लिए कई राहत उपायों की घोषणा की है। इनमें फसल ऋण के पुनर्गठन, भू-राजस्व में रियायत और बिजली बिल में राहत जैसे कदम शामिल हैं। अब सरकार प्रभावित इलाकों में फसल नुकसान का विस्तृत आकलन करा रही है। इसके लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को फील्ड ड्यूटी पर लगाया गया है।
फसल नुकसान की रिपोर्ट के बाद तय होगी आर्थिक मदद
चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्थिति का आकलन करने के लिए कैबिनेट उपसमिति का गठन किया है। समिति के सदस्य प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं और फसलों को हुए नुकसान की जानकारी जुटा रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि सरकार फसल बीमा और राष्ट्रीय आपदा मोचन कोष यानी NDRF के नियमों के तहत उपलब्ध सहायता का भी आकलन करेगी। लागू प्रावधानों के तहत किसानों को मिलने वाले अधिक लाभ पर भी विचार किया जाएगा। मंत्री ने साफ किया कि आर्थिक सहायता का फैसला सभी आकलन रिपोर्ट मिलने और उन्हें एक साथ देखने के बाद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूरी स्थिति का आकलन किए बिना जल्दबाजी में राहत घोषित करने से कुछ प्रभावित किसान मदद से बाहर रह सकते हैं।
हिंगोली में पांच तालुके सूखा प्रभावित
हिंगोली जिले के पांच तालुकाओं को सूखा प्रभावित घोषित किया गया है। इनमें कलमनुरी, वसमत, औंढा नागनाथ, सेनगांव और हिंगोली शामिल हैं। जिला कलेक्टर राहुल गुप्ता ने सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियों को लेकर भी आदेश जारी किया है। आदेश के मुताबिक, संबंधित अधिकारियों की अनुमति के बिना सरकारी कर्मचारियों की छुट्टी मंजूर नहीं की जाएगी।
बिना अनुमति गैरहाजिर रहने पर कार्रवाई
हिंगोली में विभिन्न सरकारी कार्यालयों के प्रमुखों को निर्देश दिया गया है कि वे जिला कलेक्टर की अनुमति के बिना कर्मचारियों की छुट्टी मंजूर न करें। आदेश में यह भी कहा गया है कि बिना आधिकारिक अनुमति ड्यूटी से गैरहाजिर रहने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। सरकार का फोकस फिलहाल फसल नुकसान का आकलन और सूखा प्रभावित किसानों तक राहत पहुंचाने पर है।
मंत्री के काफिले को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रोका
हिंगोली दौरे के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के काफिले को रोक दिया। इससे कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति बनी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंत्री को ज्ञापन सौंपकर किसानों के लिए तत्काल राहत की मांग की। इसके अलावा उन्होंने SIR प्रक्रिया को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी ज्ञापन में रखी।
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265 तालुकाओं में घोषित हुआ सूखा
महाराष्ट्र सरकार ने शनिवार को राज्य के 358 में से 265 तालुकाओं को सूखा प्रभावित घोषित किया था। बारिश की कमी को देखते हुए सरकार ने किसानों के लिए कई राहत उपायों की घोषणा की है। इनमें फसल ऋण के पुनर्गठन, भू-राजस्व में रियायत और बिजली बिल में राहत जैसे कदम शामिल हैं। अब सरकार प्रभावित इलाकों में फसल नुकसान का विस्तृत आकलन करा रही है। इसके लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को फील्ड ड्यूटी पर लगाया गया है।
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फसल नुकसान की रिपोर्ट के बाद तय होगी आर्थिक मदद
चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्थिति का आकलन करने के लिए कैबिनेट उपसमिति का गठन किया है। समिति के सदस्य प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं और फसलों को हुए नुकसान की जानकारी जुटा रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि सरकार फसल बीमा और राष्ट्रीय आपदा मोचन कोष यानी NDRF के नियमों के तहत उपलब्ध सहायता का भी आकलन करेगी। लागू प्रावधानों के तहत किसानों को मिलने वाले अधिक लाभ पर भी विचार किया जाएगा। मंत्री ने साफ किया कि आर्थिक सहायता का फैसला सभी आकलन रिपोर्ट मिलने और उन्हें एक साथ देखने के बाद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूरी स्थिति का आकलन किए बिना जल्दबाजी में राहत घोषित करने से कुछ प्रभावित किसान मदद से बाहर रह सकते हैं।
हिंगोली में पांच तालुके सूखा प्रभावित
हिंगोली जिले के पांच तालुकाओं को सूखा प्रभावित घोषित किया गया है। इनमें कलमनुरी, वसमत, औंढा नागनाथ, सेनगांव और हिंगोली शामिल हैं। जिला कलेक्टर राहुल गुप्ता ने सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियों को लेकर भी आदेश जारी किया है। आदेश के मुताबिक, संबंधित अधिकारियों की अनुमति के बिना सरकारी कर्मचारियों की छुट्टी मंजूर नहीं की जाएगी।
बिना अनुमति गैरहाजिर रहने पर कार्रवाई
हिंगोली में विभिन्न सरकारी कार्यालयों के प्रमुखों को निर्देश दिया गया है कि वे जिला कलेक्टर की अनुमति के बिना कर्मचारियों की छुट्टी मंजूर न करें। आदेश में यह भी कहा गया है कि बिना आधिकारिक अनुमति ड्यूटी से गैरहाजिर रहने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। सरकार का फोकस फिलहाल फसल नुकसान का आकलन और सूखा प्रभावित किसानों तक राहत पहुंचाने पर है।
मंत्री के काफिले को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रोका
हिंगोली दौरे के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के काफिले को रोक दिया। इससे कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति बनी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंत्री को ज्ञापन सौंपकर किसानों के लिए तत्काल राहत की मांग की। इसके अलावा उन्होंने SIR प्रक्रिया को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी ज्ञापन में रखी।