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दिल्ली की झुग्गियों में पहुंचे राहुल: एसडीएम से बोले- दूसरे तरीके से करूंगा बात; बताई एसआईआर की ये गड़बड़ी
Mon, 28 Sep 2026 09:31 PM IST
राकेश कुमार
पीटीआई, नई दिल्ली।
पीटीआई, नई दिल्ली।
Published by: राकेश कुमार
Updated Mon, 28 Sep 2026 09:31 PM IST
सार
बेला एस्टेट में 727 लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने के दावे को लेकर राहुल गांधी ने एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा है। उन्होंने इसे 'वोट चोरी' का तरीका बताया और कहा कि ज्ञानेश कुमार के जाने के बाद भी उस सिस्टम को जवाब देना होगा, जिसने यह व्यवस्था बनाई। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने कहा है कि एसआईआर से जुड़े आदेश तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से जारी हुए। आयोग के भीतर मतभेद को लेकर आई रिपोर्ट पर भी चुनाव आयोग ने अलग स्पष्टीकरण दिया है।
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राहुल गांधी , नेता प्रतिपक्ष, लोकसभा
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार शाम दिल्ली में यमुना किनारे स्थित बेला एस्टेट की झुग्गी बस्ती का दौरा किया। यहां उन्होंने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का मुद्दा उठाया। राहुल गांधी के मुताबिक, इलाके में रहने वाले 728 लोगों में से एसआईआर के बाद केवल एक व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में बचा है, जबकि 727 नाम हटा दिए गए हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि ये लोग दशकों से वहीं रह रहे हैं और 2024 के लोकसभा चुनाव में मतदान कर चुके हैं। इन लोगों ने 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में भी वोट डाला था। वर्ष 2023 में इनके घर तोड़े गए थे, लेकिन लोग वहां से कहीं नहीं गए और अब भी वहीं रह रहे हैं।
राहुल गांधी ने एसडीएम से क्या कहा?
राहुल गांधी ने इलाके के मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर एक उपमंडल अधिकारी यानी एसडीएम से फोन पर बात की। वीडियो में वह अधिकारी से उसका नाम और पद पूछते हुए सुनाई देते हैं। राहुल गांधी ने कहा कि किसी व्यक्ति के पास घर है या नहीं, इसका उसके वोट देने के अधिकार से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि वह अधिकारी से दूसरे तरीके से बात करेंगे।
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राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के उस कथित बयान का भी हवाला दिया, जिसमें ‘घर नंबर शून्य’ को बेघर लोगों के लिए इस्तेमाल किए जाने की बात कही गई थी। राहुल गांधी का सवाल है कि अगर ऐसा प्रावधान है तो फिर 727 लोगों के नाम क्यों काटे गए?
राहुल गांधी ने एसआईआर को ‘वोट चोरी’ क्यों कहा?
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि यह सामान्य मतदाता सूची पुनरीक्षण नहीं, बल्कि 'वोट चोरी' का एक तरीका है। उनका कहना है कि जिन लोगों के पास पहले से सबसे कम संसाधन और ताकत है, उनसे उनकी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत यानी वोट का अधिकार छीना जा रहा है। उन्होंने कहा, 'ज्ञानेश कुमार जाएंगे। लेकिन जिस सिस्टम ने उनसे यह करवाया, उसे भी जवाब देना होगा।'
कांग्रेस ने इससे पहले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाए थे। पार्टी ने कहा कि देश के लोकतंत्र को फिर से हासिल करने की लंबी प्रक्रिया में पहला कदम मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा होना चाहिए। वहीं, चुनाव आयोग ने शनिवार को कहा कि एसआईआर से जुड़े सभी आदेश तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से जारी हुए हैं। आयोग ने यह भी कहा कि मतदाता नामांकन के लिए फॉर्म-6 में किए गए बदलावों को सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा है।
यह भी पढ़ें: मंत्री प्रवेश वर्मा के थप्पड़ कांड पर एक्शन: पुलिस ने दर्ज की एनसीआर, आप विधायक जनरैल सिंह पर गंभीर आरोप
विवाद की जड़ क्या?
एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग के भीतर मतभेद की खबरों पर भी आयोग ने सफाई दी। आयोग ने कहा कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की कैबिनेट सचिव को भेजी गई चिट्ठियां प्रतिनियुक्ति पर आए एक अधिकारी से जुड़ी थीं, न कि नीतिगत या सूचना-प्रौद्योगिकी से जुड़े मामलों से।
हालांकि, एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि संधू और जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार रिकॉर्ड पर एसआईआर से जुड़े फैसलों और आदेशों पर आपत्ति जताई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों ने कहा था कि ये फैसले उनकी जानकारी या सिफारिश के बिना जारी किए गए।
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राहुल गांधी ने कहा कि ये लोग दशकों से वहीं रह रहे हैं और 2024 के लोकसभा चुनाव में मतदान कर चुके हैं। इन लोगों ने 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में भी वोट डाला था। वर्ष 2023 में इनके घर तोड़े गए थे, लेकिन लोग वहां से कहीं नहीं गए और अब भी वहीं रह रहे हैं।
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राहुल गांधी ने एसडीएम से क्या कहा?
राहुल गांधी ने इलाके के मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर एक उपमंडल अधिकारी यानी एसडीएम से फोन पर बात की। वीडियो में वह अधिकारी से उसका नाम और पद पूछते हुए सुनाई देते हैं। राहुल गांधी ने कहा कि किसी व्यक्ति के पास घर है या नहीं, इसका उसके वोट देने के अधिकार से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि वह अधिकारी से दूसरे तरीके से बात करेंगे।
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राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के उस कथित बयान का भी हवाला दिया, जिसमें ‘घर नंबर शून्य’ को बेघर लोगों के लिए इस्तेमाल किए जाने की बात कही गई थी। राहुल गांधी का सवाल है कि अगर ऐसा प्रावधान है तो फिर 727 लोगों के नाम क्यों काटे गए?
राहुल गांधी ने एसआईआर को ‘वोट चोरी’ क्यों कहा?
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि यह सामान्य मतदाता सूची पुनरीक्षण नहीं, बल्कि 'वोट चोरी' का एक तरीका है। उनका कहना है कि जिन लोगों के पास पहले से सबसे कम संसाधन और ताकत है, उनसे उनकी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत यानी वोट का अधिकार छीना जा रहा है। उन्होंने कहा, 'ज्ञानेश कुमार जाएंगे। लेकिन जिस सिस्टम ने उनसे यह करवाया, उसे भी जवाब देना होगा।'
कांग्रेस ने इससे पहले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाए थे। पार्टी ने कहा कि देश के लोकतंत्र को फिर से हासिल करने की लंबी प्रक्रिया में पहला कदम मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा होना चाहिए। वहीं, चुनाव आयोग ने शनिवार को कहा कि एसआईआर से जुड़े सभी आदेश तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से जारी हुए हैं। आयोग ने यह भी कहा कि मतदाता नामांकन के लिए फॉर्म-6 में किए गए बदलावों को सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा है।
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विवाद की जड़ क्या?
एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग के भीतर मतभेद की खबरों पर भी आयोग ने सफाई दी। आयोग ने कहा कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की कैबिनेट सचिव को भेजी गई चिट्ठियां प्रतिनियुक्ति पर आए एक अधिकारी से जुड़ी थीं, न कि नीतिगत या सूचना-प्रौद्योगिकी से जुड़े मामलों से।
हालांकि, एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि संधू और जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार रिकॉर्ड पर एसआईआर से जुड़े फैसलों और आदेशों पर आपत्ति जताई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों ने कहा था कि ये फैसले उनकी जानकारी या सिफारिश के बिना जारी किए गए।