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महाराष्ट्र: बेटी ने चार साल तक फ्रीजर में रखा पिता का शव, अमेरिका भेजने की थी तैयारी; कैसे हुआ खुलासा?
Wed, 30 Sep 2026 08:37 AM IST
अस्मिता त्रिपाठी
डिजिटल ब्यूरो ,अमर उजाला, मुबंई
डिजिटल ब्यूरो ,अमर उजाला, मुबंई
Published by: अस्मिता त्रिपाठी
Updated Wed, 30 Sep 2026 08:37 AM IST
सार
मुंबई के मालाड में एक बेटी ने अपने 78 वर्षीय पिता के शव को करीब चार साल तक फ्रीजर में सुरक्षित रखा। पिता की 2022 में प्राकृतिक मौत हुई थी। बेटी शव को अमेरिका भेजकर सुरक्षित रखना चाहती थी। आइए जानते हैं इस मामले का खुलासा कैसे हुआ है?
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चार साल तक फ्रीजर में रखा पिता का शव
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
मुंबई के मालाड इलाके में एक बेटी ने अपने पिता के शव को करीब चार साल तक फ्रीजर में संभालकर रखा। बेटी अपने पिता से इतनी गहराई से जुड़ी हुई थी कि वह उनके शव को लंबे समय तक सुरक्षित रखना चाहती थी। इस हैरान करने वाले मामले का खुलासा तब हुआ, जब चॉल के रीडेवलपमेंट के लिए परिसर खाली कराने की प्रक्रिया शुरू हुई।
पुलिस ने क्या बताया?
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, 78 वर्षीय बुजुर्ग काफी समय से कैंसर से पीड़ित थे और जून 2022 में दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हो गई थी। पिता की मौत के बाद बेटी ने डॉक्टर से डेथ सर्टिफिकेट भी बनवा लिया था। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि बुजुर्ग की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई थी और इसमें किसी तरह की आपराधिक साजिश के संकेत नहीं मिले हैं।
बेटी ने शव को लेकर आगे क्या योजना बनाई थी?
मौत के बाद बेटी ने पिता के शव को मालाड ईस्ट स्थित एक चॉल के डे-केयर सेंटर में रखे फ्रीजर में रखवा दिया था। पूछताछ में पता चला कि बेटी की योजना केवल शव को फ्रीजर में सुरक्षित रखने तक सीमित नहीं थी। उसने अमेरिका की एक ऐसी संस्था से भी संपर्क किया था, जो शवों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने की सेवा देती है। बेटी की योजना पैसे जुटाने और जरूरी कानूनी कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद पिता के शव को अमेरिका भेजने की थी। इसके लिए वह लगातार अमेरिकी संस्था के संपर्क में थी, कानूनी सलाह ले रही थी और पैसों का इंतजाम करने में जुटी थी। इस दौरान वह खुद अंधेरी वेस्ट में रह रही थी।
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मामले का खुलासा कैसे हुआ?
मामले का खुलासा तब हुआ, जब करीब 2,000 वर्ग फुट से ज्यादा क्षेत्र में फैली इस चॉल के रीडेवलपमेंट की तैयारी शुरू हुई और मकान मालिक ने जगह खाली करने को कहा। मकान मालिक के मुताबिक, उसने साल 2022 की शुरुआत में अब्दुल रहमान नाम के व्यक्ति को यह जगह किराए पर दी थी। बाद में रहमान ने यह जगह एक दूसरे मैनेजमेंट को सौंप दी, जहां क्लिनिक और डे-केयर सेंटर चलाया जा रहा था। मकान मालिक का कहना है कि उसे इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि क्लिनिक और डे-केयर सेंटर के फ्रीजर में किसी इंसान का शव रखा हुआ है।
यह डे-केयर सेंटर करीब एक महीने पहले ही बंद हुआ था। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच की। पुलिस को फ्रीजर के अंदर बुजुर्ग का शव सुरक्षित हालत में मिला। पुलिस का कहना है कि इतने लंबे समय तक शव को इस तरह फ्रीजर में रखना बेहद असामान्य जरूर है, लेकिन अब तक की जांच में कोई आपराधिक पहलू सामने नहीं आया है। हैरानी की बात यह भी है कि डे-केयर सेंटर चलाने वालों ने भी कभी पुलिस को फ्रीजर में शव रखे होने की जानकारी नहीं दी थी। पुलिस ने परिवार के लोगों से बातचीत की है। अब आगे परिवार को ही तय करना है कि वे शव का अंतिम संस्कार करना चाहते हैं या जरूरी कागजी प्रक्रिया पूरी कर फीस जमा करने के बाद शव को बीएमसी को सौंपना चाहते हैं।
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पुलिस ने क्या बताया?
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, 78 वर्षीय बुजुर्ग काफी समय से कैंसर से पीड़ित थे और जून 2022 में दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हो गई थी। पिता की मौत के बाद बेटी ने डॉक्टर से डेथ सर्टिफिकेट भी बनवा लिया था। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि बुजुर्ग की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई थी और इसमें किसी तरह की आपराधिक साजिश के संकेत नहीं मिले हैं।
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बेटी ने शव को लेकर आगे क्या योजना बनाई थी?
मौत के बाद बेटी ने पिता के शव को मालाड ईस्ट स्थित एक चॉल के डे-केयर सेंटर में रखे फ्रीजर में रखवा दिया था। पूछताछ में पता चला कि बेटी की योजना केवल शव को फ्रीजर में सुरक्षित रखने तक सीमित नहीं थी। उसने अमेरिका की एक ऐसी संस्था से भी संपर्क किया था, जो शवों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने की सेवा देती है। बेटी की योजना पैसे जुटाने और जरूरी कानूनी कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद पिता के शव को अमेरिका भेजने की थी। इसके लिए वह लगातार अमेरिकी संस्था के संपर्क में थी, कानूनी सलाह ले रही थी और पैसों का इंतजाम करने में जुटी थी। इस दौरान वह खुद अंधेरी वेस्ट में रह रही थी।
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मामले का खुलासा कैसे हुआ?
मामले का खुलासा तब हुआ, जब करीब 2,000 वर्ग फुट से ज्यादा क्षेत्र में फैली इस चॉल के रीडेवलपमेंट की तैयारी शुरू हुई और मकान मालिक ने जगह खाली करने को कहा। मकान मालिक के मुताबिक, उसने साल 2022 की शुरुआत में अब्दुल रहमान नाम के व्यक्ति को यह जगह किराए पर दी थी। बाद में रहमान ने यह जगह एक दूसरे मैनेजमेंट को सौंप दी, जहां क्लिनिक और डे-केयर सेंटर चलाया जा रहा था। मकान मालिक का कहना है कि उसे इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि क्लिनिक और डे-केयर सेंटर के फ्रीजर में किसी इंसान का शव रखा हुआ है।
यह डे-केयर सेंटर करीब एक महीने पहले ही बंद हुआ था। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच की। पुलिस को फ्रीजर के अंदर बुजुर्ग का शव सुरक्षित हालत में मिला। पुलिस का कहना है कि इतने लंबे समय तक शव को इस तरह फ्रीजर में रखना बेहद असामान्य जरूर है, लेकिन अब तक की जांच में कोई आपराधिक पहलू सामने नहीं आया है। हैरानी की बात यह भी है कि डे-केयर सेंटर चलाने वालों ने भी कभी पुलिस को फ्रीजर में शव रखे होने की जानकारी नहीं दी थी। पुलिस ने परिवार के लोगों से बातचीत की है। अब आगे परिवार को ही तय करना है कि वे शव का अंतिम संस्कार करना चाहते हैं या जरूरी कागजी प्रक्रिया पूरी कर फीस जमा करने के बाद शव को बीएमसी को सौंपना चाहते हैं।