{"_id":"690b8c78f7a6024422068d66","slug":"maharashtra-compensation-two-acres-of-crop-is-only-six-rupees-affected-farmer-crops-excessive-rainfall-floods-2025-11-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"महाराष्ट्रः दो एकड़ की फसल का मुआवजा मात्र छह रुपये, पीड़ित किसान ने कहा- इतने में तो एक कप चाय भी नहीं मिलती","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
महाराष्ट्रः दो एकड़ की फसल का मुआवजा मात्र छह रुपये, पीड़ित किसान ने कहा- इतने में तो एक कप चाय भी नहीं मिलती
Wed, 05 Nov 2025 11:12 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छत्रपति संभाजीनगर।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छत्रपति संभाजीनगर।
Published by: निर्मल कांत
Updated Wed, 05 Nov 2025 11:12 PM IST
सार
Maharashtra: छत्रपति संभाजीनगर जिले के एक बाढ़ प्रभावित किसान दिगंबर सुधाकर तांगड़े ने दावा किया कि सरकार की ओर से उन्हें मात्र छह रुपये की आर्थिक सहायता मिली है। उन्होंने कहा कि इतने में तो एक कप चाय भी नहीं मिलती।
विज्ञापन
महाराष्ट्र बाढ़
- फोटो : पीटीआई (फाइल)
विस्तार
महाराष्ट्र में अतिवृष्टि व बाढ़ के कारण हजारों की किसानों की फसलें चौपट हो गईं और वे मदद के लिए दर-दर भटकते रहे लेकिन कहीं कोई उम्मीद नजर नहीं आई। अब जब सरकार को उनका सहारा बनना था तो वह भी उनके जख्मों पर मुआवजे की मरहम लगाने की बजाय चार-छह रूपये देकर नमक छिड़कने का काम कर रही है।
ताजा मामला छत्रपति संभाजीनगर जिले के किसान दिगंबर सुधाकर तांगड़े से जुड़ा है। उन्होंने दावा है कि सरकार की ओर से उन्हें मात्र छह रुपये की आर्थिक सहायता मिली है। इतने में तो एक कप चाय भी नहीं मिलती। उन्होंने मदद के नाम पर इसे किसानों का अपमान और उनके साथ भद्दा मजाक बताया।
ये भी पढ़ें: Bengal SIR: 'कल से ऑनलाइन भी मतदाता पंजीकरण फॉर्म भर सकेंगे, तकनीकी समस्या से हुई देरी..', EC ने की घोषणा
विज्ञापन
हाल ही में, अकोला जिले के कुछ गांवों के किसानों ने दावा किया कि उन्हें भारी बारिश के कारण हुई फसल के नुकसान के लिए केंद्रीय बीमा योजना के तहत केवल तीन रुपये और 21 रुपये का मुआवजा मिला है।
'आर्थिक मदद नहीं कर्ज माफी चाहिए'
पत्रकारों से बात करते हुए पैठण तालुका के दवारवाड़ी गांव के निवासी तांगड़े ने कहा कि मेरे पास सिर्फ दो एकड़ जमीन है। मुझे मैसेज आया कि मेरे बैंक खाते में छह रुपये जमा हो गए हैं। यह राशि मेरे लिए एक कप चाय खरीदने के लिए भी पर्याप्त नहीं है। सरकार ने किसानों के साथ बहुत बड़ा मजाक किया है।
उन्होंने आगे कहा कि हमें कर्ज माफी चाहिए और सरकार मेरे खाते में छह रुपये जमा करके किसानों के साथ मजाक कर रही है। हमारा राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है लेकिन कम से कम (पूर्व मुख्यमंत्री) उद्धव ठाकरे ने अपने कार्यकाल में कर्ज माफी की थी। उन्होंने कहा कि लोग पिछले दो माह से मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं। अब वे इतनी राशि भेज रहे हैं।
विज्ञापन
ताजा मामला छत्रपति संभाजीनगर जिले के किसान दिगंबर सुधाकर तांगड़े से जुड़ा है। उन्होंने दावा है कि सरकार की ओर से उन्हें मात्र छह रुपये की आर्थिक सहायता मिली है। इतने में तो एक कप चाय भी नहीं मिलती। उन्होंने मदद के नाम पर इसे किसानों का अपमान और उनके साथ भद्दा मजाक बताया।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: Bengal SIR: 'कल से ऑनलाइन भी मतदाता पंजीकरण फॉर्म भर सकेंगे, तकनीकी समस्या से हुई देरी..', EC ने की घोषणा
विज्ञापन
हाल ही में, अकोला जिले के कुछ गांवों के किसानों ने दावा किया कि उन्हें भारी बारिश के कारण हुई फसल के नुकसान के लिए केंद्रीय बीमा योजना के तहत केवल तीन रुपये और 21 रुपये का मुआवजा मिला है।
'आर्थिक मदद नहीं कर्ज माफी चाहिए'
पत्रकारों से बात करते हुए पैठण तालुका के दवारवाड़ी गांव के निवासी तांगड़े ने कहा कि मेरे पास सिर्फ दो एकड़ जमीन है। मुझे मैसेज आया कि मेरे बैंक खाते में छह रुपये जमा हो गए हैं। यह राशि मेरे लिए एक कप चाय खरीदने के लिए भी पर्याप्त नहीं है। सरकार ने किसानों के साथ बहुत बड़ा मजाक किया है।
उन्होंने आगे कहा कि हमें कर्ज माफी चाहिए और सरकार मेरे खाते में छह रुपये जमा करके किसानों के साथ मजाक कर रही है। हमारा राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है लेकिन कम से कम (पूर्व मुख्यमंत्री) उद्धव ठाकरे ने अपने कार्यकाल में कर्ज माफी की थी। उन्होंने कहा कि लोग पिछले दो माह से मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं। अब वे इतनी राशि भेज रहे हैं।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन