{"_id":"621bebfa2869a026247e6141","slug":"maharashtra-cm-uddhav-thackeray-reiterates-demand-for-classical-language-status-to-marathi","type":"story","status":"publish","title_hn":"महाराष्ट्र: मुख्यमंत्री ठाकरे ने फिर दोहराई मराठी को 'प्रतिष्ठित' भाषा का दर्जा देने की मांग","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
महाराष्ट्र: मुख्यमंत्री ठाकरे ने फिर दोहराई मराठी को 'प्रतिष्ठित' भाषा का दर्जा देने की मांग
Mon, 28 Feb 2022 02:54 AM IST
Jeet Kumar
पीटीआई, मुंबई
पीटीआई, मुंबई
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 28 Feb 2022 02:54 AM IST
सार
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि मराठी को गौरवशाली बनाना आवश्यक है। मराठी भाषा का संरक्षण हमारी जिम्मेदारी है। हमें भाषा बोलनी होगी और उस पर गर्व करना होगा।
विज्ञापन
उद्धव ठाकरे, मुख्यमंत्री, महाराष्ट्र
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे लगातार मराठी भाषा को प्रतिष्ठित भाषा का दर्जा देने की वकालत कर रहे हैं। उन्होंने एक बार फिर मराठी को प्रतिष्ठित भाषा का दर्जा देने की मांग उठाई है। मराठी भाषा गौरव दिवस को लेकर हुए एक कार्यक्रम में बोलते हुए ठाकरे ने कहा कि मराठी की महिमा को पूरे वर्ष मनाया जाना चाहिए।
विज्ञापन
सीएम ठाकरे ने कहा कि हम छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज हैं और यह हमें तय करना है कि हम उनकी विरासत को कैसे आगे बढ़ाते हैं। मातृभाषा किसी की मां की ओर से सबसे अच्छा उपहार है और इसे गौरवशाली बनाना आवश्यक है। मराठी भाषा का संरक्षण हमारी जिम्मेदारी है। हमें भाषा बोलनी होगी और उस पर गर्व करना होगा।
विज्ञापन
मराठी को प्रतिष्ठित भाषा का दर्जा देने की मांग को लेकर शिवसेना नेता सुभाष देसाई ने हाल ही में केंद्रीय संस्कृति मंत्री जी किशन रेड्डी से मुलाकात की थी। महाराष्ट्र सरकार ने इस मांग के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पहले भेजे गए 1.2 लाख पोस्टकार्ड के अलावा 6,000 पोस्टकार्ड भेजे थे।
विज्ञापन
2020 में महाराष्ट्र की विधानसभा ने एक सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित किया था जिसमें केंद्र को मराठी को प्रतिष्ठित भाषा का दर्जा देने की सिफारिश की गई थी। हालांकि इसे लेकर अभी संशय बना हुआ है। लेकिन शिवसेना के ज्यादातर नेता इसकी वकालत करते नजर आते हैं।