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महाराष्ट्र: इस्तीफा देने की बात से पलटे अब्दुल सत्तार, अब कांग्रेस विधायक हुआ बागी
Sat, 04 Jan 2020 11:05 PM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: Priyesh Mishra
Updated Sat, 04 Jan 2020 11:05 PM IST
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उद्धव ठाकरे से मिलते अब्दुल सत्तार
- फोटो : ani
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महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे सरकार में राज्यमंत्री अब्दुल सत्तार ने यू टर्न लेते हुए इस्तीफा देने की खबर से इनकार किया है। उन्होंने कहा, मैंने इस्तीफा नहीं दिया है। मैं मातोश्री में सीएम उद्धव ठाकरे से बात करने जा रहा हूं। इसके बाद सीएम जो भी फैसला लेंगे उसे हम स्वीकार करेंगे।
इससे पहले खबर थी कि उद्धव ठाकरे सरकार में राज्यमंत्री अब्दुल सत्तार ने विभागों के बंटवारे से पहले ही इस्तीफा दे दिया है। वे शिवसेना कोटे से मंत्रिमंडल में शामिल हुए थे। बता दें कि शिवसेना के कई वरिष्ठ नेता सत्तार के मंत्री बनाए जाने से नाखुश थे।
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अब्दुल सत्तार ने अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री को न भेजकर पार्टी के एक वरिष्ठ नेता को भेजा था। इसके बाद शिवसेना के कई अन्य नेताओं ने उन्हें अपने फैसले पर पुर्नविचार करने के लिए कहा।
शिवसेना ने महाराष्ट्र में मुस्लिम समुदाय को साधने के लिए अब्दुल सत्तार को अपने कोटे से मंत्री बनाया था। हालांकि उसके इस फैसले की जमकर आलोचना भी हुई। उद्धव सरकार में हाल में ही 36 नए मंत्रियों ने शपथ ली थी, जिनमें एक उपमुख्यमंत्री, 25 कैबिनेट और 10 राज्य मंत्री शामिल हैं।
अब कांग्रेस विधायक हुए बागी
अब्दुल सत्तार के बाद जालना से कांग्रेस विधायक कैलाश गौरांतयाल ने भी बगावती रुख इख्तियार कर लिया है। उन्होंने कहा, 'मैं और मेरे समर्थकों ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंपने का फैसला किया है। मैं तीसरी बार विधायक चुना गया हूं और मैं अपने लोगों के लिए काम करता हूं। इसके बावजूद मुझे मंत्री नहीं बनाया गया।'
फडणवीस बोले- यह उद्धव सरकार के पतन की शुरुआत
पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महा विकास अघाड़ी पर निशाना साधते हुए कहा कि अब्दुल सत्तार का इस्तीफा उद्धव ठाकरे सरकार के पतन की शुरुआत है। वहीं संजय राउत ने कहा कि सत्तार को शिवसेना ने पूरा सम्मान दिया। अब गवर्नर या मुख्यमंत्री ही उनके इस्तीफे का सच बता सकते हैं।
राणे ने कहा, नहीं चलेगी ये सरकार
वहीं, शिवसेना की औरंगाबाद इकाई में दरार की रिपोर्टों और राज्य सरकार के एक मंत्री के इस्तीफा देने की अटकलों के बीच भाजपा के राज्यसभा सांसद नारायण राणे ने कहा कि महाराष्ट्र की उद्वव ठाकरे सरकार ज्यादा दिन नहीं चलेगी। राणे ने सोलापुर में संवाददताओं से बातचीत में कहा कि महाराष्ट्र विकास अघाड़ी सरकार के गठन के एक माह बीतने के बाद भी मंत्रियों के विभाग का बंटवारा नहीं किया गया है।
उन्होंने दावा किया कि मंत्रियों ने बंगले और कार्यालय केबिन तो ले लिए हैं लेकिन अब भी उनके पास विभाग नहीं हैं। यह सरकार काम नहीं कर रही है। राणे ने ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि शिव सेना प्रमुख को कोई प्रशासनिक अनुभव नहीं है।
सत्तार के बेटे बोले- हमें जानकारी नहीं
शिवसेना नेता अब्दुल सत्तार के बेटे समीर सत्तार ने कहा कि मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है, केवल पिताजी ही इस पर बोल सकते हैं और मुझे यकीन है कि वह जल्द ही बोलेंगे, इंतजार करना बेहतर होगा।
2014 के बाद पहली बार चार मुस्लिम बने मंत्री
साल 2014 के बाद पहली बार मंत्रिमंडल में चार मुस्लिम चेहरे शामिल हुए। इनमें शिवसेना के अब्दुल सत्तार नबी को राज्य मंत्री जबकि एनसीपी के नवाब मलिक और हसन मुशरीफ और कांग्रेस के असलम शेख को कैबिनेट स्तर का पद दिया गया।
मंत्रालयों के बंटवारे पर एनसीपी ने दी प्रतिक्रिया
विभागों के बंटवारे में हो रही देरी को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के वरिष्ठ नेता और राज्य सरकार में मंत्री नवाब मलिक ने स्थिति साफ की है। मलिक का कहना है कि नए विभाग बनाने का काम चल रहा है जिसके कारण उसके बंटवारे में देरी हो रही है।
नवाब मलिक ने कहा, 'विभागों के बंटवारे में हो रही देरी किसी कारण की वजह से नहीं हो रही है बल्कि इसलिए हो रही है क्योंकि हम नए विभाग बनाने पर विचार कर रहे हैं। जिसमें समय लग रहा है। सोमवार तक सभी मंत्रियों के विभाग का आवंटन हो जाएगा।' बता दें कि 30 दिसंबर को महराष्ट्र में 36 मंत्रियों ने शपथ ली थी जिसके बाद विभाग आवंटन में हो रही देरी को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
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Shiv Sena's Abdul Sattar: I have not resigned. I am going to talk to Chief Minister Uddhav Thackeray at Matoshree. After that, whatever decision will be taken by the CM, we will accept it pic.twitter.com/RAe5Hd74kG
— ANI (@ANI) January 4, 2020विज्ञापन
इससे पहले खबर थी कि उद्धव ठाकरे सरकार में राज्यमंत्री अब्दुल सत्तार ने विभागों के बंटवारे से पहले ही इस्तीफा दे दिया है। वे शिवसेना कोटे से मंत्रिमंडल में शामिल हुए थे। बता दें कि शिवसेना के कई वरिष्ठ नेता सत्तार के मंत्री बनाए जाने से नाखुश थे।
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अब्दुल सत्तार ने अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री को न भेजकर पार्टी के एक वरिष्ठ नेता को भेजा था। इसके बाद शिवसेना के कई अन्य नेताओं ने उन्हें अपने फैसले पर पुर्नविचार करने के लिए कहा।
शिवसेना ने महाराष्ट्र में मुस्लिम समुदाय को साधने के लिए अब्दुल सत्तार को अपने कोटे से मंत्री बनाया था। हालांकि उसके इस फैसले की जमकर आलोचना भी हुई। उद्धव सरकार में हाल में ही 36 नए मंत्रियों ने शपथ ली थी, जिनमें एक उपमुख्यमंत्री, 25 कैबिनेट और 10 राज्य मंत्री शामिल हैं।
अब कांग्रेस विधायक हुए बागी
अब्दुल सत्तार के बाद जालना से कांग्रेस विधायक कैलाश गौरांतयाल ने भी बगावती रुख इख्तियार कर लिया है। उन्होंने कहा, 'मैं और मेरे समर्थकों ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंपने का फैसला किया है। मैं तीसरी बार विधायक चुना गया हूं और मैं अपने लोगों के लिए काम करता हूं। इसके बावजूद मुझे मंत्री नहीं बनाया गया।'
Jalna Congress MLA Kailash Gorantyal: My supporters and I have decided to submit our resignation letters to the state party president. I have been elected as the MLA for the third time & I work for my people. Still I haven't been made a minister. #Maharashtra pic.twitter.com/q6CKhQJryE
— ANI (@ANI) January 4, 2020
फडणवीस बोले- यह उद्धव सरकार के पतन की शुरुआत
पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महा विकास अघाड़ी पर निशाना साधते हुए कहा कि अब्दुल सत्तार का इस्तीफा उद्धव ठाकरे सरकार के पतन की शुरुआत है। वहीं संजय राउत ने कहा कि सत्तार को शिवसेना ने पूरा सम्मान दिया। अब गवर्नर या मुख्यमंत्री ही उनके इस्तीफे का सच बता सकते हैं।
राणे ने कहा, नहीं चलेगी ये सरकार
वहीं, शिवसेना की औरंगाबाद इकाई में दरार की रिपोर्टों और राज्य सरकार के एक मंत्री के इस्तीफा देने की अटकलों के बीच भाजपा के राज्यसभा सांसद नारायण राणे ने कहा कि महाराष्ट्र की उद्वव ठाकरे सरकार ज्यादा दिन नहीं चलेगी। राणे ने सोलापुर में संवाददताओं से बातचीत में कहा कि महाराष्ट्र विकास अघाड़ी सरकार के गठन के एक माह बीतने के बाद भी मंत्रियों के विभाग का बंटवारा नहीं किया गया है।
उन्होंने दावा किया कि मंत्रियों ने बंगले और कार्यालय केबिन तो ले लिए हैं लेकिन अब भी उनके पास विभाग नहीं हैं। यह सरकार काम नहीं कर रही है। राणे ने ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि शिव सेना प्रमुख को कोई प्रशासनिक अनुभव नहीं है।
सत्तार के बेटे बोले- हमें जानकारी नहीं
शिवसेना नेता अब्दुल सत्तार के बेटे समीर सत्तार ने कहा कि मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है, केवल पिताजी ही इस पर बोल सकते हैं और मुझे यकीन है कि वह जल्द ही बोलेंगे, इंतजार करना बेहतर होगा।
2014 के बाद पहली बार चार मुस्लिम बने मंत्री
साल 2014 के बाद पहली बार मंत्रिमंडल में चार मुस्लिम चेहरे शामिल हुए। इनमें शिवसेना के अब्दुल सत्तार नबी को राज्य मंत्री जबकि एनसीपी के नवाब मलिक और हसन मुशरीफ और कांग्रेस के असलम शेख को कैबिनेट स्तर का पद दिया गया।
मंत्रालयों के बंटवारे पर एनसीपी ने दी प्रतिक्रिया
विभागों के बंटवारे में हो रही देरी को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के वरिष्ठ नेता और राज्य सरकार में मंत्री नवाब मलिक ने स्थिति साफ की है। मलिक का कहना है कि नए विभाग बनाने का काम चल रहा है जिसके कारण उसके बंटवारे में देरी हो रही है।
नवाब मलिक ने कहा, 'विभागों के बंटवारे में हो रही देरी किसी कारण की वजह से नहीं हो रही है बल्कि इसलिए हो रही है क्योंकि हम नए विभाग बनाने पर विचार कर रहे हैं। जिसमें समय लग रहा है। सोमवार तक सभी मंत्रियों के विभाग का आवंटन हो जाएगा।' बता दें कि 30 दिसंबर को महराष्ट्र में 36 मंत्रियों ने शपथ ली थी जिसके बाद विभाग आवंटन में हो रही देरी को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।