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Maharashtra: समृद्धि एक्सप्रेस-वे पर दुर्घटना का शिकार हुई बस महज चार साल पुरानी, परिवहन विभाग का खुलासा
Sat, 01 Jul 2023 01:10 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: श्वेता महतो
Updated Sat, 01 Jul 2023 01:10 PM IST
सार
परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने दुर्घटना के पीछे का कारण बस चालक की तरफ से एकाग्रता में खलल को बताया है, जिसके कारण बस डिवाइडर से टकरा गई। इस वजह से वाहन के सामने का टायर फट गया।
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Samruddhi Expressway accident
- फोटो : Social Media
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विस्तार
महाराष्ट्र के बुलढाणा में शनिवार को हुए निजी बस हादसे में राज्य परिवहन विभाग के एक अधिकारी ने अहम जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि दुर्घटना में शामिल बस महज चार साल पुरानी थी। यह हादसा रात के करीब डेढ़ बजे नागपुर-मुंबई समृद्ध एक्सप्रेसवे पर सिंदखेडराजा के पास पिंपलखुटा गांव में हुआ। बस में करीबन 33 यात्री मौजूद थे, जिनमें से 25 की मौत और आठ घायल हो गए।
अपर परिवहन आयुक्त जेबी पाटिल जो कि महाराष्ट्र सड़क सुरक्षा सेल के प्रमुख भी है, ने कहा कि अमरावती के क्षत्रीय परिवहन अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं और शाम तक विभाग घटना की प्राथमिक जांच रिपोर्ट सौंप देगा। इसके अलावा जिला सड़क सुरक्षा कमेटी भी इस मामले की जांच में जुटी हुई है। उन्होंने कहा कि उप परिवहन आयुक्त (सड़क सुरक्षा) भरत कालस्कर को पूरी स्थिति की समीक्षा करने को कहा गया है।
अधिकारी ने बताया, 'रिकॉर्ड के अनुसार स्लिपर कोच बस केवल तीन साल पांच महीने पुरानी थी। बस के वैध फिटनेस प्रमाण पत्र की भी जांच की जा रही है।' सूत्रों ने बताया कि बस का पंजीकरण 24 जनवरी 2020 में हुआ था और इसका फिटनेस प्रमाण पत्र 10 मार्च 2024 तक वैध है। इसका परमिट 22 दिसंबर 2025 और बीमा 26 अक्तूबर 2023 तक वैध बताया जा रहा है। हालांकि, बस का प्रदूषण नियंत्रण (पीयूसी) 10 मार्च, 2023 को समाप्त हो गया था।
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परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने दुर्घटना के पीछे का कारण बस चालक की तरफ से एकाग्रता में खलल को बताया है, जिसके कारण बस डिवाइडर से टकरा गई। इस वजह से वाहन के सामने का टायर फट गया और डीजल टैंक की तरफ चली गई और इस टकराव से बस में आग लग गई। पिछले साल आठ अक्तूबर को एक निजी स्लिपर बस की ट्रक से टक्कर हो गई थी, जिससे बस में आग लग गई। इस हादसे में 12 लोगों की मौत हो गई थी। मरने वालों में दो बच्चें भी शामिल थे।
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अपर परिवहन आयुक्त जेबी पाटिल जो कि महाराष्ट्र सड़क सुरक्षा सेल के प्रमुख भी है, ने कहा कि अमरावती के क्षत्रीय परिवहन अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं और शाम तक विभाग घटना की प्राथमिक जांच रिपोर्ट सौंप देगा। इसके अलावा जिला सड़क सुरक्षा कमेटी भी इस मामले की जांच में जुटी हुई है। उन्होंने कहा कि उप परिवहन आयुक्त (सड़क सुरक्षा) भरत कालस्कर को पूरी स्थिति की समीक्षा करने को कहा गया है।
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अधिकारी ने बताया, 'रिकॉर्ड के अनुसार स्लिपर कोच बस केवल तीन साल पांच महीने पुरानी थी। बस के वैध फिटनेस प्रमाण पत्र की भी जांच की जा रही है।' सूत्रों ने बताया कि बस का पंजीकरण 24 जनवरी 2020 में हुआ था और इसका फिटनेस प्रमाण पत्र 10 मार्च 2024 तक वैध है। इसका परमिट 22 दिसंबर 2025 और बीमा 26 अक्तूबर 2023 तक वैध बताया जा रहा है। हालांकि, बस का प्रदूषण नियंत्रण (पीयूसी) 10 मार्च, 2023 को समाप्त हो गया था।
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परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने दुर्घटना के पीछे का कारण बस चालक की तरफ से एकाग्रता में खलल को बताया है, जिसके कारण बस डिवाइडर से टकरा गई। इस वजह से वाहन के सामने का टायर फट गया और डीजल टैंक की तरफ चली गई और इस टकराव से बस में आग लग गई। पिछले साल आठ अक्तूबर को एक निजी स्लिपर बस की ट्रक से टक्कर हो गई थी, जिससे बस में आग लग गई। इस हादसे में 12 लोगों की मौत हो गई थी। मरने वालों में दो बच्चें भी शामिल थे।