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Maharashtra: सहकारी बैंक भर्ती में शिंदे सरकार को झटका, 'दखलअंदाजी' बताकर बॉम्बे हाईकोर्ट ने खारिज किया फैसला
Fri, 17 Mar 2023 11:56 AM IST
शिवेंद्र तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Fri, 17 Mar 2023 11:56 AM IST
सार
बॉम्बे हाईकोर्ट ने 3 मार्च के अपने आदेश में शिंदे के फैसले को पूरी तरह से अनुचित और कानून के अधिकार के बिना करार दिया। कोर्ट ने कहा कि CM के पास संबंधित मंत्री द्वारा की गई समीक्षा या संशोधन करने की कोई शक्ति नहीं है।
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Bombay high court
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
सहकारी बैंक में भर्ती पर शिंदे सरकार को कड़ी फटकार लगी है। बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के एक सहकारी बैंक की भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाने के फैसले को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री के पास संबंधित मंत्री द्वारा की गई समीक्षा या संशोधन करने की कोई शक्ति नहीं है।
जस्टिस विनय जोशी और वाल्मीकि एसए मेनेजेस की खंडपीठ ने 3 मार्च के अपने आदेश में शिंदे के फैसले को पूरी तरह से अनुचित और कानून के अधिकार के बिना करार दिया। यह आदेश चंद्रपुर डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड और संतोषसिंह रावत नाम के एक व्यवसायी द्वारा दायर एक याचिका पर पारित किया गया। बता दें, रावत को शिंदे के फैसले का विरोध करते हुए बैंक के अध्यक्ष के रूप में चुना गया था।
याचिका के मुताबिक, स्थानीय नेताओं के इशारे पर सीएम का आदेश पारित किया गया था और इसने इस तथ्य पर ध्यान नहीं दिया कि बैंक कर्मचारियों की भारी कमी का सामना कर रहा है, जिससे 93 शाखाओं को चलाना असंभव हो गया है। सीएम ने नवंबर 2022 में भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी।
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जस्टिस विनय जोशी और वाल्मीकि एसए मेनेजेस की खंडपीठ ने 3 मार्च के अपने आदेश में शिंदे के फैसले को पूरी तरह से अनुचित और कानून के अधिकार के बिना करार दिया। यह आदेश चंद्रपुर डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड और संतोषसिंह रावत नाम के एक व्यवसायी द्वारा दायर एक याचिका पर पारित किया गया। बता दें, रावत को शिंदे के फैसले का विरोध करते हुए बैंक के अध्यक्ष के रूप में चुना गया था।
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याचिका के मुताबिक, स्थानीय नेताओं के इशारे पर सीएम का आदेश पारित किया गया था और इसने इस तथ्य पर ध्यान नहीं दिया कि बैंक कर्मचारियों की भारी कमी का सामना कर रहा है, जिससे 93 शाखाओं को चलाना असंभव हो गया है। सीएम ने नवंबर 2022 में भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी।
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