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महाराष्ट्र: अन्ना का दिल्ली अनशन रोकने में जुटी भाजपा, राज्य के पूर्व मंत्री को मिली मनाने की जिम्मेदारी
Tue, 19 Jan 2021 02:23 AM IST
देव कश्यप
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
Published by: देव कश्यप
Updated Tue, 19 Jan 2021 02:23 AM IST
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अन्ना हजारे
- फोटो : फाइल फोटो
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कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली में शुरू किसान आंदोलन में अन्ना हजारे के कूदने से भाजपा की धड़कन बढ़ गई है। इसके मद्देनजर भाजपा के रणनीतिकारों ने अन्ना हजारे को दिल्ली जाने से रोकने की कवायद शुरू कर दी है। इस बार अन्ना को अनशन से रोकने के लिए भाजपा ने पूर्व मंत्री गिरीश महाजन की बजाय पूर्व कृषिमंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल को आगे किया है।
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दरअसल, भाजपा किसी भी परिस्थिति में अन्ना हजारे को दिल्ली में अनशन करने से रोकना चाहती है। जबकि अन्ना ने 30 जनवरी से दिल्ली के रामलीला मैदान में अपना अंतिम अनशन करने का एलान किया है। अन्ना के इस एलान के बाद भाजपा चौकन्नी हो गई है।
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हालांकि इससे पहले पूर्व मंत्री व देवेंद्र फडणवीस के हनुमान कहे जाने वाले गिरीश महाजन दो बार अन्ना हजारे को अनशन से रोकने में कामयाब रहे हैं। लेकिन इस बार किसान आंदोलन के मुद्दे पर अन्ना समझौते के मूड में नहीं हैं। इसलिए फडणवीस ने राधाकृष्ण विखे पाटिल को अन्ना को मनाने की जिम्मेदारी सौंपी है।
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राधाकृष्ण विखे पाटिल ने खुद राणेगड़सिद्दी जाकर अन्ना से मुलाकात की और केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के बारे में विस्तार से जानकारी दी है। करीब दो घंटे हुई चर्चा के दौरान लगे हाथ पाटिल ने विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस से भी अन्ना हजारे की फोन पर बात कराई है। माना जा रहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो दिल्ली के बड़े नेताओं से भी अन्ना की बातचीत कराई जाएगी। इस सप्ताह दोबारा अन्ना के साथ बैठक होगी। राधाकृष्ण विखे पाटिल को उम्मीद है कि वे अन्ना को मनाने में सफल होंगे।