महाराष्ट्र : बाल ठाकरे की पुण्यतिथि पर ‘हिंदुत्व’ पर भिड़े भाजपा-शिवसेना
- दोनों पार्टियों के नेताओं के बीच जमकर चले सियासी शब्द बाण
- पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस ने बाल ठाकरे को अपनी प्रेरणा बताया
- संजय राउत ने कहा, हमें हिंदुत्व का पाठ पढ़ाने की जरूरत नहीं
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शिवसेना के संस्थापक बाला साहेब ठाकरे की पुण्यतिथि पर रविवार को भाजपा और शिवसेना के बीच जमकर शब्द बाण चले। महाराष्ट्र विधानसभा के नतीजे आने के बाद 30 साल पुरानी दोस्ती खत्म कर आमने सामने खड़े दोनों दलों के नेताओं ने बाल ठाकरे की सातवीं पुण्यतिथि पर शिवाजी पार्क जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बाल ठाकरे को अपनी प्रेरणा बताया। इसके बाद उन्होंने ट्वीट कर बाल ठाकरे को याद किया। उन्होंने एक वीडियो क्लिप शेयर की, जिसमें बाल ठाकरे लोगों को हिंदुत्व और आत्मसम्मान ऊंचा रखने को कह रहे हैं। फडणवीस के इस ट्वीट पर शिवसेना के नेताओं ने नाराजगी जताई।
शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि हमें हिंदुत्व का पाठ पढ़ाने की जरूरत नहीं है। हम उन्हें आत्मसम्मान पर भी करारा जवाब देंगे। उद्धव ठाकरे ने पिता बाल ठाकरे से महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठाने का वादा किया था और हम उसे जल्द पूरा करेंगे। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अपने बेटे आदित्य ठाकरे व परिवार के अन्य सदस्यों के साथ पिता को श्रद्धांजलि दी।
बदलते राजनीतिक समीकरणों के बाद छगन भुजबल समेत कई एनसीपी नेताओं ने बाल ठाकरे को श्रद्धांजलि दी। एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने भी बाल ठाकरे को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने ट्वीट किया, ‘स्वर्गीय बालासाहेब ने मराठी ‘मानुस’ को बनाया, जिसे अपनी क्षेत्रीय पहचान पर गर्व हो। उन्हें समाज को पहले रखने वाली अपनी राजनीति के लिए हर वर्ग और हर समाज का समर्थन और प्यार मिला।’
एक दूसरे से बचते दिखे नेता
बाल ठाकरे को श्रद्धांजलि देने पहुंचे दोनों दलों के नेता एक दूसरे से बचते दिखे। शिवसेना नेता सुबह 10 से दोपहर 12 बजे के बीच शिवाजी पार्क पहुंचे। वहीं, फडणवीस, विनोद तावड़े और पंकजा मुंडे के साथ दोपहर करीब एक बजे पहुंचे। जब पूर्व सीएम पहुंचे तो उद्धव वहां से जा चुके थे। हालांकि उद्धव के खास मिलिंद नारवेकर वहां मौजूद थे।
फडणवीस के खिलाफ नारेबाजी
फडणवीस जब शिवाजी पार्क पहुंचे तो शिवसैनिकों ने नारेबाजी की। उन्होंने फडणवीस पर मुख्यमंत्री पद पर वापसी के लिए दिए नारे ‘मी पुन्हा येईन’ (मैं फिर आऊंगा) का घोष करते हुए, उन्हें ताना मारा। साथ ही उन्होंने शिवसेना के परंपरागत नारे ‘छत्रपति शिवाजी महाराज की जय’ का नारा भी लगाया। फडणवीस और उनके काफिले में शामिल कई नेता इस पर कोई प्रतिक्रिया दिए बिना आगे बढ़ गए।
सोनिया और पवार के बीच आज बैठक
राज्य में शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी की सरकार बनाने के लिए अंतिम निर्णय के वास्ते सोनिया गांधी और शरद पवार के बीच नई दिल्ली में सोमवार शाम चार बजे बैठक होगी। रविवार को पुणे में एनसीपी की कार्यसमिति की राज्य के वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य को लेकर बैठक की वजह से पवार दिल्ली नहीं जा पाए। शिवसेना सूत्रों के अनुसार संजय राउत भी 19 नवंबर को सोनिया गांधी और अहमद पटेल से दिल्ली में मुलाकात करेंगे।
एनसीपी का दावा, भाजपा के 15-20 विधायक संपर्क में
एनसीपी ने दावा किया है कि महाराष्ट्र चुनाव से पहले उसकी पार्टी से भाजपा में गए 15 से 20 विधायक उसके संपर्क में हैं। पुणे में रविवार को एनसीपी की कार्यसमिति की बैठक से पूर्व पार्टी के राज्य अध्यक्ष जयंत पाटिल ने मीडिया से कहा कि फिलहाल मैं उन विधायकों के नाम नहीं बताऊंगा क्योंकि इससे वे मुश्किल में पड़ जाएंगे। पाटिल ने कहा कि आने वाले दिनों में हम मेगा भर्ती तो नहीं करेंगे, लेकिन योग्यता के आधार पर जरूर भर्ती हो सकती है।