Maharashtra Assembly: MVA विधायकों ने किया विरोध-प्रदर्शन, सरकार पर मराठा और OBC को गुमराह करने का लगाया आरोप
विधानमंडल का एक सप्ताह तक चलने वाला बजट सत्र सोमवार को शुरू हुआ। राज्य में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं।
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महाराष्ट्र विधानमंडल का बजट सत्र सोमवार को शुरू हुआ। बजट सत्र की शुरुआत होते ही महाराष्ट्र विधानसभा ने पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मनोहर जोशी और विधायक राजेंद्र पाटनी के निधन पर शोक व्यक्त किया। दोनों नेताओं को श्रद्धांजलि दी गई। वहीं, विपक्षी महा विकास अघाड़ी के विधायकों ने महाराष्ट्र विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत से पहले सोमवार को विरोध प्रदर्शन किया और सरकार पर मराठा और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदायों को गुमराह करने का आरोप लगाया।
विधानमंडल का एक सप्ताह तक चलने वाला बजट सत्र सोमवार को शुरू हुआ। राज्य में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार, कांग्रेस विधायक दल के नेता बालासाहेब थोराट और अन्य विधायक विधान भवन की सीढ़ियों पर एकत्र हुए।
गुस्साए विधायकों ने बैनर लहराते हुए एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विपक्षी विधायकों ने राज्य सरकार पर आरक्षण के मुद्दे पर मराठा और ओबीसी समुदायों को गुमराह करने का आरोप लगाया।
बता दें, एमवीए में कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और राकांपा का शरद पवार गुट शामिल है, जबकि सत्तारूढ़ गठबंधन में भाजपा, शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और अजित पवार के नेतृत्व वाला राकांपा गुट साझेदार है।
पिछले हफ्ते, महाराष्ट्र विधानमंडल ने सर्वसम्मति से एक अलग श्रेणी के तहत मराठों के लिए शिक्षा और सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने वाला एक विधेयक पारित किया। आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ओबीसी श्रेणी के तहत समुदाय के लिए आरक्षण और कुनबी मराठाओं के रक्त संबंधियों पर अधिसूचना को कानून में बदलने की अपनी मांग पर अड़े हुए हैं।
मनोहर जोशी और राजेंद्र पाटनी के निधन पर शोक
महाराष्ट्र विधानमंडल ने सोमवार को पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मनोहर जोशी को श्रद्धांजलि दी, जिनका पिछले सप्ताह निधन हो गया था।बजट सत्र की शुरुआत के साथ ही विधानमंडल के दोनों सदनों ने भाजपा विधायक राजेंद्र पाटनी को भी श्रद्धांजलि दी, जिनका पिछले सप्ताह निधन हो गया था।
मनोहर जोशी अविभाजित शिवसेना के पहले मुख्यमंत्री थे और उन्होंने 1995-1999 के दौरान इस पद को संभाला था। वह संसद के सदस्य के रूप में भी चुने गए और 2002 से 2004 तक लोकसभा अध्यक्ष रहे जब वाजपेयी सरकार सत्ता में थी। जोशी को पिछले साल मई में ब्रेन हैमरेज के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
मुंबई के एक अस्पताल में शुक्रवार को 86 साल की उम्र में उनका निधन हो गया था। पूरक मांगों और शोक प्रस्ताव के सदन के पटल पर रखे जाने के बाद विधानसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।