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महाराष्ट्र: भाजपा ने मजदूर के बेटे को दिया विधानसभा चुनाव का टिकट, आरपीआई को भी एतराज नहीं
Thu, 10 Oct 2019 01:44 PM IST
Nilesh Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: Nilesh Kumar
Updated Thu, 10 Oct 2019 01:44 PM IST
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Ram Satpute
- फोटो : Twitter
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महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ी माथपच्ची के बाद भाजपा-शिवसेना में सीटों का बंटवारा हो पाया। इस बार विधानसभा की 288 सीटों में से भाजपा 164 और शिवसेना 124 सीटों पर चुनाव लड़ रही है।
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सहयोगी पार्टियों को टिकट भाजपा के हिस्से से दिया गया। यह बात भी गौर करने वाली है कि छोटे सहयोगी पार्टियों के उम्मीदवार भाजपा के चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ रहे हैं। फिर चाहे वह साल 2014 में राष्ट्रीय समाज पार्टी की ओर से चुनाव लड़ने वाले राहुल कुल हों या फिर शिव संग्राम पार्टी से ताल्लुक रखने वाली वर्सोवा की मौजूदा विधायक भारती लवेकर।
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टिकट बंटवारे के बाद उम्मीदवारों में कई चौंकाने वाले नाम सामने आए। उन्हीं नामों में से एक है राम सातपुते। भाजपा की सहयोगी पार्टी रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया ने भी उनकी उम्मीदवारी को सहर्ष स्वीकार किया है। चीनी मिल में काम करने वाले एक मजदूर के बेटे को टिकट दिए जाने की चर्चा हर ओर हो रही है।
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मालशिरस विधानसभा क्षेत्र भाजपा उम्मीदवार राम सातपुते के पिता विठ्ठल सातपुते एक चीनी मिल में मजदूरी करते थे। सातपुते अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े रहे हैं। कॉलेज के दिनों में छात्रहित के कई आंदोलनों में उनकी अहम भागीदारी रहती थी। उन्होंने विद्यार्थी परिषद में प्रदेश मंत्री के तौर पर काम किया है।
सातपुते अष्टी इलाके से आते हैं, जोकि शहर के पूर्वोत्तर हिस्से में आता है। यह गन्ना मिल मजदूरों के लिए जाना जाता रहा है। सातपुते तीनों भाई बहनों में सबसे छोटे है। पुणे के एक कॉलेज से इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले सातपुते की प्रतिभा देखते हुए भाजपा ने उन्हें अपने यूथ विंग भारतीय जनता युवा मोर्चा का प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के करीबी माने जाने वाले सातपुते पहली बार चुनावी मैदान में हैं तो ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि उन्हें जनता का कितना समर्थन मिल पाता है।