महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव : 3237 उम्मीदवार मैदान में, महिला प्रत्याशी सिर्फ 235
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21 अक्तूबर को महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भले ही 288 सीटों के लिए निर्दलीय समेत विभिन्न पार्टियों के 3,237 उम्मीदवार मैदान में हैं, लेकिन इनमें महिलाओं की संख्या केवल 235 है। ये महिलाएं 152 विधानसभा क्षेत्रों से चुनाव लड़ रही हैं। आंकड़ों के मुताबिक चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों में केवल 7.3 फीसदी महिलाएं हैं। वैसे चुनाव लड़ने वाली महिलाओं का यह आंकड़ा पिछले चार चुनावों से अधिक है।
महाराष्ट्र में 8.97 करोड़ मतदाता हैं, इनमें 4.38 करोड़ महिलाएं हैं। इस लिहाज से लगभग 50 फीसदी महिला वोटरों के मुकाबले महिला उम्मीदवारों की संख्या कतई उत्साहजनक नहीं है। हालांकि राजनीतिक दल समाज और देश में महिलाओं की स्थिति बदलने के दावे करती हैं परंतु राजनीति में ही यह बदलाव नहीं दिखता।
सभी प्रमुख दलों की महिलाएं दबी जुबान में कम प्रतिनिधित्व की शिकायत करती हैं। महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों से भले कम अपेक्षा करें मगर मुंबई जैसे देश के सबसे बडे़ और आधुनिक महानगर की 36 विधानसभा सीटों पर केवल 31 महिलाएं चुनाव लड़ रही हैं। जो कि मुंबई से खडे़ कुल 334 उम्मीदवारों का 9.3 फीसदी है।
भाजपा-कांग्रेस के तीन-तीन महिला उम्मीदवार
भाजपा और कांग्रेस जैसी बड़ी पार्टियों ने केवल तीन-तीन महिलाओं को टिकट दिए हैं। मुंबई में 17 सीटों पर लड़ रही भाजपा ने तीन वर्तमान विधायकों दहिसर से मनीषा चौधरी, वरसोवा से भारती लव्हेकर व गोरेगांव से विद्या ठाकुर को फिर उम्मीदवार बनाया गया है।
उधर, 29 जगहों पर मुकाबले में उतरी कांग्रेस ने धारावी से वर्तमान विधायक वर्षा गायकवाड़ समेत घाटकोपर पूर्व से मनीषा सूर्यवंशी और कंदीवली पूर्व से डॉ. अजंता यादव को उम्मीदवार बनाया है। शिवसेना ने भी मुंबई में 19 जगहों में एक (यामिनी जाधव) और एनसीपी ने छह जगहों में एक (दिंडोशी से विद्या चव्हाण) सीट पर महिला को टिकट दिया है।