2016 में भाजपा सांसद पर रिटायर्ड जवान से मारपीट का आरोप, अब महाराष्ट्र सरकार कराएगी जांच
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महाराष्ट्र में एक बार फिर कांग्रेस और भाजपा के बीच विवाद शुरू हो गया है। महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने 2016 में रिटायर्ड सेना के जवान सोनू महाजन पर हुए हमले की जांच के आदेश दिए हैं। दरअसल, भाजपा के एक सांसद पर रिटायर्ड जवान के साथ मारपीट का आरोप लगा था, जिसकी अब जांच की जाएगी। गौरतलब है कि शिवसेना कार्यकर्ताओं द्वारा हाल ही में एक रिटायर्ड नौसेना अधिकारी के साथ मारपीट की गई है। इस मामले को लेकर भाजपा ने शिवसेना को घेरा है।
Ordered inquiry into the matter of assault on Army veteran Sonu Mahajan, in 2016: Maharashtra Home Minister Anil Deshmukh (file pic) pic.twitter.com/6bSLNyGbjH
— ANI (@ANI) September 15, 2020विज्ञापन
दरअसल, कांग्रेस नेता सचिन सावंत ने रविवार को आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस सरकार के कार्यकाल के दौरान, चालीसगांव के भाजपा सांसद उनमेश पाटिल के आदेश पर सेना के रिटायर्ड जवान सोनू महाजन को मारने की कोशिश की गई। कांग्रेस नेता ने आगे सवाल किया कि भाजपा सांसद को अब तक पुलिस ने गिरफ्तार क्यों नहीं किया है।
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सावंत ने ट्वीट किया, देवेंद्र फडणवीस सरकार के तहत 2016 में, चालीसगांव के भाजपा सांसद उनमेश पाटिल के आदेश पर सेना के रिटायर्ड जवान सोनू महाजन की हत्या का प्रयास किया गया था। परिवार को मामला दर्ज करने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा। आज तक, भाजपा ने अपने ही सांसद के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है।
एक अन्य ट्वीट में कांग्रेस नेता ने कहा, भाजपा अपने सांसद की रक्षा क्यों कर रही है जिसने सेना के एक जवान पर हमला करने की कोशिश की है? माननीय रक्षा मंत्री सोनू महाजन के परिवार को कब बुलाएंगे और उन्हें न्याय का आश्वासन देंगे? पुलिस ने आरोपी को सिर्फ इसलिए गिरफ्तार नहीं किया क्योंकि वह सांसद हैं। हम जवान को न्याय दिलाने के लिए इस मामले को महाविकास अघाड़ी सरकार के समक्ष उठाएंगे।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही शिवसेना के कुछ कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का कार्टून फॉरवर्ड करने पर नौसेना के पूर्व अधिकारी मदन शर्मा के साथ मारपीट की थी। इस घटना को लेकर शिवसेना की काफी किरकिरी हुई है। पूर्व अधिकारी के साथ मारपीट करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, लेकिन उन्हें जमानत मिल गई।