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आखिर क्या है मुंबई में पूर्व नौसेना अधिकारी पर हमले की असल वजह, पढ़ें पूरा घटनाक्रम

Sat, 12 Sep 2020 01:42 PM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: अनवर अंसारी Updated Sat, 12 Sep 2020 01:42 PM IST
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Why Retired Navy Officer Was Beaten Up And Assaulted By Alleged Shiv Sena Workers, read all Events
पूर्व नौसेना अधिकारी - फोटो : ANI

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की आलोचना वाले कार्टून को एक पूर्व नौसेना अधिकारी को व्हाट्सएप पर फॉरवर्ड करना भारी पड़ गया। शिवसैनिकों ने इस कार्टून को उद्धव का अपमान समझा और पूर्व अधिकारी पर शुक्रवार को जानलेवा हमला कर दिया। वहीं, आज इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों को जमानत मिल गई।

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दरअसल, मुंबई पश्चिम के उपनगर कांदिवली में शुक्रवार को पूर्व नौसेना अधिकारी मदन शर्मा पर आधा दर्जन से अधिक शिवसैनिकों ने जानलेवा हमला किया था। इस मामले में मुंबई पुलिस ने शिवसेना नेता कमलेश कदम समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया, जिन्हें समता नगर पुलिस स्टेशन ने जमानत दे दी है।
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ऐसे में आइए एक बार इस पूरे घटनाक्रम को सिलसिलेवार ढंग से समझते है, जिस कारण एक बार फिर विपक्षी पार्टी भाजपा ने शिवसेना और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को घेरा है। कंगना रणौत के दफ्तर को बीएमसी द्वारा तोड़ने को लेकर पहले से ही शिवसेना की आलोचना की जा रही है। हालांकि, पार्टी ने कहा है कि उसका इससे कोई लेना-देना नहीं है। वहीं, ऐसे में पूर्व अधिकारी पर हुए हमले को लेकर शिवसेना एक बार फिर बैकफुट पर है। 

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क्या है पूरा मामला?

पीड़ित मदन शर्मा (65) ने नौसेना में एक मुख्य याचिका अधिकारी के रूप में देश को अपनी सेवाएं दी हैं। फिलहाल सेवानिवृत्त होने के बाद वह कांदिवली पूर्व में अपने परिवार के साथ रहते हैं। शुक्रवार को शिवसेना कार्यकर्ताओं के एक समूह ने कमलेश कदम की अगुवाई में पूर्व अधिकारी पर हमला किया। शिवसैनिकों का कहना था कि उन्होंने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, एनसीपी प्रमुख शरद पवार और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के चित्रण वाले कार्टून को फॉरवर्ड किया। 

पूर्व नौसेना अधिकारी की बेटी डॉ शीला शर्मा ने बताया कि जब मेरे पिता ने उस कार्टून को हाउसिंग सोसाएटी के ग्रुप में फॉरवर्ड किया तो, उस पर ग्रुप के किसी भी सदस्य की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। पूर्व अधिकारी की बेटी ने दावा किया कि इस ग्रुप के एक सदस्य ने इस कार्टून के बारे में कदम को बताया। 

पुलिस को दिए अपने बयान में मदन शर्मा ने बताया कि इस कार्टून को फॉरवर्ड करने के बाद शुक्रवार सुबह 10 बजे से पहले मुझे एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने मुझसे मेरा नाम और घर का पता पूछा। आधे घंटे बाद, खुद को कमलेश कदम बताते हुए एक व्यक्ति ने फोन किया और मुझसे पूछने लगा कि मैंने इस कार्टून को क्यों पोस्ट किया। 

बयान में शर्मा ने बताया कि मैंने कदम से कहा कि मैंने सिर्फ कॉर्टून को एक व्हाट्सएप ग्रुप से दूसरे में फॉरवर्ड किया है। दोपहर 12 बजे के करीब, एक अज्ञात व्यक्ति ने मेरे घर के टेलीफोन नंबर पर फोन किया और कहा कि मैं सोसायटी के गेट पर आऊं, क्योंकि वह मुझसे बात करना चाहता है। 

पूर्व नौसेना अधिकार ने बताया कि जब मैं सोसायटी के गेट पर पहुंचा तो वहां 8 से 10 आदमी खड़े थे, जिन्होंने मुझसे पूछा कि मैंने उस कॉर्टून को व्हाट्सएप पर क्यों पोस्ट किया। मैंने उन्हें एक बार फिर बताया कि मैंने सिर्फ एक ग्रुप से दूसरे ग्रुप में फॉरवर्ड किया है। लेकिन उन्होंने मेरी एक न सुनी और मुझे बुरी तरह पीटने लगे। 

इस घटना में शर्मा की आंख पर गंभीर चोट लगी है। साथ ही उनके पेट और पीठ पर भी काफी चोटें आईं हैं। फिलहाल उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। उनकी बेटी ने इस घटना की निंदा की है। 

बेटी ने घटना को लेकर कही ये बात

पूर्व नौसेना अधिकारी की बेटी डॉ शीला शर्मा ने इस घटना की निंदा की है और मुख्यमंत्री से इस मामले में कार्रवाई करने को कहा है। शीला ने कहा कि मेरे पिता को एक व्हाट्सएप फॉरवर्ड को लेकर धमकी मिली है। शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला किया है। 

उन्होंने कहा कि जब हमने पुलिस में शिकायत की तो, पुलिस हमारे घर पर आकर मेरे पिता को अपने साथ ले जाने पर जोर देने लगी। हमने इस संबंध में एफआईआर दर्ज करवा दी है। हमें उम्मीद है कि मुख्यमंत्री उचित कार्रवाई करेंगे। 

शीला ने बताया कि हमले के बाद उनके पिता की आंखें लाल हो गई थी। उन्होंने सिरदर्द की शिकायत की, जिसके बाद उनका सीटी स्कैन कराया गया। फिलहाल, उनका इलाज किया जा रहा है। 

पूर्व अधिकारी ने कही ये बात

सेवानिवृत्त नौसेना अधिकारी मदन शर्मा ने न्यूज एजेंसी एएनआई से शनिवार को कहा कि हमारे देश में, हर व्यक्ति को अपनी अभिव्यक्ति जाहिर करने की स्वतंत्रता है और व्हाट्सएप लोगों से जुड़े रहने और जानकारी साझा करने का एक माध्यम है। सरकार को संदेश के स्रोत की पहचान करने के लिए उपाय करना चाहिए, जहां से यह उत्पन्न होता है। शर्मा ने यह भी कहा कि उन्होंने कार्टून खुद नहीं बनाया था। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर यह कार्टून किसी ने फॉरवर्ड किया था। जिसे उन्होंने भी फारवर्ड कर दिया। इसके बाद उन पर हमला बोला गया। 

शिवसेना कार्यकर्ताओं पर दर्ज हुआ मामला

भाजपा के कांदिवली पूर्व से विधायक अतुल भातखलकर द्वारा ट्विटर पर पोस्ट किए गए सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि शर्मा का कुछ लोग पीछा कर रहे हैं। उन्हें कॉलर पकड़कर खींचा जा रहा है। फुटेज में शर्मा को थप्पड़ मारते हुए और उनकी शर्ट को खींचते हुए देखा जा सकता है। शर्मा ने पुलिस को बताया कि वह बहुत मुश्किल से उनके चंगुल से बचकर भाग सके। 

शर्मा ने शुक्रवार शाम को कदम और 8 से 10 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ समता नगर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई। एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस (नॉर्थ रीजन) दिलीप सावंत ने कहा कि कदम और उनके सहयोगियों पर आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। 

विपक्ष हुआ हमलावर

स्थानीय भाजपा विधायक अतुल भातखलकर ने शिवसैनिकों की इस दबंगई को लेकर एक ट्वीट किया है। उन्होंने ट्वीट किया कि अभिनेत्री कंगना रणौत के कार्यालय को तोड़फोड़ कर अपनी मर्दानगी दिखाने वाली सत्ताधारी शिवसेना ने अब सत्ता के मद में एक बुजुर्ग पूर्व नौसेना अधिकारी मदन शर्मा को जमकर पीटा जिससे उनकी आंख में चोट आई है। शर्मा की जान लेने की कोशिश की गई।  

उन्होंने कहा कि शिवसेना के गुंडों ने अब पूर्व नौसेना के अधिकारियों पर भी हमला बोलना शुरू कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे घर बैठे तानाशाही चला रहे हैं। भातखलकर ने कहा कि कांदिवली के ठाकुर कॉम्प्लेक्स में रहने वाले सेवानिवृत्त अधिकारी ने एक कार्टून बनाकर उद्धव ठाकरे की आलोचना की थी, जिसको लेकर उन पर जानलेवा हमला किया गया।

विधायक भातखलकर ने कहा कि इस प्रकार की गुंडागर्दी से मुंबई और महाराष्ट्र की जनता अपनी आवाज बंद करेगी, ऐसी स्थिति नहीं है। इस मामले में पुलिस ने जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। कांदिवली पुलिस का कहना है कि इस मामले की तहकीकात की जा रही है।  

वहीं, सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी इस घटना की निंदा की है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, बेहद दुखद और हैरान कर देने वाली घटना। रिटायर्ड नौसेना अधिकारी को सिर्फ एक व्हाट्सएप फॉरवर्ड के कारण गुंडों द्वारा पीटा गया। उद्धव ठाकरे जी कृपया इस गुंडाराज को रोकें। हम इन गुंडों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और सजा की मांग करते हैं। 

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