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महाराष्ट्र: बाल विवाह के आरोपी 81 वर्षीय मौलवी को कोर्ट से राहत, मिली अग्रिम जमानत
Mon, 08 Feb 2021 12:49 AM IST
प्रियंका तिवारी
ठाणे
ठाणे
Published by: प्रियंका तिवारी
Updated Mon, 08 Feb 2021 12:49 AM IST
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महाराष्ट्र के ठाणे में बाल विवाह के आरोपी मौलवी को मिली अग्रिम जमानत
- फोटो : अमर उजाला
ठाणे की एक अदालत ने यहां नाबालिग लड़की की शादी कराने के आरोपी 81 वर्षीय एक मौलवी को अग्रिम जमानत दे दी है। विशेष पोक्सो अदालत के न्यायाधीश के डी शिरभाते ने एक फरवरी को आदेश जारी किया और शनिवार को उसकी प्रति उपलब्ध कराई गई।
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पीड़िता द्वारा पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार उसकी शादी एक व्यक्ति से तय की गई थी और यह फैसला किया गया था कि जब वह 18 साल की हो जाएगी तब उन दोनों का विवाह होगा। इसके बाद दिसंबर, 2017 में जिस व्यक्ति से पीड़िता की शादी होने वाली थी, उसने उसे शारीरिक संबंध बनाने के लिए कथित रूप से बाध्य कर दिया जबकि वह नाबालिग थी। उस व्यक्ति ने उसे संबंध आगे भी बनाए रखने के लिए धमकी भी दी।
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जानकारी के अनुसार पांच जनवरी 2019 को पीड़िता की उस व्यक्ति से शादी करा दी गई, तब वह नाबालिग थी। मौलवी ने सारे रीति-रिवाज कराए। पीड़िता ने अपनी शिकायत में मौलवी को आरोपी बनाया है। बता दें, अदालत के आदेश में पीड़िता का उम्र स्पष्ट नहीं किया गया है।
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पीड़िता की शिकायत के मुताबिक उससे शादी के तीन महीने बाद उसका शौहर यह दावा करते हुए किसी और महिला को घर ले आया कि यह उसकी पहली पत्नी है, जिससे उसने 24 दिसंबर, 2018 में शादी की थी।
शिकायतकर्ता ने यह आरोप भी लगाया कि शादी के बाद वह दो बार गर्भवती हुई और दोनों ही बार उसके पति ने उसे गर्भपात के लिए बाध्य किया। उसने यह भी कहा कि उन दोनों के बीच अक्सर झगड़ा होता था और उसका पति उसे पीटता था।
शिकायकर्ता का कहना है कि वह 10 दिसंबर, 2020 को अपने पति का घर छोड़कर मायके आ गई। पिछले महीने उसने प्राथमिकी दर्ज कराई, जिसमें उसने मौलवी को आरोपी के तौर पर नामजद किया गया है।
वहीं, मौलवी ने यह कहते हुए जमानत की अर्जी लगाई कि शादी के फॉर्म में शिकायतकर्ता की उम्र 18 बताई गई है और उसने दोनों को बालिग समझकर मुस्लिम परंपरा के अनुसार उनका निकाह कराया। मौलवी ने इस मामले में उसे गलत ढंग से फंसाने का आरोप लगाया है।