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Maharashtra: तीन साल में 15 हजार से ज्यादा नाबालिग लड़कियां हुईं गर्भवती, 16 आदिवासी जिलों में बढ़े मामले
Wed, 22 Mar 2023 02:46 AM IST
गुलाम अहमद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: गुलाम अहमद
Updated Wed, 22 Mar 2023 02:46 AM IST
सार
महाराष्ट्र के महिला एवं बाल विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने मंगलवार को विधान परिषद में बताया कि जुटाई गई जानकारी में राज्य के 16 आदिवासी बहुल जिलों में पिछले तीन वर्षों में 15,253 किशोरवय लड़कियां मां बनी हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
महाराष्ट्र में बाल विवाह के चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं। राज्य के आदिवासी जिलों में बीते तीन साल में 15 हजार से अधिक नाबालिग लड़कियां गर्भवती हुई हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने मंगलवार को विधान परिषद में यह जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि जुटाई गई जानकारी में राज्य के 16 आदिवासी बहुल जिलों में पिछले तीन वर्षों में 15,253 किशोरवय लड़कियां मां बनी हैं।
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मंत्री लोढा विधान परिषद में बाल विवाह पर एक सवाल का जवाब दे रहे थे। लोढ़ा ने एक लिखित जवाब में कहा कि जो आंकड़े सामने आए हैं उसके अनुसार विभाग ने इसकी जानकारी जुटाने के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। यह पूछे जाने पर कि क्या राज्य में पिछले तीन वर्षों में 15,000 से अधिक बाल विवाह की सूचनाएं मिली हैं और क्या इनमें से 10 फीसदी को रोका जा सका है। इस पर लोढ़ा ने अपने लिखित उत्तर में कहा कि यह आंशिक रूप से सच है।
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कुछ जनजातियों की परंपरा का हिस्सा है बाल विवाह: लोढ़ा
मंगल प्रभात लोढा ने कहा कि बाल विवाह कुछ जनजातियों में परंपरा का हिस्सा है। इसलिए ऐसे मामलों की पहचान करना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने माना कि राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के अनुसार, केरल की तुलना में महाराष्ट्र में बाल विवाह की अधिक घटनाएं हुई हैं। साल 2019 से 2021 के बीच बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत 152 आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 136 अदालत में हैं।
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