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जालना: शिवाजी की प्रतिमा हटाने और गोपीनाथ मुंडे पर गेट का नाम रखने को लेकर दो गुट भिड़े, 30 पुलिसकर्मी घायल
Fri, 13 May 2022 06:42 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालना
Published by: Amit Mandal
Updated Fri, 13 May 2022 06:42 PM IST
सार
पुलिस ने आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत तीन प्राथमिकी दर्ज की हैं, जिसमें 300 से अधिक लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया और 34 को गिरफ्तार कर लिया गया।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
महाराष्ट्र के जालना जिले के एक गांव में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा लगाने और हटाने और गांव के प्रवेश द्वार का नामकरण दिवंगत भाजपा नेता गोपीनाथ मुंडे के नाम पर करने को लेकर दो समूहों के बीच हुई हिंसक झड़प में 30 से अधिक पुलिसकर्मी मामूली रूप से घायल हो गए। अधिकारियों ने शुक्रवार को कहा।
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पथराव में पुलिस अधीक्षक सहित कई घायल
उन्होंने बताया कि राज्य की राजधानी से 400 किलोमीटर से अधिक दूर भोकरदान तहसील के हसनाबाद थाना क्षेत्र के चंदई एको गांव में गुरुवार को हुए पथराव में क्षेत्र के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक घायल हो गए। एक अधिकारी ने कहा कि प्रतिमा को लेकर दो समूहों में बहस हो गई और साथ ही प्रवेश द्वार का नाम भाजपा नेता के नाम पर रखा गया। जैसे ही यह हिंसक हाथापाई में बदल गया, हसनाबाद पुलिस स्टेशन की एक टीम स्थिति को नियंत्रित करने के लिए घटनास्थल पर पहुंची।
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शाम को गांव के एक समूह ने एक सड़क को अवरुद्ध कर दिया और फिर मार्ग को साफ करने पहुंचे पुलिस दल पर पथराव कर दिया। मामूली रूप से घायल होने वाले 30 पुलिसकर्मियों में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रांत देशमुख हैं। पुलिस ने बताया कि भीड़ को नियंत्रण में लाने और कानून व्यवस्था बहाल करने के लिए गैस के गोले का इस्तेमाल करना पड़ा। इस घटना में तीन पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। पुलिस ने आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत तीन प्राथमिकी दर्ज की हैं, जिसमें 300 से अधिक लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया और 34 को गिरफ्तार कर लिया गया।
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एक अधिकारी के अनुसार, लड़ाई तब शुरू हुई जब एक समूह चाहता था कि गांव के प्रवेश द्वार का नाम छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम पर रखा जाए और यहां स्थापित मूर्ति को हटाने का विरोध करने लगे। एक अन्य समूह ने मांग की कि गेट का नाम मुंडे के नाम पर रखा जाए। जब स्थानीय अधिकारी मूर्ति को हटाने के लिए खुदाई करने आए तो तनाव बढ़ गया जिसके परिणामस्वरूप मशीन पर पथराव हुआ और फिर एक-दूसरे पर पथराव शुरू हो गया।