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Maharashtra Crisis: उद्धव सरकार पर संकट गहराया, राजनीतिक दलों के दफ्तर के बाहर पुलिस तैनात, मुंबई में 10 जुलाई तक धारा 144 लागू
Sat, 25 Jun 2022 04:37 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: Amit Mandal
Updated Sat, 25 Jun 2022 04:37 PM IST
सार
शिवसेना के अधिकांश विधायकों ने मंत्री एकनाथ शिंदे के प्रति अपनी वफादारी दिखाई है और गुवाहाटी में डेरा डाले हुए हैं।
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Uddhav Thackeray
- फोटो : ANI
विस्तार
एकनाथ शिंदे के विद्रोह के बाद शिवसेना कार्यकर्ताओं में गुस्से के बीच मुंबई पुलिस ने सुरक्षा के तौर पर मंत्रियों, विधायकों और सांसदों सहित विभिन्न राजनीतिक दलों और नेताओं के शहर स्थित कार्यालयों और उनके आवासों पर अपने कर्मियों को तैनात किया है। एक अधिकारी ने शनिवार को कहा कि मुंबई पुलिस आयुक्त संजय पांडे की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में सतर्क रहने और सुरक्षा मुहैया कराने के निर्देश दिए गए।
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निषेधाज्ञा 10 जुलाई तक लागू रहेगी
राज्यसभा चुनाव से पहले जून के पहले सप्ताह में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत शहर की पुलिस द्वारा जारी निषेधाज्ञा 10 जुलाई तक लागू रहेगी। इस धारा के तहत एक स्थान पर पांच या अधिक व्यक्ति एकत्र नहीं हो सकते हैं। शिवसेना के अधिकांश विधायकों ने मंत्री एकनाथ शिंदे के प्रति अपनी वफादारी दिखाई है और गुवाहाटी में डेरा डाले हुए हैं। इन्होंने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार को संकट में डाल दिया है। राज्य के कुछ हिस्सों में बागी विधायकों के कार्यालयों पर हमले की कुछ घटनाएं हुई हैं।
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पुलिसकर्मियों को सतर्क रहने के निर्देश
शहर के पुलिसकर्मियों को सतर्क रहने और शहर में कानून व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए कहा गया है। बैठकों और राजनीतिक कार्यक्रमों के दौरान उन्हें राजनीतिक दलों के स्थानीय नेताओं के साथ समन्वय करने और अपने कार्यक्रमों, आंदोलन और बंदोबस्त की तैनाती से संबंधित जानकारी अग्रिम रूप से प्राप्त करने का निर्देश दिया गया है। पुलिस ने कहा कि विशेष शाखा के अधिकारियों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नजर रखने और आपत्तिजनक सामग्री, संदेश, वीडियो पोस्ट करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा गया है।
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राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता कानून को हाथ में न लें
उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता कानून को हाथ में न लें, हिंसा में शामिल न हों या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान न पहुंचाएं। अधिकारियों को उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। अधिकारी ने कहा कि पुलिस कर्मचारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया है कि कहीं भी कोई आपत्तिजनक बैनर और होर्डिंग न लगे। डीसीपी ऑपरेशंस द्वारा इस महीने की शुरुआत में जारी निषेधाज्ञा, शांति भंग और सार्वजनिक शांति भंग की संभावना को देखते हुए पांच और लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगाती है।