Jallikattu Arena: तमिलनाडु में करुणानिधि के नाम पर स्टेडियम, कांस्य प्रतिमा भी बनी; CM स्टालिन ने किया उद्घाटन
तमिलनाडु में पूर्व मुख्यमंत्री करुणानिधि की कांस्य प्रतिमा बनाई गई है। प्रदेश के पारंपरिक खेल- जल्लीकट्टू के लिए बने स्टेडियम का नाम भी इनके नाम पर हुआ है। मदुरै में आयोजित समारोह में सीएम एमके स्टालिन ने प्रतिमा का उद्घाटन करने के साथ-साथ जल्लीकट्टू एरिना की शुरुआत को गर्व का लम्हा करार दिया।
विस्तार
#WATCH | Tamil Nadu CM MK Stalin unveiled a bronze statue of former CM and late DMK leader M Karunanidhi at the newly constructed Kalaignar Centenary Jallikattu Arena in Keelakarai near Alanganallur in Madurai district. pic.twitter.com/pZmwpxLOM7
— ANI (@ANI) January 24, 2024विज्ञापन
पिता की कांस्य प्रतिमा का उद्घाटन, मदुरै में जल्लीकट्टू खेल का भी आयोजन
सीएम स्टालिन ने कहा, उन्हें इस बात पर काफी गर्व है कि वे इतिहास में जल्लीकट्टू स्टेडियम का निर्माण कराने वाले मुख्यमंत्री के रूप में जाने जाएंगे। उन्होंने कहा कि स्टेडियम के उद्घाटन के मौके पर पूर्व सीएम की कांस्य प्रतिमा का भी अनावरण किया गया है। बता दें कि स्टालिन ने मदुरै जिले में अलंगनल्लूर के पास कीलाकराई में नवनिर्मित कलैगनार शताब्दी जल्लीकट्टू अखाड़े का उद्घाटन किया। नवनिर्मित कलैगनार शताब्दी जल्लीकट्टू अखाड़े में जल्लीकट्टू खेल का आयोजन भी किया गया।
#WATCH | Tamil Nadu CM MK Stalin inaugurates the newly-constructed Kalaignar Centenary Jallikattu Arena in Keelakarai near Alanganallur in Madurai district today.
— ANI (@ANI) January 24, 2024
The stadium is named after former CM and late DMK leader M Karunanidhi. pic.twitter.com/9SCXIKLYhw
जल्लीकट्टू की प्रतियोगिता में CM स्टालिन मुख्य अतिथि
स्टेडियम का उद्घाटन करने के बाद स्टालिन ने जल्लीकट्टू की प्रतियोगिता को हरी झंडी भी दिखाई। बता दें कि जल्लीकट्टू तमिलनाडु के ग्रामीण इलाकों में खेला जाने वाला पारंपरिक खेल है, जिसमें बैलों की इंसानों से लड़ाई होती है। जल्लीकट्टू से जुड़ा एक रोचक तथ्य यह भी है कि मानवाधिकार और पशु अधिकार कार्यकर्ताओं की दलीलों को सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था।#WATCH | Tamil Nadu CM MK Stalin flags off the Jallikattu event at the newly constructed Kalaignar Centenary Jallikattu Arena in Keelakarai near Alanganallur in Madurai district. pic.twitter.com/oofMo1VEnh
— ANI (@ANI) January 24, 2024
तमिलनाडु में सदियों पुरानी है परंपरा
जल्लीकट्टू एक सदियों पुराना कार्यक्रम है, जो तमिलनाडु में पोंगल के अवसर पर आयोजित किया जाता है। प्रतिभागी को टैमर कहा जाता है। उसे बैल के कूबड़ पर लटकना होता है। समय की गणना के आधार पर विजेता चुना जाता है। जल्लीकट्टू को तमिलनाडु के गौरव और संस्कृति का प्रतीक भी माना जाता है। तमिलनाडु में मट्टू पोंगल के हिस्से के रूप में प्रचलित इस चार दिवसीय उत्सव में मवेशियों की अहम भूमिका होती है। तमिल शब्द 'मट्टू' का अर्थ बैल होता है। पोंगल का तीसरा दिन मवेशियों को समर्पित होता है, जो खेती में एक प्रमुख भागीदार हैं।#WATCH मदुरै: तमिलनाडु के मदुरै में नवनिर्मित कलैगनार शताब्दी जल्लीकट्टू अखाड़े में जल्लीकट्टू खेल का आयोजन किया गया। https://t.co/E0YGGwUaOO pic.twitter.com/yvE15wM32Z
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 24, 2024