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कार्ति चिदंबरम के खिलाफ लुकआउट नोटिस पर सरकार को झटका, हाईकोर्ट ने लगाई रोक
amarujala.com- Presented by: श्रवण शुक्ला
Updated Thu, 10 Aug 2017 04:54 PM IST
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कार्ति चिदंबरम
- फोटो : reuters
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मद्रास हाईकोर्ट ने सीबीआई के लुकआउट नोटिस पर रोक लगा दी है। ये लुकआउट नोटिस कार्ति चिदंबरम के खिलाफ जारी हुआ था, जिसमें ईडी और सीबीआई की जांच पूरी होने तक उनके देश छोड़ने पर रोक लगा दी गई थी। कार्ति ने इसके खिलाफ मद्रास हाईकोर्ट में अपील की थी, जिसपर मद्रास हाईकोर्ट ने स्टे ऑर्डर जारी कर दिया। साथ ही केंद्र से 4 सितंबर से काउंटर एफिडेविट भी फाइल करने को कहा है।
पी चिदंबरम के बेटे कार्ति ने ली कोर्ट की शरण, CBI ने जारी किया है लुकऑउट नोटिस
मद्रास हाईकोर्ट के जस्टिस एम डुराईस्वामी ने सीबीआई के एलओसी(लुकईउट सर्कुलर) को रद्द करने के लिए कार्ति चिदंबर की तरफ से दायर की गई अपील पर सुनवाई की। उन्होंने कार्ति चिदंबरम की ओर से पेश हुए सीनियर काउंसेल गोपाल सुब्रमण्यम, सतीश परासरन और उनके 4 सहयोगियों की दलीलें सुनी, साथ ही सरकार की तरफ से कोर्ट में पेश हुए देश के एडिशनल सॉलिसिटर-जनरल जी राजगोपालन की भी दलीलें सुनी और अपना अंतरिम आदेश दिया। साथ ही केंद्र सरकार को निर्देश दिए कि वो 4 सितंबर तक काउंटर एफिडेविट फाइल करे।
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कार्ति चिदंबरम की तरफ से कहा गया कि ये एलओसी राजनीतिक दबाव की वजह से जारी किया गया है, इसलिए इसे रद्द कर दिया जाए। बता दें कि 16 जून को कार्ति चिदंबरम और उनके 4 सहयोगियों सीबीएन रेड्डी, रवि विस्वनाथन, मोहनन राजेश और एस भास्कररमन के खिलाफ 18 जून को लुकआउट नोटिस जारी किया था।
इस लुकऑउट नोटिस में कार्ति से कहा गया था कि अगर विदेश जाना जरूरी हो, तो उन्हें सीबीआई और ईडी को इसकी पहले से जानकारी देनी होगी। इसके साथ ही उन्हें अपनी यात्रा के बारे में पूरी जानकारी देनी होगी। इसके बावजूद वो तबतक देश नहीं छोड़ सकते, जबतक जांचकर्ता उन्हें मंजूरी न दे दें। कार्ति चिदंबरम ने सभी आरोपों को नकारा है और कहा है कि ये सारे मामले राजनीति से प्रेरित हैं।
गौरतलब है कि कार्ति चिदंबरम देश के पूर्व वित्तमंत्री और कांग्रेस के बड़े नेता पी. चिदंबरम के पुत्र हैं। उनपर आरोप है कि उन्होंने भ्रष्टाचार कर काफी दौलत इकट्ठा की। उनपर विदेशी मुद्रा के भी हेर-फेर के आरोप हैं। कार्ति चिदंबरम के खिलाफ बड़े पैमाने पर सीबीआई और ईडी की जांच चल रही है। इसी कड़ी में सीबीआई ने लुकऑउट नोटिस जारी किया था, ताकि वो देश छोड़कर भाग न सकें। पर अब कोर्ट ने उस लुकआउट नोटिस पर स्टे ऑर्डर जारी कर दिया है।
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मद्रास हाईकोर्ट के जस्टिस एम डुराईस्वामी ने सीबीआई के एलओसी(लुकईउट सर्कुलर) को रद्द करने के लिए कार्ति चिदंबर की तरफ से दायर की गई अपील पर सुनवाई की। उन्होंने कार्ति चिदंबरम की ओर से पेश हुए सीनियर काउंसेल गोपाल सुब्रमण्यम, सतीश परासरन और उनके 4 सहयोगियों की दलीलें सुनी, साथ ही सरकार की तरफ से कोर्ट में पेश हुए देश के एडिशनल सॉलिसिटर-जनरल जी राजगोपालन की भी दलीलें सुनी और अपना अंतरिम आदेश दिया। साथ ही केंद्र सरकार को निर्देश दिए कि वो 4 सितंबर तक काउंटर एफिडेविट फाइल करे।
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Madras High Court gives interim stay for the lookout notice issued against Karti Chidambaram. Court stays the notice till September 4th.
— ANI (@ANI) August 10, 2017
कार्ति चिदंबरम की तरफ से कहा गया कि ये एलओसी राजनीतिक दबाव की वजह से जारी किया गया है, इसलिए इसे रद्द कर दिया जाए। बता दें कि 16 जून को कार्ति चिदंबरम और उनके 4 सहयोगियों सीबीएन रेड्डी, रवि विस्वनाथन, मोहनन राजेश और एस भास्कररमन के खिलाफ 18 जून को लुकआउट नोटिस जारी किया था।
इस लुकऑउट नोटिस में कार्ति से कहा गया था कि अगर विदेश जाना जरूरी हो, तो उन्हें सीबीआई और ईडी को इसकी पहले से जानकारी देनी होगी। इसके साथ ही उन्हें अपनी यात्रा के बारे में पूरी जानकारी देनी होगी। इसके बावजूद वो तबतक देश नहीं छोड़ सकते, जबतक जांचकर्ता उन्हें मंजूरी न दे दें। कार्ति चिदंबरम ने सभी आरोपों को नकारा है और कहा है कि ये सारे मामले राजनीति से प्रेरित हैं।
गौरतलब है कि कार्ति चिदंबरम देश के पूर्व वित्तमंत्री और कांग्रेस के बड़े नेता पी. चिदंबरम के पुत्र हैं। उनपर आरोप है कि उन्होंने भ्रष्टाचार कर काफी दौलत इकट्ठा की। उनपर विदेशी मुद्रा के भी हेर-फेर के आरोप हैं। कार्ति चिदंबरम के खिलाफ बड़े पैमाने पर सीबीआई और ईडी की जांच चल रही है। इसी कड़ी में सीबीआई ने लुकऑउट नोटिस जारी किया था, ताकि वो देश छोड़कर भाग न सकें। पर अब कोर्ट ने उस लुकआउट नोटिस पर स्टे ऑर्डर जारी कर दिया है।